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बिना हेलमेट-रेड लाइट जंपर्स सावधान! सख्त हुआ कानून, ट्रैफिक नियम तोड़े तो चुकानी पड़ेगी भारी कीमत

New Traffic Rules: इससे राजस्व को होने वाला घाटा रुकेगा और ट्रैफिक प्रवाह सुगम होगा. दिल्ली-मुंबई जैसे महानगरों में अभियान तेज हो चुका है, जहां सीसीटीवी एवं ई-चालान से निगरानी बढ़ाई गई.

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सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने मोटर वाहन नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन कर दिया है. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि एक वर्ष में पांच या इससे अधिक ट्रैफिक उल्लंघनों पर ड्राइविंग लाइसेंस तीन माह के लिए सस्पेंड किया जा सकेगा. यह प्रावधान 1 जनवरी 2026 से प्रभावी है तथा हेलमेट न पहनना, सीट बेल्ट की अनदेखी या रेड लाइट तोड़ना जैसी सामान्य गलतियों के प्रति लोगों को जागरुक करना और नियमों का उल्लंघन होने पर कार्रवाई करना है.

पहले सिर्फ होता था चालान, लेकिन अब…


इस तरह के नियम उल्लंघनों पर अब तक सिर्फ चालान काटा जाता था, लेकिन अब ड्राइविंग लाइसेंस भी सस्पेंड हो सकता है. इससे पहले लाइसेंस सस्पेंशन सिर्फ गंभीर अपराधों जैसे ओवरस्पीडिंग, वाहन चोरी या यात्री उत्पीड़न तक सीमित था. अब छोटे-छोटे ट्रैफिक नियम भी बार-बार तोड़े जाते हैं तो उसे गंभीर माना जाएगा. महत्वपूर्ण यह कि पुराने चालान नए वर्ष के रिकॉर्ड से जुड़ेंगे नहीं. प्रत्येक कैलेंडर ईयर 1 जनवरी से नया हिसाब होगा, जिससे चालकों को सुधार का अवसर मिलेगा.

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यह भी पढ़ें: ब्लैक बजट, पेपरलेस बजट, हिंदी बजट… Union Budget से जुड़े 16 फैक्ट, कब-कैसे बदली पेश करने की तारीख?

ड्राइवर को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका


हालांकि लाइसेंस सस्पेंड होने से पहले ड्राइवर को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया जाएगा. अधिकारी बिना सुनवाई के कार्रवाई नहीं करेंगे. नियमों के संशोधन में टोल वसूली पर भी नकेल कसी गई है. अब अगर किसी गाड़ी का टोल बकाया है तो ना उस वाहन को बेचा जा सकेगा, ना ही दूसरे स्टेट में ट्रांसफर किया जा सकेगा बल्कि फिटनेस सर्टिफिकेट भी रिन्यू नहीं होगा.

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एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह बिना बैरियर टोलिंग सिस्टम (फ्री-फ्लो टोलिंग) की नींव है, जो डिजिटल ट्रैकिंग पर आधारित होगा. इससे राजस्व को होने वाला घाटा रुकेगा और ट्रैफिक प्रवाह सुगम होगा. दिल्ली-मुंबई जैसे महानगरों में अभियान तेज हो चुका है, जहां सीसीटीवी एवं ई-चालान से निगरानी बढ़ाई गई. सड़क हादसों में कमी लाने की यह पहल चालकों के लिए चेतावनी है.

First published on: Jan 23, 2026 06:02 PM

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About the Author

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला ने India.com (ZEE Media), 'नवोदय टाइम्स' (पंजाब केसरी ग्रुप), 'ओपेरा न्यूज' और 'वनइंडिया' (डेली हंट) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करके अपनी व्यापक पत्रकारिता क्षमता का परिचय दिया। उनकी विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी अनुभव है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

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Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला ने India.com (ZEE Media), 'नवोदय टाइम्स' (पंजाब केसरी ग्रुप), 'ओपेरा न्यूज' और 'वनइंडिया' (डेली हंट) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करके अपनी व्यापक पत्रकारिता क्षमता का परिचय दिया। उनकी विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी अनुभव है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

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