राजस्थान के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय वायुसेना जल्द अपनी बढ़ती ड्रोन ताकत का प्रदर्शन करने जा रही है. अगस्त 2026 के आखिरी हफ्ते और सितंबर के पहले हफ्ते में होने वाले इस खास कार्यक्रम में भारत में बनाए गए कई आधुनिक अनमैन्ड सिस्टम की ताकत दिखाई जाएगी. इस शक्ति प्रदर्शन में वायुसेना का फोकस खास तौर पर लंबी दूरी तक हमला करने वाले ड्रोन और स्वार्म ड्रोन पर रहेगा. इसके अलावा वन-वे अटैक ड्रोन, लॉन्ग रेंज लोइटरिंग म्यूनिशन और कार्गो अनमैन्ड एरियल व्हीकल यानी UAV भी अपनी क्षमता दिखाएंगे.
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1000 Km से ज्यादा की मारक क्षमता वाले ड्रोन
इस प्रोग्राम में ऐसे ड्रोन सिस्टम की ताकत भी दिखाई जाएगी, जिनकी मारक क्षमता 1000 किलोमीटर से ज्यादा बताई जा रही है. इसके अलावा करीब 300 किलोमीटर तक की दूरी पर हमला करने वाले स्वार्म ड्रोन भी प्रदर्शन का हिस्सा होंगे. स्वार्म ड्रोन का मतलब ऐसे ड्रोन का ग्रुप है, जो एक साथ काम कर सकता है. आधुनिक युद्ध में इस तरह की तकनीक को काफी अहम माना जा रहा है. इस कार्यक्रम में रक्षा क्षेत्र से जुड़ी कई भारतीय कंपनियां भी हिस्सा लेंगी. ये कंपनियां 'मेक इन इंडिया' और आत्मनिर्भर भारत के तहत तैयार किए जा रहे अलग-अलग ड्रोन और अनमैन्ड सिस्टम का प्रदर्शन करेंगी.
भविष्य की जंग में ड्रोन की बढ़ती भूमिका
डिफेंस इंडस्ट्री की ओर से कई तरह के वन-वे अटैक ड्रोन भी दिखाए जाएंगे. ऐसे ड्रोन का इस्तेमाल रूस-यूक्रेन युद्ध और ईरान से जुड़े संघर्षों में बड़े स्तर पर देखा गया है. इनका इस्तेमाल लक्ष्य पर हमला करने के लिए किया जाता है. रूस-यूक्रेन युद्ध ने आधुनिक युद्ध में ड्रोन की अहमियत को पूरी दुनिया के सामने रखा है. कम लागत में निगरानी, टारगेट की पहचान और हमला करने की क्षमता के कारण ड्रोन अब सैन्य रणनीति का अहम हिस्सा बनते जा रहे हैं. भारतीय वायुसेना भी भविष्य की युद्ध जरूरतों को देखते हुए अपने बेड़े में ज्यादा से ज्यादा आधुनिक अटैक ड्रोन और अनमैन्ड सिस्टम शामिल करने पर जोर दे रही है.
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