भारतीय चुनाव आयोग ने आगामी विधानसभा चुनावों में बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और जरूरी सेवाओं में तैनात मतदाताओं के लिए बड़ी राहत देने वाली सुविधा की घोषणा की है. अब ये मतदाता घर बैठे या ड्यूटी के दौरान भी डाक मतपत्र (Postal Ballot) के जरिए आसानी से वोट डाल सकेंगे. यह व्यवस्था लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 60(सी) के तहत लागू की गई है, ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे. चुनाव आयोग ने मतदान दिवस पर कवरेज करने वाले अधिकृत मीडिया कर्मियों को भी आवश्यक सेवाओं में तैनात अनुपस्थित मतदाताओं की श्रेणी में शामिल किया है. वे भी डाक मतपत्र से वोट डालने के हकदार होंगे.
Election Commission of India to facilitate Elderly, PwD and Service Voters and voters on election duty to vote using postal ballot in the upcoming Assembly Elections.
The Commission, as per Section 60(c) of the Representation of the People Act, 1951, has notified that electors… pic.twitter.com/2zKfJ0rYXP---विज्ञापन---— ANI (@ANI) March 19, 2026
किसे-किसे और कैसे मिलेगी सुविधा
85 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग मतदाता और दिव्यांगजन डाक मतपत्र से वोट डाल सकते हैं. इसके लिए फॉर्म 12डी भरकर चुनाव अधिसूचना जारी होने के 5 दिनों के अंदर अपने बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के माध्यम से रिटर्निंग ऑफिसर (RO) को जमा करें. मतदान दल घर आकर वोट एकत्र करेंगे. यह प्रक्रिया पारदर्शी होगी और उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों को भी सूचित किया जाएगा. मतदान के दिन ड्यूटी पर लगे कर्मचारी भी डाक मतपत्र का लाभ ले सकेंगे. इसमें अग्निशमन सेवा, स्वास्थ्य सेवाएं, बिजली विभाग, यातायात पुलिस, एम्बुलेंस सेवा, विमानन सेवा और लंबी दूरी की सरकारी सड़क परिवहन निगम आदि शामिल हैं. ऐसे मतदाता अपने विभाग के नामित नोडल अधिकारी के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं.
सेवारत मतदाताओं के लिए विशेष प्रावधान
चुनाव ड्यूटी पर तैनात मतदाता डाक मतपत्र प्राप्त करेंगे, वोट डालेंगे और सुविधा केंद्र पर जमा करेंगे. पूर्ण गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं. उम्मीदवारों की अंतिम सूची तैयार होते ही इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलट सिस्टम (ETPBS) के जरिए डाक मतपत्र इलेक्ट्रॉनिक रूप से भेजे जाएंगे. डाक खर्च की कोई आवश्यकता नहीं – यह मुफ्त है.
महत्वपूर्ण समयसीमा
डाले गए सभी डाक मतपत्र 4 मई, 2026 को मतगणना की तिथि पर सुबह 8:00 बजे तक संबंधित रिटर्निंग अधिकारी तक पहुंच जाने चाहिए. यह कदम चुनाव आयोग की “कोई मतदाता पीछे न छूटे” की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है, जिससे बुजुर्ग, दिव्यांग और ड्यूटी पर लगे लोग बिना किसी परेशानी के लोकतंत्र में भागीदारी निभा सकें. अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक चुनाव आयोग वेबसाइट या स्थानीय RO कार्यालय से संपर्क करें.










