मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच देश में रसोई गैस और तेल की किल्लत की अफवाहों पर भारत सरकार ने विराम लगा दिया है. सरकार ने देश को आश्वस्त किया है कि भारत की क्रूड ऑयल और गैस सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि पैनिक बुकिंग की जरूरत नहीं है, क्योंकि गैस की सप्लाई और वितरण प्रणाली सामान्य रूप से काम कर रही है.
सरकार ने कहा कि LPG सिलेंडर की बुकिंग के बाद औसतन ढाई दिन के भीतर डिलीवरी सुनिश्चित की जाएगी. हालांकि, जमाखोरी रोकने के लिए दो सिलेंडरों के बीच 25 दिनों का अनिवार्य गैप रखा गया है. सरकार ने यह भी बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लागत बढ़ने के बावजूद इसका बड़ा हिस्सा सरकार खुद वहन कर रही है, जिसके कारण भारत में LPG की कीमत पड़ोसी देशों के मुकाबले काफी कम है.
यह भी पढ़ें : कहीं रेस्तरां बंद तो कहीं डोसे-पूड़ी पर बैन… क्या जंग के बीच आपकी रसोई में घुस आई LPG किल्लत?
भारत ने अपनी रणनीति बदलते हुए अब 40 देशों से कच्चा तेल मंगाना शुरू कर दिया है. सबसे अहम बात यह है कि अब 70% क्रूड हॉर्मुज जलडमरूमध्य के बजाय दूसरे सुरक्षित समुद्री रास्तों से आ रहा है. रिफाइनरियां 100% क्षमता पर काम कर रही हैं, जिससे LPG उत्पादन में 25% का इजाफा हुआ है.
पाइप्ड गैस (PNG) और CNG का इस्तेमाल करने वालों के लिए भी खुशखबरी है. सरकार ने कमर्शियल नैचुरल गैस को घरेलू इस्तेमाल के लिए डायवर्ट कर दिया है. जल्द ही LNG के दो बड़े कार्गो भारत पहुंचने वाले हैं, जिससे सप्लाई और भी मजबूत होगी.
यह भी पढ़ें : बुकिंग के 2.5 दिन बाद मिलेगा LPG सिलेंडर, 40 देशों से आ रहा है तेल; सरकार ने बताया- क्यों भारत में गैस है सबसे सस्ती
समुद्री मार्गों की सुरक्षा के लिए भारतीय नौसेना और अधिकारी पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं. विदेश मंत्री लगातार ईरान के संपर्क में हैं और खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है.
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच देश में रसोई गैस और तेल की किल्लत की अफवाहों पर भारत सरकार ने विराम लगा दिया है. सरकार ने देश को आश्वस्त किया है कि भारत की क्रूड ऑयल और गैस सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि पैनिक बुकिंग की जरूरत नहीं है, क्योंकि गैस की सप्लाई और वितरण प्रणाली सामान्य रूप से काम कर रही है.
सरकार ने कहा कि LPG सिलेंडर की बुकिंग के बाद औसतन ढाई दिन के भीतर डिलीवरी सुनिश्चित की जाएगी. हालांकि, जमाखोरी रोकने के लिए दो सिलेंडरों के बीच 25 दिनों का अनिवार्य गैप रखा गया है. सरकार ने यह भी बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लागत बढ़ने के बावजूद इसका बड़ा हिस्सा सरकार खुद वहन कर रही है, जिसके कारण भारत में LPG की कीमत पड़ोसी देशों के मुकाबले काफी कम है.
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भारत ने अपनी रणनीति बदलते हुए अब 40 देशों से कच्चा तेल मंगाना शुरू कर दिया है. सबसे अहम बात यह है कि अब 70% क्रूड हॉर्मुज जलडमरूमध्य के बजाय दूसरे सुरक्षित समुद्री रास्तों से आ रहा है. रिफाइनरियां 100% क्षमता पर काम कर रही हैं, जिससे LPG उत्पादन में 25% का इजाफा हुआ है.
पाइप्ड गैस (PNG) और CNG का इस्तेमाल करने वालों के लिए भी खुशखबरी है. सरकार ने कमर्शियल नैचुरल गैस को घरेलू इस्तेमाल के लिए डायवर्ट कर दिया है. जल्द ही LNG के दो बड़े कार्गो भारत पहुंचने वाले हैं, जिससे सप्लाई और भी मजबूत होगी.
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