624 किमी का शानदार एक्सप्रेसवे जल्द होगा शुरू! यहां 120 की स्पीड से दौड़ेंगी गाड़ियां, सीधे जुड़ेंगे दो बड़े हाईवे

Bengaluru Vijayawada Expressway: एनएचएआई ने बेंगलुरु-विजयवाड़ा के बीच 624 किलोमीटर लंबे नए एक्सप्रेसवे का निर्माण शुरू कर दिया है, जिससे 12 घंटे का सफर घटकर सिर्फ 6 घंटे का रह जाएगा.

Bengaluru Vijayawada Expressway opening date

624 किमी का शानदार एक्सप्रेसवे जल्द होागा शुरू

Bengaluru Vijayawada Expressway: बेंगलुरु और विजयवाड़ा के बीच गाड़ी चलाने वाले हर मुसाफिर के लिए यह खबर किसी बड़े तोहफे से कम नहीं है. इन दोनों बड़े शहरों के बीच का मौजूदा सफर किसी बुरे सपने जैसा है, जहां लोगों को टूटी सड़कों, रेंगते हुए ट्रकों और छोटे शहरों के लंबे जाम के बीच पूरे 12 घंटे बिताने पड़ते हैं. लेकिन अब नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) इस रूट की सूरत बदलने जा रही है. सरकार इस समय ‘बेंगलुरु-विजयवाड़ा एक्सप्रेसवे’ का निर्माण बेहद तेजी से कर रही है, जो कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के बीच यात्रा के तौर-तरीकों को पूरी तरह से बदल देगा. यह मेगा प्रोजेक्ट न केवल ड्राइवरों को सफर की थकान से बचाएगा बल्कि इसके शुरू होने से दोनों शहरों के बीच की दूरी और सफर का समय बहुत कम हो जाएगा.

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जानें प्रोजेक्ट की खास बातें

इस पूरे प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि गाड़ियों की रफ्तार को बढ़ाने के लिए पुराने और संकरे रास्तों को चौड़ा करने के बजाय बिल्कुल नया रास्ता तैयार किया जा रहा है. नेशनल हाईवे 544जी (NH-544G) के नाम से बनने वाले इस एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई करीब 624 किलोमीटर होगी. इसे हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल पर करीब 19,320 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बनाया जा रहा है. इस रूट पर गाड़ियों की अधिकतम रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है और इसमें पूरी तरह से कंट्रोल्ड एंट्री रैंप होंगे. इस एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा हिस्सा यानी 343 किलोमीटर का रास्ता कोडिकोंडा से अद्दानकी के बीच बिल्कुल स्क्रैच से यानी एकदम नया (ग्रीनफील्ड) बनाया जा रहा है, जबकि बाकी के हिस्से में पुरानी सड़कों को अपग्रेड किया जा रहा है.

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12 घंटे का सफर अब सिर्फ 6 घंटे में

इस एक्सप्रेसवे के पूरी तरह चालू होने के बाद बेंगलुरु से विजयवाड़ा की दूरी 110 किलोमीटर कम हो जाएगी. इसका सीधा फायदा यह होगा कि जो सफर अभी 12 घंटे में पूरा होता है, उसे मुसाफिर बिना किसी रुकावट के सिर्फ 6 घंटे में तय कर सकेंगे. इस एक्सप्रेसवे पर ड्राइवरों को ट्रेडिशनल टोल बूथों पर लंबी कतारों में लगकर पेपर टिकट लेने की जरूरत नहीं होगी. इसमें आधुनिक ऑटोमैटिक सेंसर लगाए जाएंगे जो गाड़ी के चढ़ने और उतरने की जगह को ट्रैक करके सीधे फास्टैग अकाउंट से केवल तय की गई दूरी का पैसा काटेंगे. यह एक्सप्रेसवे बेंगलुरु से हैदराबाद जाने वाले एनएच-44 और चेन्नई से विजयवाड़ा को जोड़ने वाले एनएच-16 को सीधे आपस में जोड़ देगा, जिससे भारी ट्रकों को छोटे शहरों के अंदर नहीं जाना पड़ेगा.

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2026-27 तक शुरू होगी गाड़ियां

इस नए कॉरिडोर के बनने से इसके आसपास के पूरे इलाके का रियल एस्टेट मार्केट पूरी तरह से बदल गया है. बेंगलुरु के बाहरी इलाकों में जमीनों और फ्लैटों की कीमतों में 12 से 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी जा रही है, जबकि विजयवाड़ा के उपनगरों में दाम 14 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं. सबसे ज्यादा फायदा कडप्पा जैसे पिछड़े इलाकों को हुआ है, जहां हाईवे जंक्शनों के पास इंडस्ट्रियल जमीनों के भाव 22 प्रतिशत तक चढ़ गए हैं. लॉजिस्टिक्स और शिपिंग कंपनियां अभी से गोदाम बनाने के लिए जमीनें खरीद रही हैं. प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने के लिए इसे 14 अलग-अलग पैकेजों में बांटा गया है और इसे सभी जरूरी वन और पर्यावरण मंजूरियां मिल चुकी हैं. सरकार का लक्ष्य साल 2026 से 2027 के बीच इसे आम जनता के लिए पूरी तरह से खोलने का है.

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लेखक के बारे में

Raja Alam

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राजा आलम वर्तमान में News 24 हिंदी (B.A.G. Network) में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में चार वर्षों के अनुभव के साथ नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर बारीकी से लेखन कर रहे हैं. पत्रकारिता की नींव देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), अलीगढ़ से रखी, जहां से राजा आलम ने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, हिंदी लेखन में गहराई को और विस्तार दिया जब राजा ने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से हिंदी साहित्य में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की. हर रोज़ कुछ नया सीखना और पाठकों तक सही, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबर पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य रहा है. राजा के लेखन में आपको पत्रकारिता की गंभीरता के साथ-साथ पाठकों से जुड़ने वाली सरल भाषा और कंटेंट की विविधता दोनों मिलेंगे.
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