गाजियाबाद में ट्रिपल सुसाइड केस में नया खुलासा हुआ है। गाजियाबाद में 3 बहनों का सुसाइड मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ था। पहले सामने आया था कि टॉस्क बेस्ड कोरियन लवर गेम के चलते तीनों ने सुसाइड किया है। अब कहानी पलटती हुई नजर आ रही है। पुलिस ने कहा कि अभी तक कोरियन टॉस्क बेस्ड गेम का अभी तक कोई सबूत नहीं मिला है।
हाल ही में गाजियाबाद में भारत सिटी सोसायटी में तीन बहनों ने 9वीं मंजिल से छलांग लगा दी। इससे तीनों की मौत हो गई। तीनों की उम्र 12, 14 और 16 साल थी। रात 2 बजे के करीब यह हादसा हुआ। बताया गया कि तीनों बहनें कोरियन कल्चर से काफी प्रभावित थीं। कोरियन गेम, कोरियन ड्रॉमा, कोरियन डीपी, कोरियन खाना, तीनों लड़कियां को बेहद पसंद था। यहां तक कि पिता के डांटने पर तीनों लड़कियां उसे डायरी में लिखती थीं।
यह भी पढ़ें: कोरियन ड्रामा, कोरियन खाना, कोरियन DP… आखिर कैसे गाजियाबाद की बहनों का काल बना कोरियन कल्चर?
मामले में जांच कर रही पुलिस ने कहा है कि केस में अभी तक कोरियन टॉस्क बेस्ड गेम का सबूत नहीं मिल रहा है। हालांकि पुलिस को मिली डायरी में लड़कियों ने कोरियन कल्चर और के-पॉप के लिए काफी जुनून देखने को मिला है। डायरी में करीब 9 पन्ने हैं। सभी में ज्यादातर कोरियन कल्चर में बारे में ही बात की गई है।
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पूछताछ में पुलिस को लड़कियों के पिता चेतन गुर्जर ने बताया है कि बच्चियों ने अपना नाम कोरियन नाम से रख लिया था। कहा है कि बच्चियों ने अपनी कोरियन पर्सनैलिटी बनाई थी। लड़कियां पिता से बार बार कहती थीं कि वे कोरिया जाएंगी, कोरिया ले चलो। यहां तक कि लड़कियों को इंडियन के नाम से गुस्सा आ जाता था। लड़कियां तीन-चार साल से कोरियन ड्रामा देख रही थीं। उनका कहना है कि अगर कोरिया नहीं मिला तो मर जायेंगे।
गाजियाबाद में ट्रिपल सुसाइड केस में नया खुलासा हुआ है। गाजियाबाद में 3 बहनों का सुसाइड मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ था। पहले सामने आया था कि टॉस्क बेस्ड कोरियन लवर गेम के चलते तीनों ने सुसाइड किया है। अब कहानी पलटती हुई नजर आ रही है। पुलिस ने कहा कि अभी तक कोरियन टॉस्क बेस्ड गेम का अभी तक कोई सबूत नहीं मिला है।
हाल ही में गाजियाबाद में भारत सिटी सोसायटी में तीन बहनों ने 9वीं मंजिल से छलांग लगा दी। इससे तीनों की मौत हो गई। तीनों की उम्र 12, 14 और 16 साल थी। रात 2 बजे के करीब यह हादसा हुआ। बताया गया कि तीनों बहनें कोरियन कल्चर से काफी प्रभावित थीं। कोरियन गेम, कोरियन ड्रॉमा, कोरियन डीपी, कोरियन खाना, तीनों लड़कियां को बेहद पसंद था। यहां तक कि पिता के डांटने पर तीनों लड़कियां उसे डायरी में लिखती थीं।
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पूछताछ में पुलिस को लड़कियों के पिता चेतन गुर्जर ने बताया है कि बच्चियों ने अपना नाम कोरियन नाम से रख लिया था। कहा है कि बच्चियों ने अपनी कोरियन पर्सनैलिटी बनाई थी। लड़कियां पिता से बार बार कहती थीं कि वे कोरिया जाएंगी, कोरिया ले चलो। यहां तक कि लड़कियों को इंडियन के नाम से गुस्सा आ जाता था। लड़कियां तीन-चार साल से कोरियन ड्रामा देख रही थीं। उनका कहना है कि अगर कोरिया नहीं मिला तो मर जायेंगे।