Questionaire For Census 2026: देश में एक अप्रैल से जनगणना शुरू हो रही है। आजादी के बाद 16वीं बार जनगणना होगी और पहली बार डिजिटल जनगणना होगी। पहली बार ही जातिगत जनगणना भी कराई जाएगी, यानी जनगणना में इस बार एक कॉलम जाति के लिए भी मेंशन होगा। वहीं इस बार देशवासियों को ऑफिशियल पोर्टल पर खुद अपनी डिटेल भरने का मौका भी मिलेगा। केंद्र सरकार ने जनगणना के तहत पूछे जाने वाले सवालों की सूची तैयार कर ली है, जिसमें 33 सवाल हैं।
जनगणना एक-एक भारतीय की कुंडली होगी
बता दें कि 16वीं जनगणना करते हुए न सिर्फ पुरुषों, महिलाओं, बच्चों, युवाओं, लड़के, लड़कियों का डेटा कलेक्ट होगा। बल्कि भारतीयों के जन्म, मरण, रहन-सहन, रिश्तों, नौकरी, कामकाज, बिजनेस, पढ़ाई-लिखाई, घर, ऑफिस, राशन, पानी, कारों, बाइक, साइकिल तक का लेखा जोखा होगा। न सिर्फ जनगणना के लिए डेटा कलेक्ट होगा, बल्कि भविष्य के लिए योजनाओं और सुविधाओं के लिए आधार भी बनेगा। एक-एक चीज की लिस्ट तैयारी की जाएगी। बकायदा बुकलेट तैयार की जाएगी।
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33 सवालों का क्वेश्चनेयर केंद्र तैयार किया गया
बता दें कि केंद्र सरकार ने पहले चरण की जनगणना के लिए 33 सवालों (FAQs) का एक क्वेश्चनेयर बनाया है। जनगणना अधिकारी जहां घर-घर जाकर यह 33 सवाल पूछेंगे, वहीं ऑनलाइन भी इन 33 सवालों का जवाब लोग खुद दे सकेंगे। इसके लिए सरकार ने जनगणना के लिए पोर्टल बनाकर उस पर ‘सेल्फ-एन्युमरेशन’ का विकल्प दिया है। जनगणना के दोनों चरणों ‘हाउसलिस्टिंग’ (HLO) और ‘जनसंख्या गणना’ के दौरान लोग इस विकल्प का इस्तेमाल कर सकेंगे।
लिव-इन-रिलेशन को लेकर सवाल पूछा जाएगा
जनगणना के लिए तैयार किए गए 33 सवालों में एक साल ‘लिव-इन रिलेशनशिप’ को लेकर भी है। सवाल पूछा जाएगा कि लिव-इन में रहने वाले जोड़ों का रिश्ता कैसा है? अगर कोई लिव-इन में रहता है तो वह अपने रिश्ते को कैसा मानते हैं? अगर वे बिना शादी किए लिव-इन में ही रहना चाहेंगे तो उनके रिश्ते को स्थिर संबंध माना जाएगा और उन्हें शादीशुदा जोड़ा कहा जाएगा।
➤ Census is a Union subject and is listed at serial number 69 in the Seventh Schedule of the Constitution. The legal framework governing it is provided by the Census Act, 1948 and the Census Rules, 1990
— PIB India (@PIB_India) March 30, 2026
➤ The Census Act contains a significant provision Section 15 under which… pic.twitter.com/VWGJ1ofNMW
सरकार से मिले मकान नंबर से गणना शुरू होगी
बता दें कि जनगणना की शुरुआत मकान नंबरों से होगी, जो नगरपालिका के द्वारा अलॉट किए गए हैं। घर के इस्तेमाल, परिवार के सदस्यों, उनकी नौकरी, आजीविका के साधन, वाहनों की संख्या, बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं, नाम, लिंग, जाति, एजुकेशन, मालिकाना हक आदि से जुड़े प्रश्न पूछे जाएंगे। सभी सवालों का जवाब अनिवार्य होगा, इसलिए सोच-समझकर जवाब देना सही रहेगा।
अप्रैल से सितंबर के बीच सेल्फ एन्युमरेशन करें
महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने बताया कि जनगणना के लिए फील्ड का काम कई राज्यों में शुरू होने जा रहा है। जनगणना के दौरान लिए गए व्यक्तिगत आंकड़े गोपनीय रहेंगे। जनगणना 2 चरणों घर-परिवार की जानकारी और व्यक्तिगत जानकारी से होगी। अप्रैल से सितंबर के बीच सेल्फ एन्युमरेशन किया जा सकेगा।
इसके लिए 11 अंकों का ID बनाना होगा, जो घर आए जनगणना अधिकारी को बताना होगा। स्कूल के शिक्षक, सरकारी कर्मचारी, नोडल अधिकारी, तहसीलदार, SDM जनगणना करेंगे। सभी राज्यों में चरणबद्ध तरीके से 1अप्रैल से 31 अगस्त तक जनगणना होगी। जनगणना के लिए बनाई गई मोबाइल ऐप 16 भाषाओं में होगी।
जनगणना में ऐसे सवाल पूछे जा सकते हैं
- घर की बनावट कैसी है और घर के फर्श, दीवार और छत को बनाने में किस मैटेरियल का इस्तेमाल किया?
- परिवार का मुखिया कौन है? उसका नाम, लिंग, जाति क्या है? परिवार में कितने सदस्य हैं? कौन-क्या करता है?
- घर में पीने के पानी और बिजली की व्यवस्था क्या है? कितने वाहन हैं? कौन-कौन से बिजनेस या नौकरी है?
- घर में कितने विवाहित जोड़े रहते हैं? कितने बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग हैं? क्या कोई लिव-इन में रहता है?










