इजराइल पर हमास के 'हमले का तरीका' देख भारत हैरान, डीजीसीए ने जारी किया एक आदेश

Hamas Attack Method on Israel DGCA Issues Strict Order for Hang Glider Flying in India: इजराइल और हमास में युद्ध और युद्ध के तरीको को देखते हुए डीजीसीए प्रमुख विक्रम देव दत्त ने आदेश जारी किए हैं।

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Hamas Attack Method on Israel DGCA Issues Strict Order for Hang Glider Flying in India: इजराइल पर हमास ने बेहद खतरनाक हमला किया। इतना ही नहीं हमला भी ऐसा था कि इजराइल जैसे देश को संभलने का मौका तक नहीं दिया। हमास की ओर से युद्ध में अपनाए गए तरीके ने पूरी दुनिया को सोचना के लिए मजबूर कर दिया है। इसी तरीके से हैरान भारत ने भी एक सख्त आदेश जारी किया है। भारत सरकार की ओर से कहा गया है कि किसी भी प्रकार की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जा सकती है।

7 अक्टूबर को हमास ने किया था इजराइल पर हमला

टीओआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, हमास के आतंकवादियों ने 7 अक्टूबर को घातक हमलों को शुरू करने के लिए हवाई मार्ग से इजराइल में प्रवेश करने के लिए पैराग्लाइडर का इस्तेमाल किया। इसके बाद भारत ने हैंग ग्लाइडर के संचालन और उड़ानों के नियमों को कड़ा कर दिया है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने 16 अक्टूबर को संचालित हैंग ग्लाइडर के लिए अपने नियमों को संशोधित किया है। बताया गया है कि अब कोई भी व्यक्ति डीजीसीए की अनुमति के बिना इन्हें नहीं उड़ा सकता है।

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प्रशिक्षकों के लिए जरूरी होगा ये

नियमों को लेकर जारी आदेश में कहा गया है कि परीक्षक/प्रशिक्षक भी वही व्यक्ति होगा, जिसने हैंग ग्लाइडर पर 50 घंटे और दोहरी मशीन पर कम से कम 10 घंटे का अनुभव किया हो। ऐसा अनुमोदित परीक्षक/प्रशिक्षक अन्य व्यक्तियों की जांच करेगा और फिर उन्हें उड़ान भरने के लिए अधिकृत करेगा।

बताया गया है कि कोई भी व्यक्ति हैंग ग्लाइडर पर परीक्षण उड़ान नहीं भरेगा, जब तक कि वह व्यक्ति हैंग ग्लाइडर पर उड़ान के 25 घंटे के अनुभव के साथ  वैध कॉमर्शियल पायलट लाइसेंस रखने वाला पायलट न हो।

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बिना अनुमति के कोई बेच भी नहीं सकता है

डीजीसीए प्रमुख विक्रम देव दत्त की ओर से जारी संचालित हैंग ग्लाइडर के निर्माण, पंजीकरण और संचालन के लिए संशोधित नागरिक उड्डयन आवश्यकता में कहा गया है कि संशोधित नियमों का सख्ती के साथ पालन किया जाए। हालांकि इन्हें कौन संचालित कर सकता है, इसके लिए पहले से ही एक सुरक्षा प्रोटोकॉल मौजूद है। ताजा जानकारी के अनुसार, डीजीसीए की ओर से जारी प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए बिना इन्हें बेचा भी नहीं जाएगा। गृह मंत्रालय से संभावित खरीदारों के पूर्ववृत्त की पुष्टि करने के बाद डीजीसीए द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।

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