तमिलनाडु में भाजपा को झटका देने के बाद और BJP की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद आखिरकार अन्नामलाई ने अपनी चुप्पी तोड़ दी है. बता दें कि अन्नामलाई ने न सिर्फ भाजपा से अलग होने के असली कारणों का खुलासा किया है, बल्कि तमिलनाडु की राजनीति के लिए अपना आगे का 'फ्यूचर प्लान' भी बता दिया है.
के. अन्नामलाई ने ऐलान किया है कि वे अब तमिलनाडु में एक नए राजनीतिक आंदोलन की शुरुआत करने जा रहे हैं. अन्नामलाई ने पार्टी छोड़ने की सबसे बड़ी वजह का खुलासा करते हुए कहा, 'मैं जनता के बीच रहकर उनके साथ चलना चाहता था. मेरी दृढ़ इच्छा थी कि भाजपा तमिलनाडु में हर चुनाव अकेले लड़े. मैंने तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी स्थानीय निकाय और अन्य चुनाव में अकेले उतरने को लेकर बात की थी.'
इसके अलावा उन्होंने मेकदातु बांध विवाद का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि जब कर्नाटक में डीके शिवकुमार बांध बनाना चाहते थे, तब भाजपा सरकार ने इसे रोका था, जो कि एक बड़ा नीतिगत मुद्दा था.
पीएम मोदी के लिए लिया फैसला
अन्नामलाई ने आगे कहा, 'मेरे दिल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अगाध सम्मान है. चूंकि मैं नहीं चाहता था कि मेरी वजह से उनके सामने कोई असहज स्थिति या मुद्दा खड़ हो, इसलिए मैंने शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की.'
18 महीनों से चल रही थी स्क्रिप्ट
उन्होंने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा, 'यह बातचीत आज शुरू नहीं हुई है, बल्कि पिछले 18 महीनों से चल रही थी. मैंने सबसे पहले 4 दिसंबर 2025 को ही पार्टी छोड़ने की इच्छा जता दी थी, लेकिन मुझे चुनाव का काम पूरा करने के लिए कहा गया था, इसलिए मैं रुक गया था.'
यह भी पढ़ें- राज्यसभा चुनाव से पहले BJP का बड़ा फैसला, आंध्र प्रदेश की इकलौती सीट छोड़ी, जानें 10 राज्यों में कितनी सीटें जीतने के समीकरण?
क्या है अन्नामलाई का फ्यूचर प्लान?
अन्नामलाई ने साफ कर दिया है कि वे राजनीति से संन्यास नहीं ले रहे हैं, बल्कि अब वे जमीन पर एक बड़ा राजनीतिक आंदोलन शुरू करेंगे. उन्होंने सोशल मीडिया (X) पर अपने नए आंदोलन 'अन्नामलाई मक्कल इयक्कम' (Annamalai Makkal Iyakkam - AMI) का ऐलान भी कर दिया है.
अन्नामलाई ने ट्वीट कर बताया कि आंदोलन के ऐलान के साथ ही उन्हें उम्मीद से कई गुना ज्यादा प्रतिक्रिया मिली है. उन्होंने लिखा, 'अन्नामलाई मक्कल इयक्कम (AMI) से जुड़ने के लिए अब तक 3,000 से अधिक वॉलंटियर्स ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है. जनता का यह भरोसा और उत्साह हमारी उम्मीदों से कहीं ज्यादा है. हमारी टीम आने वाले दिनों में हर एक वॉलंटियर से संपर्क करेगी. आपके समर्थन और सहयोग के लिए एक बार फिर धन्यवाद.'
अन्नामलाई के इस कदम के बाद यह साफ हो गया है कि वे तमिलनाडु में द्रविड़ राजनीति के स्थापित चेहरों (DMK और AIADMK) को टक्कर देने के लिए अपनी एक नई और स्वतंत्र जमीन तैयार करने में जुट गए हैं.
राष्ट्रीय दलों की भाषा को लेकर कही ये बात
तमिलनाडु में भाजपा से इस्तीफा देने वाले पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अन्नमलाई ने कहा कि राष्ट्रीय दल कभी भी तमिलनाडु की जनता को समझ आने वाली भाषा में बात नहीं करते हैं.
रजनीकांत से भी मिला था ऑफर
अन्नामलाई ने कहा कि साल 2020 में अभिनेता सुपर स्टार रजनीकांत ने उन्हें अपनी पार्टी में शामिल होने का निमंत्रण दिया था, लेकिन सम्मानवश उन्होंने उस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया था. उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने कई बार रजनीकांत के साथ राजनीति पर चर्चा की है.
भाजपा से अलग होने के बाद अन्नामलाई ने कहा कि 'वह अब अपनी नई राजनीतिक विचारधारा और राजनीतिक मंच का निर्माण करने जा रहे हैं.'
तमिलनाडु में भाजपा को झटका देने के बाद और BJP की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद आखिरकार अन्नामलाई ने अपनी चुप्पी तोड़ दी है. बता दें कि अन्नामलाई ने न सिर्फ भाजपा से अलग होने के असली कारणों का खुलासा किया है, बल्कि तमिलनाडु की राजनीति के लिए अपना आगे का ‘फ्यूचर प्लान’ भी बता दिया है.
के. अन्नामलाई ने ऐलान किया है कि वे अब तमिलनाडु में एक नए राजनीतिक आंदोलन की शुरुआत करने जा रहे हैं. अन्नामलाई ने पार्टी छोड़ने की सबसे बड़ी वजह का खुलासा करते हुए कहा, ‘मैं जनता के बीच रहकर उनके साथ चलना चाहता था. मेरी दृढ़ इच्छा थी कि भाजपा तमिलनाडु में हर चुनाव अकेले लड़े. मैंने तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी स्थानीय निकाय और अन्य चुनाव में अकेले उतरने को लेकर बात की थी.’
इसके अलावा उन्होंने मेकदातु बांध विवाद का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि जब कर्नाटक में डीके शिवकुमार बांध बनाना चाहते थे, तब भाजपा सरकार ने इसे रोका था, जो कि एक बड़ा नीतिगत मुद्दा था.
पीएम मोदी के लिए लिया फैसला
अन्नामलाई ने आगे कहा, ‘मेरे दिल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अगाध सम्मान है. चूंकि मैं नहीं चाहता था कि मेरी वजह से उनके सामने कोई असहज स्थिति या मुद्दा खड़ हो, इसलिए मैंने शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की.’
18 महीनों से चल रही थी स्क्रिप्ट
उन्होंने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा, ‘यह बातचीत आज शुरू नहीं हुई है, बल्कि पिछले 18 महीनों से चल रही थी. मैंने सबसे पहले 4 दिसंबर 2025 को ही पार्टी छोड़ने की इच्छा जता दी थी, लेकिन मुझे चुनाव का काम पूरा करने के लिए कहा गया था, इसलिए मैं रुक गया था.’
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क्या है अन्नामलाई का फ्यूचर प्लान?
अन्नामलाई ने साफ कर दिया है कि वे राजनीति से संन्यास नहीं ले रहे हैं, बल्कि अब वे जमीन पर एक बड़ा राजनीतिक आंदोलन शुरू करेंगे. उन्होंने सोशल मीडिया (X) पर अपने नए आंदोलन ‘अन्नामलाई मक्कल इयक्कम’ (Annamalai Makkal Iyakkam – AMI) का ऐलान भी कर दिया है.
अन्नामलाई ने ट्वीट कर बताया कि आंदोलन के ऐलान के साथ ही उन्हें उम्मीद से कई गुना ज्यादा प्रतिक्रिया मिली है. उन्होंने लिखा, ‘अन्नामलाई मक्कल इयक्कम (AMI) से जुड़ने के लिए अब तक 3,000 से अधिक वॉलंटियर्स ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है. जनता का यह भरोसा और उत्साह हमारी उम्मीदों से कहीं ज्यादा है. हमारी टीम आने वाले दिनों में हर एक वॉलंटियर से संपर्क करेगी. आपके समर्थन और सहयोग के लिए एक बार फिर धन्यवाद.’
अन्नामलाई के इस कदम के बाद यह साफ हो गया है कि वे तमिलनाडु में द्रविड़ राजनीति के स्थापित चेहरों (DMK और AIADMK) को टक्कर देने के लिए अपनी एक नई और स्वतंत्र जमीन तैयार करने में जुट गए हैं.
राष्ट्रीय दलों की भाषा को लेकर कही ये बात
तमिलनाडु में भाजपा से इस्तीफा देने वाले पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अन्नमलाई ने कहा कि राष्ट्रीय दल कभी भी तमिलनाडु की जनता को समझ आने वाली भाषा में बात नहीं करते हैं.
रजनीकांत से भी मिला था ऑफर
अन्नामलाई ने कहा कि साल 2020 में अभिनेता सुपर स्टार रजनीकांत ने उन्हें अपनी पार्टी में शामिल होने का निमंत्रण दिया था, लेकिन सम्मानवश उन्होंने उस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया था. उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने कई बार रजनीकांत के साथ राजनीति पर चर्चा की है.
भाजपा से अलग होने के बाद अन्नामलाई ने कहा कि ‘वह अब अपनी नई राजनीतिक विचारधारा और राजनीतिक मंच का निर्माण करने जा रहे हैं.’