News24 हिंदी
न्यूज 24 डेस्क प्रतिष्ठित पत्रकारों की पहचान है। इससे कई पत्रकार देश-दुनिया, खेल और मनोरंजन जगत की खबरें साझा करते हैं।
Read More---विज्ञापन---
भारत अपने पासपोर्ट सिस्टम का मॉडर्नाइजिंग(आधुनिकीकरण) कर रहा है, जिसमें सुरक्षा बढ़ाने और इसे सरल बनाने के लिए RFID चिप वाले ई-पासपोर्ट पेश किए जा रहे हैं। प्राइवेसी के लिए पासपोर्ट से रेजिडेंशियल एड्रेस हटा दिए जाएंगे और डाइवर्स फैमिली स्ट्रक्चर को एकमोडेट(समायोजित) करने के लिए पैरेंट्स के नाम अब शामिल नहीं किए जाएंगे। पासपोर्ट में सुधार के लिए, भारत सरकार 2030 तक पासपोर्ट सेवा केंद्रों की संख्या बढ़ाने की योजना बना रही है।
भारतीय पासपोर्ट 2.0 अब भारत का पासपोर्ट नई डिजिटल दुनिया में प्रवेश कर चुका है और 2025 में सभी तरह के आधुनिकीकरण के लिए तैयार है। कई बड़े बदलाव किए गए हैं जिनका उद्देश्य सुरक्षा, गोपनीयता और पहुँच को बढ़ाना है। जो लोग भारतीय पासपोर्ट में बड़े बदलावों के बारे में विचार कर रहे हैं उनके लिए ये 5 बातें जान लेना बेहद जरूरी है, जो आपके काम आ सकेंगी।
बता दें कि ई-पासपोर्ट की शुरुआत भारत ने गोवा और रांची सहित कुछ शहरों में चिप-अनेबल, ई-पासपोर्ट शुरू कर दिया है। शायद आप लोगों को नहीं पता होगा तो बता दें कि इन पासपोर्ट में RFID चिप लगी होती हैं जो बायोमेट्रिक और व्यक्तिगत डेटा को सुरक्षित रूप से एंबेडेड करती हैं। इसमें फिंगरप्रिंट और तस्वीरें शामिल होंगी। इस डिजिटल एडवांसमेंट का उद्देश्य पहचान की चोरी और धोखाधड़ी के जोखिम को कम करके आव्रजन(बोल्स्टर) प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना और सुरक्षा को मजबूत करना है।
एक मुख्य बात बता दें कि करेंट पासपोर्ट आवेदन को अपने मौजूदा पासपोर्ट को तुरंत बदलने की कोई जरूरत नहीं है। इसमें नए आवेदन पर ई-पासपोर्ट ऑप्शन अवेलेबल है।
ये भी पढ़ें: विशाखापत्तनम में योग का महासंगम, 2.5 लाख लोगों के साथ विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी
1 अक्टूबर, 2023 के बाद जन्म लेने वाले सभी लोगों को पासपोर्ट के लिए अपना बर्थ सर्टिफिकेट जमा करना होगा। बर्थ सर्टिफिकेट जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रार या जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के तहत नामित प्राधिकारी द्वारा जारी किया जाना चाहिए।
बता दें कि यह कुछ जरूरी दस्तावेजीकरण प्रक्रिया में ऑथेंटिसिटी और यूनिफॉर्मिटी(एकरूपता) सुनिश्चित करती है। इस तारीख से पहले जन्मे लोग आवेदक आधार, पैन कार्ड या स्कूल प्रमाणपत्र जैसे वैकल्पिक दस्तावेजों का उपयोग कर सकते हैं।
एक खास बात बता दें कि पासपोर्ट के अंतिम पेज पर आवासीय पता नहीं दिया होता है, लेकिन अब पासपोर्ट के अंतिम पेज पर अब एक बारकोड दिया जाएगा, जैसे ही आप स्कैन करेंगे आपके एड्रेस की पूरी जानकारी आपके फोन पर दिख जाएगा। इसे सिर्फ इमीग्रेशन ऑफिशियल द्वारा ही एक्सेस किया जा सकेगा।
भारत सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह नया नियम विकसित पारिवारिक संरचनाओं को भी दर्शाता है क्योंकि पैरेंट्स के नाम अब नए पासपोर्ट में शामिल नहीं किए जाएंगे। यह अपडेट डाइवर्स फैमिली स्ट्रक्चर(विविध पारिवारिक संरचना) वाले व्यक्तियों के लिए आवेदन प्रक्रिया को काफी सरल बना देता है, जिसमें सिंगल पैरेंट्स वाले परिवार और अलग-अलग परिवार के लोग शामिल हैं।
ये भी पढ़ेंः अमेरिकी सरकार से अलग हुए एलन मस्क, एक्स पर पोस्ट कर ट्रंप को बोला ‘थैंक्स’
बता दें कि इनमें सुधार के लिए सरकार ने 2030 तक पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्रों (पीओपीएसके) की संख्या 442 से बढ़ाकर 600 करने की योजना बनाई है। इसका उद्देश्य प्रोसेसिंग समय को कम करना और नागरिकों के लिए पासपोर्ट सेवाओं को ज्यादा सुविधाजनक बनाना है। खासकर जो ग्रामीण और अर्ध-शहरी के रहने वाले हैं। ये कदम भारत की पासपोर्ट सिस्टम के आधुनिकीकरण के प्रति कमिटमेंट को दर्शाता है।
न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।