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EXCLUSIVE: चीन से लेकर ‘चक दे फट्टे’ तक, News24 पर पूर्व आर्मी चीफ मनोज नरवणे ने किए कई बड़े खुलासे

MM Naravane Interview highlights: क्या आप जानते हैं 'चकदे फट्टे' का असली इतिहास मुगलों से जुड़ा है? पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे ने अपनी किताब में सेना के ऐसे ही 25 गुप्त रहस्यों से पर्दा उठाया है. साथ ही चीन सीमा विवाद पर दिया अब तक का सबसे बड़ा बयान

MM Naravane Interview highlights: भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने अपनी नई किताब ‘The Curious and the Classified’ के विमोचन के अवसर पर न्यूज 24 के मशहूर एंकर मानक गुप्ता को दिए विशेष साक्षात्कार में कई अनकहे किस्सों और विवादों पर बेबाकी से अपनी राय रखी. रिटायरमेंट के बाद अपनी सादगीपूर्ण जीवनशैली और लेखन में व्यस्त जनरल नरवणे ने साफ किया कि सेना को राजनीति के अखाड़े में नहीं घसीटा जाना चाहिए। गलवान घाटी और चीन के साथ सीमा विवाद पर पूछे गए सवाल के जवाब में जनरल नरवणे ने जोर देकर कहा कि चीन ने भारत की 1 इंच जमीन पर भी कब्जा नहीं किया है। सरकार द्वारा सेना को दिए गए ‘फ्री हैंड’ पर उन्होंने कहा कि इसका मतलब यह नहीं कि जो मर्जी हो वो करो, बल्कि एक व्यापक गाइडलाइन के तहत सेना को निर्णय लेने की आजादी होती है।

इंटरव्यू की मुख्य बातें

  1. ‘चक दे फट्टे का सच: साक्षात्कार में जनरल नरवणे ने अपनी किताब का सबसे पसंदीदा हिस्सा साझा करते हुए बताया कि ‘चकदे फट्टे’ शब्द का जन्म मुगलों और सिखों के युद्ध के समय हुआ था. उन्होंने खुलासा किया कि जब सिख घुड़सवार मुगलों के कैंप पर हमला कर वापस लौटते थे, तो वे नदियों के पुलों के ‘फट्टे’ (लकड़ी के तख्ते) उठा देते थे ताकि मुगल सेना उनका पीछा न कर सके. यहीं से यह नारा जोश और विजय का प्रतीक बना.
  2. राजनीति से दूरी: राजनीति में आने की संभावनाओं को उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया. जनरल ने चुटीले अंदाज में कहा, “पॉलिटिक्स मेरे बस की बात नहीं है, मैं चुनाव नहीं चीनियों से लड़ता हूं.” उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका पूरा ध्यान अब लेखन और रक्षा विशेषज्ञ के तौर पर नई पीढ़ी को प्रेरित करने पर है.
  3. सेना को राजनीति में न घसीटें: संसद में उनकी किताब को लेकर हुए विवाद पर जनरल ने कहा कि सेना को राजनीति में नहीं घसीटना चाहिए. उन्होंने कहा कि वह खुद अपनी किताब की छपी हुई कॉपी का इंतजार कर रहे हैं तो राहुल गांधी के पास कॉपी कहां से आई, यह रहस्य है.
  4. ‘अग्निपथ’ योजना: जनरल ने कहा कि अग्निवीर भी उतने ही बहादुर हैं जितने पहले के जवान थे. उनके यूनिट के एक अग्निवीर को सेना मेडल भी मिल चुका है. नाम बदलने से बहादुरी नहीं बदलती.
  5. ‘उचित समझो वो करो’ का मतलब: जनरल ने बताया कि सरकार का यह कहना कि ‘जो ठीक लगे वो करो’ सेना पर उनके अटूट विश्वास को दर्शाता है. इसे गलत तरीके से इंटरप्रेट नहीं किया जाना चाहिए.
  6. युद्ध फिल्म नहीं है: ऑपरेशन सिंदूर और एयर स्ट्राइक के बाद सीजफायर पर जनरल ने कहा, “जंग कोई बॉलीवुड फिल्म नहीं है.” लक्ष्य हासिल होते ही उसे रोकना एक परिपक्व निर्णय था.
  7. किताब का मकसद: उनकी किताब ‘The Curious and the Classified’ का उद्देश्य आम नागरिकों और सैनिकों को सैन्य इतिहास की उन कहानियों से रूबरू कराना है जो अब तक ‘क्लासिफाइड’ (गोपनीय) रही हैं.
  8. शशि थरूर से प्रेरणा: जनरल ने बताया कि वह अपनी किताब के लिए कांग्रेस नेता शशि थरूर की राइटिंग स्टाइल से प्रेरित हुए, खासकर जिस तरह से थरूर शब्दों की उत्पत्ति समझाते हैं.
First published on: Apr 24, 2026 02:16 PM

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About the Author

Vijay Jain

सीनियर न्यूज एडिटर विजय जैन को पत्रकारिता में 23 साल से अधिक का अनुभव है.  न्यूज 24 से पहले विजय दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में अलग-अलग जगहों पर रिपोर्टिंग और टीम लीड कर चुके हैं, हर बीट की गहरी समझ है। खासकर शहर राज्यों की खबरें, देश विदेश, यूटिलिटी और राजनीति के साथ करेंट अफेयर्स और मनोरंजन बीट पर मजबूत पकड़ है. नोएडा के अलावा दिल्ली, गाजियाबाद, गोरखपुर, जयपुर, चंडीगढ़, पंचकूला, पटियाला और जालंधर में काम कर चुके हैं इसलिए वहां के कल्चर, खानपान, व्यवहार, जरूरत आदि की समझ रखते हैं. प्रिंट के कार्यकाल के दौरान इन्हें कई मीडिया अवार्ड और डिजिटल मीडिया में दो नेशनल अवार्ड भी मिले हैं. शिकायत और सुझाव के लिए स्वागत है- Vijay.kumar@bagconvergence.in

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