Agniveers New Rules: जो अग्निवीर परमानेंट सैनिक बनना चाहते हैं, वे तब तक शादी नहीं कर सकते, जब तक उन्हें सेना में पक्की नौकरी नहीं मिल जाती. जीहां भारतीय सेना ने अग्निवीरों को लेकर एक सख्त और अहम फैसला लिया है जो अग्निवीर भविष्य में भारतीय सेना में पक्के सैनिक बनना चाहते हैं, उन्हें शादी के लिए इंतजार करना होगा या यूं कहें एक बार सेना में परमानेंट जॉइन करने के बाद वे सुविधा और इच्छा के अनुसार कभी भी विवाह कर सकते हैं. तब उनपर उस समय यह पाबंदी लागू नहीं होगी. सेना के अनुसार, चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष और अनुशासित बनाए रखने के लिए यह नियम लागू किया गया है. पहले विवाह किया तो न स्थायी सैनिक के लिए आवेदन कर सकेगा और न चयन प्रक्रिया में शामिल हो पाएगा भारतीय सेना के नए नियम से अग्निवीरों में अनुशासन बना रहेगा और पूरी निष्ठा के साथ अपनी ड्यूटी निभा सकेंगे.
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सभी अग्निवीरों पर समान रूप से लागू होगा नियम
अगर कोई अग्निवीर इस प्रक्रिया के दौरान या पक्का सैनिक बनने से पहले विवाह कर लेता है तो वह पक्की सेवा के लिए अयोग्य माना जाएगा. ऐसे अग्निवीर न तो परमानेंट सैनिक बनने के लिए आवेदन कर पाएंगे और न ही चयन प्रक्रिया का हिस्सा बन सकेंगे. यह नियम सभी अग्निवीरों पर समान रूप से लागू होगा. सेना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जब तक अंतिम सूची जारी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी अग्निवीर को शादी नहीं करनी चाहिए.
अग्निवीर योजना की शुरुआत 2022 में
अग्निवीर योजना की शुरुआत वर्ष 2022 में हुई थी और इसके तहत भर्ती हुए पहले बैच की चार साल की सेवा अब पूरी होने वाली है. भारतीय सेना का कहना है कि यह फैसला चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और अनुशासित बनाए रखने के लिए लिया गया है. सेना चाहती है कि अग्निवीर इस महत्वपूर्ण अवधि में पूरी निष्ठा और अनुशासन के साथ अपनी ड्यूटी निभाएं और किसी भी तरह के निजी दबाव से दूर रहें.
अग्निवीरों के लिए शादी पर नया नियम
सेवा पूरी होने के बाद अग्निवीरों को स्थायी सैनिक बनने के लिए चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा, जिसमें शारीरिक दक्षता, लिखित परीक्षा और प्रदर्शन को आधार बनाया जाएगा. सेना ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो अग्निवीर स्थायी सैनिक के रूप में चयनित हो जाएंगे, उन्हें नियुक्ति मिलने के बाद शादी करने की पूरी छूट होगी. तब उन पर यह पाबंदी लागू नहीं होगी. इस नियम से सेना में अनुशासन मजबूत होगा और अग्निवीर पूरी जिम्मेदारी के साथ देश सेवा कर सकेंगे.










