मिडिल-ईस्ट में जारी जंग और होर्मुज जलडमरूमध्य में उपजे तनाव के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को लेकर कड़ा संदेश दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से रूसी तेल आयात पर दी गई 30 दिनों की अस्थायी ‘छूट’ के दावे पर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि भारत को तेल खरीदने के लिए किसी भी देश की अनुमति की जरूरत नहीं है.
केंद्र सरकार ने कहा, ‘भारत रूसी तेल खरीदने के लिए कभी भी किसी देश की अनुमति पर निर्भर नहीं रहा है. भारत फरवरी 2026 में भी रूसी तेल का आयात कर रहा है, और रूस अभी भी भारत का सबसे बड़ा क्रूड ऑयल सप्लायर है. रूस-यूक्रेन युद्ध के तीन वर्षों के दौरान, भारत ने अमेरिका और यूरोपीय संघ की आपत्तियों के बावजूद रूसी तेल खरीदना जारी रखा. रियायती कीमतों और रिफाइनरी मांग की वजह से 2022 के बाद इंपोर्ट में काफी इजाफा हुआ है.’
यह भी पढ़ें : गैस-क्रूड ऑयल संकट होगा खत्म! जंग के बीच भारत का ‘प्लान-B’ तैयार, होर्मुज क्राइसिस का निकाला तोड़
साथ ही सरकार ने कहा है कि ‘हॉर्मुज रूट पर बढ़ते तनाव के बावजूद भारत की ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित और स्थिर है. भारत ने अपने कच्चे तेल के स्रोत 27 से बढ़ाकर 40 देशों तक विविधीकृत किए हैं, जिससे आपूर्ति के कई वैकल्पिक मार्ग सुनिश्चित हुए हैं. राष्ट्रीय हित में भारत वहीं से तेल खरीदता है जहां सबसे प्रतिस्पर्धी और किफायती दरें उपलब्ध हों. उन्नत रिफाइनरी क्षमता के कारण विभिन्न ग्रेड के कच्चे तेल को प्रोसेस करना संभव है, जिससे आपूर्ति निर्बाध बनी रहती है.’
#HormuzRoute पर बढ़ते तनाव के बावजूद भारत की ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित और स्थिर है।
— पीआईबी हिंदी (@PIBHindi) March 7, 2026
भारत ने अपने कच्चे तेल के स्रोत 27 से बढ़ाकर 40 देशों तक विविधीकृत किए हैं, जिससे आपूर्ति के कई वैकल्पिक मार्ग सुनिश्चित हुए हैं।
राष्ट्रीय हित में भारत वहीं से तेल खरीदता है जहाँ सबसे प्रतिस्पर्धी… pic.twitter.com/N9Dmy05puz
जंग की वजह से होर्मुज रूट बाधित होने से ग्लोबल ऑयल सप्लाई पर खतरा मंडरा रहा है. हालांकि, भारत ने आश्वस्त किया है कि उसकी ऊर्जा आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है. भारत ने अपने कच्चे तेल के स्रोतों का विस्तार 27 से बढ़ाकर 40 देशों तक कर लिया है. वर्तमान में भारत के पास 250 मिलियन बैरल से अधिक का सुरक्षित तेल भंडार है, जो करीब 8 हफ्तों की खपत के लिए पर्याप्त है.
यह भी पढ़ें : Explainer : युद्ध के बीच बंद हुआ दुनिया का सबसे बड़ा ‘ऑयल रूट’, भारत में LPG पर संकट; मोदी सरकार के पास क्या है ‘प्लान-B’?
बता दें, गुरुवार को अमेरिका ने दावा किया था कि उसने रूस पर प्रतिबंधों में अस्थायी रूप से ढील दे दी है ताकि समुद्र में जहाजों पर पहले से लदे उस देश के तेल को भारत को बेचा जा सके.










