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कौन हैं जोइता गुप्ता, जो दिल्ली में जन्मी, अमेरिका में चमकीं; ऐतिहासिक रिसर्च के लिए मिला बड़ा अवार्ड

India Born Scientist Joyeeta Gupta Profile: देश की प्रोफेसर बेटी ने विदेशी सरजमीं पर नाम रोशन किया है। उन्हें नीदरलैंड में प्रतिष्ठित डच पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इस पुरस्कार को स्पिनोजा अवार्ड ‘डच नोबेल’ से भी जाना जाता है। डच रिसर्च काउंसिल (NWO) द्वारा यह पुरस्कार प्रदान किया जाता है। प्रोफेसर को 4 […]

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India Born Scientist Joyeeta Gupta Profile: देश की प्रोफेसर बेटी ने विदेशी सरजमीं पर नाम रोशन किया है। उन्हें नीदरलैंड में प्रतिष्ठित डच पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इस पुरस्कार को स्पिनोजा अवार्ड ‘डच नोबेल’ से भी जाना जाता है। डच रिसर्च काउंसिल (NWO) द्वारा यह पुरस्कार प्रदान किया जाता है। प्रोफेसर को 4 अक्टूबर हेग में आयोजित समारोह में यह अवार्ड दिया गया है। इसके तहत उन्हें 1.5 मिलियन यूरो का प्राइज मिला है, जिसे वैज्ञानिक अनुसंधान पर खर्च किया जाता है। नीदरलैंड में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके प्रोफेसर को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई दी। अवार्ड जीतने वाली प्रोफेसर का नाम डॉ जोइता गुप्ता है, जानिए इनके बारे में सब कुछ और भारत से इनका कनेक्शन…

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दिल्ली की रहने वाली जोइता गुप्ता

जोइता नीदरलैंड में एम्स्टर्डम विश्वविद्यालय के एम्स्टर्डम इंस्टीट्यूट फॉर सोशल साइंस रिसर्च और IHE डेल्फ़्ट इंस्टीट्यूट फॉर वॉटर एजुकेशन में पर्यावरण और विकास की प्रोफेसर हैं, लेकिन इनका भारत से खास कनेक्शन है। जोइता दिल्ली में जन्मी हैं। इनका जन्म 2 जून 1964 को हुआ था। वे दिल्ली छावनी के लोरेटो कॉन्वेंट स्कूल की स्टूडेंट रहीं। सुब्रतो पार्क में वायु सेना केंद्रीय स्कूल में पढ़ीं। उन्होंने दिल्ली के लेडी श्री राम कॉलेज में इकोनॉमिक्स में स्टडी की। 1988 में इनलैक्स फेलोशिप लेकर अमेरिका की हार्वर्ड यूनिविर्सिटी से लॉ में मास्टर्स डिग्री ली। अहमदाबाद के सर एलए शाह लॉ कॉलेज से भी उन्होंने लॉ की है।

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जोइता को इसलिए मिला अवार्ड

जोइता को जलवायु परिवर्तन से जुड़ी रिसर्च के लिए अवार्ड मिला है। जलवायु परिवर्तन से होने वाले हानिकारक प्रभावों को कैसे कम किया जा सकता है, जोइता इस विषय पर रिसर्च कर रही है। उनका मानना है कि क्लाइमेट चेंज होने से अमीर और गरीब वर्ग के संबंधों पर सीधा असर पड़ता है। इसलिए जलवायु परिवर्तन कम करने के लिए इंटरनेशनल लेवल पर एक सिस्टम बनाने की जरूरत है। उनकी रिसर्च जलवायु संकट, इसके कारणों, प्रभावों और इससे बचने के उपायों पर केंद्रित है। बता दें कि जोइता यह अवार्ड प्राप्त करने वाली एम्स्टर्डम यूनिवर्सिटी की 12वीं रिसर्चर हैं।

First published on: Oct 06, 2023 12:20 PM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं Mphil कोर्स किया है। 13 साल से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री से जुड़ी हैं। वर्तमान में BAG Convergence Limited के माल‍िकाना हक वाले News 24 हिंदी डिजिटल विंग में बतौर चीफ सब एडिटर सेवाएं दे रही हैं। यहां की कोर टीम का हिस्सा हैं और नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम, यूटिलिटी, एजुकेशन, फीचर आदि विषयों पर अच्छी पकड़ रखती हैं।

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