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EXCLUSIVE: ‘हमारी एक भी इंच जमीन पर चीन का कब्जा नहीं’, न्यूज 24 पर जनरल मनोज नरवणे का बड़ा खुलासा

पूर्व सेना प्रमुख मनोज नरवणे ने न्यूज 24 के जाने-माने एंकर मानक गुप्ता से खास बातचीत की. इस एक्सक्लूसिव इंटरव्यू के दौरान चीन सीमा तनाव, सेना की आजादी और अपनी किताब पर चल रहे विवाद पर खुलकर बात की.

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Edited By : Varsha Sikri Updated: Apr 24, 2026 14:25
Ex Army Chief General Manoj Naravane EXCLUSIVE on News 24
Credit: News24

पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज नरवणे ने न्यूज 24 से एक्सक्लूसिव बातचीत की. इस दौरान उन्होंने एक के बाद एक कई बड़े खुलासे किए. न्यूज 24 के सीनियर एंकर मानक गुप्ता से खास बातचीत के दौरान जनरल नरवणे ने देश की सुरक्षा, चीन के साथ तनाव, सेना के काम करने के तरीके और अपनी किताब को लेकर चल रहे विवाद पर खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि चीन ने कभी भी भारत की एक भी इंच जमीन पर कब्जा नहीं किया. पूर्व आर्मी चीफ ने कहा कि चीन के साथ बाउंड्री विवाद है, बाउंड्री और बॉर्डर में अंतर है. बाउंड्री विवाद सुलझाने के लिए चीन से बातचीत होनी चाहिए. जनरल नरवणे से जब चीन और भारत के रिश्तों के बारे में सवाल पूछा तो उन्होंने जवाब दिया कि ये लंबी चर्चा का विषय है, इसपर फिर कभी बात फुर्सत से बात करेंगे.

ये भी पढ़ें: EXCLUSIVE: चीन से लेकर ‘चक दे फट्टे’ तक, News24 पर मनोज नरवणे ने किए ये 5 बड़े खुलासे

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राहुल गांधी के पास कॉपी कहां से आई?

दरअसल, भारतीय सेना के 28वें चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने 22 अप्रैल को अपनी एक बुक लॉन्च की है, जिसका नाम ‘द क्यूरियस एंड द क्लासीफाइड: अनअर्थिंग मिलिट्री मिथ्स एंड मिस्ट्रीज’ है. इस बुक में भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी दिलचस्प कहानियां हैं. लेकिन इससे पहले उनकी पिछली किताब बिना पब्लिश हुए ही विवादों में आ गई. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उस किताब का संदर्भ देते हुए मोदी सरकार को घेरना चाहा. आज जब जनरल नरवणे से एंकर मानक गुप्ता ने पूछा कि राहुल गांधी के पास ये किताब की कॉपी कहां से आई, तो उन्होंने साफ कहा कि उन्हें नहीं पता वो राहुल गांधी के पास कहां से आई. उन्होंने कहा कि उनकी उस किताब की कोई कॉपी आज तक नहीं छपी है.

अमेरिका ईरान युद्ध पर बोले जनरल नरवणे

जनरल नरवणे ने कहा कि वॉर हमेशा आखिरी ऑप्शन होना चाहिए. बातचीत करके समस्या का हल निकालना चाहिए, युद्ध समाधान नहीं हो सकता. उन्होंने आगे कहा कि जब भी समझौते होते हैं तो दोनों पक्षों के लिए बराबर होना चाहिए, जीत हासिल करने का जज्बा होना चाहिए. समझौता होने पर दोनों पक्ष जीतते हैं, क्योंकि वो भलाई में समझौता करते हैं. जनरल नरवणे से जब ये पूछा गया कि क्या वो चुनाव लड़ना चाहते हैं तो उन्होंने कहा कि वो चुनाव नहीं चीनियों से लड़ते हैं और आज भी उनका यही जवाब है. पूर्व आर्मी चीफ ने कहा कि पॉलिटिक्स उनके बस की बात नहीं है.

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ये भी पढ़ें: जनरल नरवणे की किताब पर क्यों मचा है बवाल? जानें अब तक क्यों प्रकाशित नहीं हो पाई

First published on: Apr 24, 2026 02:05 PM

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