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NCERT किताब के विवाद पर आया शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का रिएक्शन, कड़ी कार्रवाई का दिया आश्वासन

NCERT Controversial Book: विवादित किताब मामले पर बीते दिनों मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्य कांत की बेंच ने 25 फरवरी को स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा, 'हम किसी को भी संस्था की अखंडता को धूमिल करने की इजाजत नहीं देंगे.'

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सुप्रीम कोर्ट द्वारा न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले एनसीईआरटी की कक्षा 8 की पाठ्यपुस्तक के विवादित चैप्टर पर स्वतः संज्ञान लेने के संबंध में अब केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का भी रिएक्शन सामने आया है. उन्होंने ने कहा, ‘हमें न्यायपालिका के प्रति सर्वोच्च सम्मान है. न्यायपालिका ने जो भी कहा है, उसका हम पूरी तरह पालन करेंगे. जो हुआ है उससे मैं अत्यंत व्यथित हूं और खेद व्यक्त करता हूं. जैसे ही यह मामला मेरी जानकारी में आया, मैंने तुरंत एनसीईआरटी को संबंधित पुस्तकों को वापस लेने के निर्देश दिए, ताकि वे आगे प्रसारित न हों. उन्हें वापस मंगाने के लिए आवश्यक कदम उठा लिए गए हैं.’

शिक्षा मंत्री ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

शिक्षा मंत्री ने आगे कहा, ‘न्यायपालिका का अपमान करने का कोई उद्देश्य नहीं था. जो घटना हुई है उसको हम गंभीरता से लेते हैं. NCERT के ऊपर इंक्वायरी किया जाएगा. जो भी व्यक्ति उस चैप्टर को बनवाने में संलग्न हैं उनके ऊपर कार्रवाई की जाएगी. आगे ये गलती न हो, इसके लिए हम न्यायपालिका को आश्वस्त करते हैं.’ शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि NCERT पर इन्क्वारी की जाएगी, जिसने चैप्टर को शामिल किया उसपर कार्रवाई होगी.

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क्या है मामला?


आपकी जानकारी के लिए बता दें कि NCERT की कक्षा 8 के सामाजिक विज्ञान पाठ्यपुस्तक में शामिल एक चैप्टर को लेकर भारी बवाल मचा हुआ है. पाठ्यक्रम में ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ और ‘मामूली से लेकर उच्च स्तर तक भ्रष्टाचार’ का उल्लेख किया गया है. किताब में न्यायपालिका की चुनौतियों के अंतर्गत ‘विभिन्न स्तरों पर भ्रष्टाचार’ और ‘लंबित मामलों के बोझ’ का जिक्र है.

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सुप्रीम कोर्ट की सख्ती


मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्य कांत की बेंच ने 25 फरवरी को स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा, ‘हम किसी को भी संस्था की अखंडता को धूमिल करने की इजाजत नहीं देंगे.’ वकील कपिल सिब्बल ने दलील दी कि बच्चों को यह पढ़ाना चौंकाने वाला है. जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने इसे संविधान की मूल संरचना के विरुद्ध बताया.

First published on: Feb 26, 2026 04:35 PM

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