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ईरान में भारतीयों की सुरक्षा पर सरकार की नजर, अभी विशेष रेस्क्यू की जरूरत नहीं – विदेश मंत्री

ईरान में जारी राजनीतिक हलचल के बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं. फिलहाल हवाई मार्ग खुले होने के कारण किसी विशेष रेस्क्यू मिशन की जरूरत नहीं है.

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Written By: Kumar Gaurav Updated: Feb 6, 2026 15:54

ईरान में चल रही राजनीतिक उठापटक के बीच भारत सरकार वहां मौजूद अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है. लोकसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि तेहरान में हमारा दूतावास भारतीय समुदाय और छात्रों के साथ लगातार बातचीत कर रहा है. उन्हें समय-समय पर जरूरी सलाह और निर्देश दिए जा रहे हैं ताकि वे सुरक्षित रह सकें. सरकार का कहना है कि स्थिति पर पल-पल की नजर रखी जा रही है और फिलहाल घबराने की कोई बात नहीं है.

कमर्शियल फ्लाइट से लौटने की सलाह

विदेश मंत्री ने साफ किया कि ईरान का हवाई क्षेत्र फिलहाल पूरी तरह खुला हुआ है और भारत के लिए नियमित उड़ानें चल रही हैं. सरकार ने 5 और 14 जनवरी 2026 को नई ट्रैवल एडवाइजरी जारी कर भारतीयों को गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है. जयशंकर ने कहा कि चूंकि विमानों की आवाजाही सामान्य है इसलिए वहां मौजूद भारतीयों को फंसा हुआ नहीं माना जा सकता. वे अपनी मर्जी से व्यावसायिक उड़ानों के जरिए कभी भी भारत लौट सकते हैं. इसी वजह से अभी किसी विशेष निकासी अभियान यानी रेस्क्यू मिशन की जरूरत नहीं समझी जा रही है.

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ईरान में मौजूद हैं करीब 10 हजार भारतीय

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक ईरान के 16 अलग-अलग प्रांतों में इस समय लगभग 9,000 से 10,000 भारतीय रह रहे हैं. इनमें बड़ी संख्या में छात्र, कामगार, कारोबारी, पर्यटक और तीर्थयात्री शामिल हैं. इससे पहले जून 2025 में जब ईरान और इजरायल के बीच तनाव चरम पर था तब भारत ने ‘ऑपरेशन सिंधु’ चलाकर 3,597 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला था. तब से अब तक कोई नया निकासी अभियान नहीं चलाया गया है क्योंकि मौजूदा स्थिति पहले के मुकाबले अलग है और यात्रा के विकल्प खुले हुए हैं.

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ईरानी विदेश मंत्री से हुई एस. जयशंकर की बात

भारत न केवल अपने नागरिकों की सुरक्षा देख रहा है बल्कि कूटनीतिक स्तर पर भी बातचीत कर रहा है. 14 जनवरी 2026 को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री से फोन पर लंबी चर्चा की थी और वहां के मौजूदा हालातों की जानकारी ली थी. भारत इस मामले से जुड़े सभी पक्षों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कदम उठाए जा सकें. सरकार ने साफ कर दिया है कि अगर भविष्य में हालात बिगड़ते हैं तो स्थिति की समीक्षा कर आगे का फैसला लिया जाएगा.

First published on: Feb 06, 2026 03:52 PM

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