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देश

समुद्र में भी छिप नहीं पाएगा दुश्मन, अंतरिक्ष से नजर रखेगी भारत की ये सैटेलाइट, ताकत जान कांप जाएगा पाकिस्तान!

आपको जानकर हैरानी होगी कि इसका वजन 4400 किलोग्राम का है, जिसे व्हीकल LVM3 रॉकेट जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (जीटीओ) में ले जाने के लिए पूरी तरह तैयार है.

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Written By: Akarsh Shukla Updated: Nov 1, 2025 19:29

Communication Satellite CMS-03: भारत अपनी सीमा सुरक्षा और दुश्मनों पर नजर रखने के लिए अपनी तकनीक और हथियारों को लगातार अपग्रेड कर रहा है. इसी क्रम में रविवार (2 नवंबर) को भारत का फेमस लॉन्च व्हीकल LVM3 (लॉन्च व्हीकल मार्क-3) रॉकेट अपनी पांचवीं उड़ान LVM3-M5 के लिए तैयार है. इस लॉन्च का मकसद देश के सबसे वजनी संचार उपग्रह CMS-03 को अंतरिक्ष में स्थापित करना है, जो भारतीय नौसेना के लिए बेहद मदगार साबित होने वाला है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक इस उपग्रह से समुद्री इलाकों में संचार को मजबूती मिलेगी, बल्कि ऑपरेशन सिंदूर जैसे ऑपरेशन को और अधिक सटीकता से अंजाम देने में भी सफलता मिलेगी.

अपने पांचवें सफर पर निकलेगा व्हीकल LVM3 रॉकेट

आपको बता दें कि भारत का व्हीकल LVM3 रॉकेट सबसे ताकतवर स्पेस लोडर रॉकेट है, जो भारी से भारी उपग्रह को अंतरिक्ष तक पहुंचा सकता है. अब तक अपने चार बार के सफर ने इसने शानदार काम किया है. संचार उपग्रह CMS-03 से पहले इससे चंद्रयान-3 की लॉन्चिंग की गई थी, जिसमें भारत को पहली बार चांद के दक्षिणी ध्रुव के सतह पर उपग्रह उतारने में सफलता मिली. अब लॉन्च व्हीकल मार्क-3 भारत के भारी उपग्रह CMS-03 को अंतरिक्ष के सफर पर ले जाने के लिए पूरी तरह तैयार है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक व्हीकल LVM3 को 2 नवंबर की शाम 5:26 बजे श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से लॉन्च किया जाएगा. आप इस लॉन्च को इंडियन स्पेस रिसर्च सेंटर (ISRO) के यूट्यूब चैनल पर लाइव देख सकते हैं.

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कितना ताकतवर है उपग्रह CMS-03?

कम्यूनिकेशन सैटेलाइट मिशन- 03 (CMS-03) एक बेहद उन्नत मल्टी-बैंड संचार उपग्रह है, जो कई तरह की रेडियो तरंगों पर काम करने में सक्षम है. आपको जानकर हैरानी होगी कि इसका वजन 4400 किलोग्राम का है, जिसे व्हीकल LVM3 रॉकेट जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (जीटीओ) में ले जाने के लिए पूरी तरह तैयार है. CMS-03 अब तक का सबसे भारी उपग्रह होगा, जिसे जीटीओ में भेजा जाने वाला है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जीटीओ अंतरिक्ष की वो जगह है जहां उपग्रह बड़ी आसानी से जियोस्टेशनरी ऑर्बिट में पहुंच जाता है, जहां से उपग्रह पृथ्वी का चक्कर काटता है और लगतार स्पेस सेंटर और अन्य संस्थानों के संपर्क में रहता है.

ये उपग्रह कैसे करेगा भारत की सुरक्षा में योगदान?

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जियोस्टेशनरी ऑर्बिट में पहुंचने के बाद कम्यूनिकेशन सैटेलाइट मिशन- 03 अगले सात वर्षों तक भारत की सुरक्षा में अपना योगदान देगा. इस उपग्रह का इस्तेमाल देश के समुद्री इलाकों और बेहद सेंसिटिव जमीनी एरिया पर नजर रखने के लिए किया जाएगा. उपग्रह से इंटरनेट कनेक्टिविटी, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और सेफ डेटा ट्रांसमिशन जैसी सुविधाएं होंगी. CMS-03 को देश का सबसे ज्यादा संचार क्षमता वाला उपग्रह बताया जा रहा है, जिससे देश नौसेना को सुरक्षित और तेज कम्यूनिकेशन मिलेगा. ये खबर पाकिस्तान के लिए जरूर झटका देने वाली है, क्योंकि अब उसकी हर नापाक हरकत पर भारत पर नजर होगी.

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First published on: Nov 01, 2025 07:29 PM

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