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संसद का शीतकालीन सत्र: महंगा होगा पान मसाला-सिगरेट! सरकार पेश करेगी ये बिल, जानें कितना बढ़ सकता है दाम?

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज लोकसभा में दो महत्वपूर्ण बिल प्रस्तुत करेंगी, जिनका उद्देश्य तंबाकू उत्पादों से मिलने वाले राजस्व की स्थिरता और स्वास्थ्य सुरक्षा को सुनिश्चित करना है.

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Parliament Winter Session: भारत सरकार सोमवार, 1 दिसंबर को पान मसाला, गुटखा और सिगरेट जैसे उत्पादों का सेवन करने वालों को बड़ा झटका देने जा रही है. संसद के शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन केंद्र सरकार इन उत्पादों से संबंधित दो बिल लोकसभा में पेश करेगी. सरकार के इस कदम से पान मसाला, सिगरेट और पाइप स्मोकिंग उत्पादों की कीमतें महंगी होने की संभावना है. आपको बता दें कि संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से 19 दिसंबर, 2025 तक चलेगा. इस दौरान सरकार कई अहम बिल पेश करेगी.

निर्मला सीतारमण पेश करेंगी बिल


केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज लोकसभा में दो महत्वपूर्ण बिल प्रस्तुत करेंगी, जिनका उद्देश्य तंबाकू उत्पादों से मिलने वाले राजस्व की स्थिरता और स्वास्थ्य सुरक्षा को सुनिश्चित करना है. इन बिलों में ‘The Health Security se National Security Cess Bill, 2025’ और ‘Central Excise Act Amendment Bill’ शामिल हैं, जो GST सेस को सरकार के नए सेस से रिप्लेस करेगा.

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कितना बढ़ सकता है दाम?


नई व्यवस्था के तहत पान मसाला उत्पादन पर ‘स्वास्थ्य एवं राष्ट्रीय सुरक्षा’ सेस लगाया जाएगा, जो मैन्युअल या हाइब्रिड प्रक्रिया द्वारा तैयार उत्पादों पर लागू होगा. यह सेस सामाजिक और स्वास्थ्य हितों के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा को भी मजबूत करेगा. साथ ही, एक्साइज ड्यूटी में भी बढ़ोतरी की जाएगी. फिल्टर सिगरेट (75 मिमी से अधिक लंबाई वाली) पर उत्पाद शुल्क मौजूदा 735 रुपये प्रति हजार से बढ़ाकर 11,000 रुपये प्रति हजार स्टिक करने का प्रस्ताव है.

यह भी पढ़ें: राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री… भारत में किसके पास है परमाणु बम का कंट्रोल, क्या एक आदेश पर लॉन्च हो सकता है हथियार?

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325% बढ़ेगा उत्पाद शुक्ल


नॉन-फिल्टर सिगरेट का टैक्स लगभग 18 गुना बढ़ाकर 4,500 रुपये प्रति हजार स्टिक कर दिया जाएगा. पाइप और सिगरेट के लिए स्मोकिंग मिक्सचर पर भी 60% से बढ़ाकर 325% उत्पाद शुल्क लागू होगा. यह सुधार 2017 के बाद प्रभावी हुई GST नीति की छूट को पूरा करने का प्रयास है ताकि मुआवजा उपकर खत्म होने के बाद भी सरकार का राजस्व प्रभावित न हो.

सरकार ने GST दरों में किया था बदलाव

गौरतलब है कि सितंबर 2025 में GST दरों में बदलाव कर केंद्र सरकार ने आम आदमी को महंगाई से थोड़ी राहत दी थी. सरकार ने टैक्स व्यवस्था को घटा कर दो टैक्स स्लैब में बांट दिया था, लेकिन तंबाकू उत्पादों को अभी भी 28% GST, सेस और एक्साइज ड्यूटी के अंतर्गत रखा गया है. नया बिल इस असंतुलन को दूर करेगा और तंबाकू उत्पादों और संबंधित डेमेरिट गुड्स पर टैक्स व्यवस्था को ज्यादा सिंक्रोनाइज्ड बनाएगा.

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First published on: Dec 01, 2025 12:01 AM

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About the Author

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला ने India.com (ZEE Media), 'नवोदय टाइम्स' (पंजाब केसरी ग्रुप), 'ओपेरा न्यूज' और 'वनइंडिया' (डेली हंट) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करके अपनी व्यापक पत्रकारिता क्षमता का परिचय दिया। उनकी विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी अनुभव है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

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Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला ने India.com (ZEE Media), 'नवोदय टाइम्स' (पंजाब केसरी ग्रुप), 'ओपेरा न्यूज' और 'वनइंडिया' (डेली हंट) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करके अपनी व्यापक पत्रकारिता क्षमता का परिचय दिया। उनकी विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी अनुभव है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

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