मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को घेरने के लिए विपक्ष लगातार हमलावर है. इस मुद्दे को लेकर इंडिया गठबंधन में भी चर्चा तेज हो गई है. इस बीच एक दूसरे के राजनीतिक दुश्मन समझे जाने वाले CPI(M) और ममता बनर्जी की पार्टी में बातचीत हुई है. सूत्रों के मुताबिक, CPI(M) ने ममता बनर्जी को चिट्ठी लिखी, जिसपर उन्होंने पॉजिटिव रिएक्शन दिया है. खबर ये भी है कि CPI(M) महासचिव एमए बेबी और AITC प्रमुख ममता बनर्जी के बीच शुक्रवार दोपहर को फोन पर बातचीत हुई. सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच चुनाव आयोग में जारी विवाद को लेकर भी चर्चा हुई.
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क्या चर्चा हुई?
एमए बेबी ने ममता बनर्जी को 23 सितंबर को एक चिट्ठी लिखी थी, जिसमें कहा गया था कि इंडिया ब्लॉक की पार्टियों को एक मंच पर आने की जरूरत है ताकि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई का मुद्दा उठाया जा सके और चुनावी सुधारो को लेकर मुहिम शुरू कर सकें. शुक्रवार को फोन पर बात कर दोनों पार्टियों के नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि देश में चुनाव के नाम पर हो रहे फर्जीवाड़े के खिलाफ अभियान शुरू करना बेहद जरूरी है.
चिट्ठी में क्या लिखा?
बेबी ने चिट्ठी में कहा कि विपक्ष के लिए ये समझदारी होगी कि वो मिलें और हालात की गंभीरता को देखते हुए विचार-विमर्श करें. CPI(M) नेता ने कहा कि लोग लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और वोट देने के अधिकार जैसे मूल्यों की रक्षा के लिए विपक्ष की ओर देख रहे हैं. उन्होंने लिखा कि पार्टियां मिलने और इस असाधारण स्थिति से निपटने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए अपनी सुविधा के अनुसार कोई तारीख और जगह तय कर सकती हैं.
ममता बनर्जी ने क्या कहा?
सूत्रों के मुताबिक, CPI(M) महासचिव एमए बेबी ने BRS, AAP, DMK, तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी TVK, BJD और कॉकरोच जनता पार्टी जैसी गैर-INDIA ब्लॉक पार्टियों को भी पत्र लिखा. खबरों के मुताबिक, ममता बनर्जी ने बेबी से कहा कि INDIA ब्लॉक की पार्टियों को तुरंत बैठक करनी चाहिए और एक संयुक्त रणनीति बनानी चाहिए. वहीं, चुनाव आयोग में जारी बवाल पर ममता बनर्जी ने इस मामले को शर्मनाक बताते हुए कहा- मुख्य चुनाव आयुक्त को गिरफ्तार किया जाना चाहिए. उन्हें पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है और बीजेपी को ये समझना होगा कि वो हमारे संविधान को बर्बाद नहीं कर सकते. वे लोकतंत्र को खत्म नहीं कर सकते. वो बीजेपी आईटी टीम के नाम पर अपने EROs को तैनात नहीं कर सकते. ज्ञानेश कुमार ने पुलिस का गलत इस्तेमाल किया है और बीजेपी के साथ मिलकर अपने बीजेपी-समर्थक लोगों को तैनात किया है. ऐसा घोटाला पहले कभी नहीं हुआ.”