---विज्ञापन---

मुंबई angle-right

‘मातोश्री में रो पड़े थे शिंदे…’, आदित्य ठाकरे बोले- जेल जाने के डर से ‘एकनाथ’ ने BJP से मिलाया था हाथ

Maharashtra Politics: उद्धव ठाकरे के बेटे और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने दावा किया कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पिछले साल भारतीय जनता पार्टी के साथ हाथ मिलाने से पहले मातोश्री में रोने लगे थे। उन्होंने इस बात से डर था कि अगर उन्होंने बीजेपी के साथ गठबंधन नहीं किया तो उन्हें जांच एजेंसियों द्वारा […]

---विज्ञापन---

Maharashtra Politics: उद्धव ठाकरे के बेटे और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने दावा किया कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पिछले साल भारतीय जनता पार्टी के साथ हाथ मिलाने से पहले मातोश्री में रोने लगे थे। उन्होंने इस बात से डर था कि अगर उन्होंने बीजेपी के साथ गठबंधन नहीं किया तो उन्हें जांच एजेंसियों द्वारा गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया जाएगा। मातोश्री ठाकरे का घर है।

उद्धव ठाकरे गुट से सांसद संजय राउत ने भी आदित्य ठाकरे की बात पर सहमति जताई है। उन्होंने कहा कि यह 100 फीसदी सच है। शिंदे ने उन्हें यही बात बताई थी। मैंने उन्हें (शिंदे) को समझाने की कोशिश की .. लेकिन उनके दिलो-दिमाग में जेल का डर साफ दिखाई दे रहा था।

---विज्ञापन---

और पढ़िए – आदित्य ठाकरे ने हैदराबाद में बीजेपी पर साधा निशाना, बोले- ‘राम मंदिर भाजपा की वजह से नहीं बन रहा’

बता दें कि एकनाथ शिंदे ने पिछले साल जून में 40 से अधिक विधायकों के साथ शिवसेना से बगावत कर दी थी। उन्होंने महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की अगुवाई में चल रही महा विकास अघाड़ी की सरकार का तख्ता पलट कर दिया था। इसके बाद बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाई थी। बाद में उन्हें चुनाव आयोग ने शिवसेना पार्टी और चुनाव चिन्ह तीर कमान भी दे दिया।

---विज्ञापन---

और पढ़िए – Jaipur Serial Blast: पीड़ित परिवारों ने सुप्रीम कोर्ट का खटखटाया दरवाजा, हाईकोर्ट ने चार आरोपियों को कर दिया था बरी

---विज्ञापन---

मंत्री दीपक केसरकर ने किया पलटवार

महाराष्ट्र के मंत्री दीपक केसरकर ने आदित्य ठाकरे पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि आदित्य ठाकरे के पास एक पेशेवर टीम है जो उन्हें झूठ बोलना सिखाती है। वहीं, भाजपा नेता नारायण राणे ने आदित्य ठाकरे से पूछा कि श्री शिंदे मातोश्री कब आए थे।

---विज्ञापन---

उन्होंने कहा, मैं उस पर नहीं बोलूंगा। वह कुछ भी कहते हैं। उनमें बचपना है। शिंदे कब गए? कब रोए? किस साल में रोए? यह सब बकवास है।

और पढ़िए – प्रदेश से जुड़ी अन्य बड़ी ख़बरें यहाँ पढ़ें

First published on: Apr 13, 2023 08:44 PM

End of Article
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola