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ED से जब्त करोड़ों की रकम का क्या होता है? सरकार पर लग चुका है निजी खर्च का आरोप

Enforcement Directorate: देश में लगातार प्रवर्तन निदेशालय (ED) का एक्शन देखने को मिलता है. इस दौरान करोड़ों की रकम ईडी के द्वारा जब्त की जाती है. अब सवाल ये उठता है कि ED इस पैसे का क्या करती है?

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Enforcement Directorate: देश में आए दिन जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) करोड़ों रुपये बरामद करती है. इस पैसे को लेकर कई बार सरकार पर सवाल भी उठते हैं. बिहार चुनाव में भी इस पैसे को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए. ज्यादातर लोगों के मन में ये सवाल होता है कि इतना ज्यादा पैसा बरामद किया जाता है, तो उस पैसे का ED क्या करती है? बता दें कि कई मामलों में सरकार को ये पैसे दे दिए जाते हैं और कुछ मामलों में बरामद किया पैसा वापस कर दिया जाता है.

करप्शन के खिलाफ ED की छापेमारी

2019 प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉड्रिंग एक्‍ट (PMLA) लागू किया गया. इसके बाद देशभर में ED की कार्रवाई बढ़ गई. इसमें उन लोगों पर एक्शन लिया गया, जिन्होंने गलत तरीके से पैसे जमा किए हुए थे. इसके साथ ही गलत तरीके से पैसों को विदेश भेजने या हवाला का मामला हो, सभी पर ED ने सख्ती अपनानी शुरू कर दी. ऐसी कार्रवाई में एक-एक शख्स के पास से करोड़ों रुपये बरामद होते हैं.

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जब्त करने के बाद उस पैसे का क्या होता है?

ED जब किसी जगह पर कार्रवाई करके संपत्ति जब्त करती है, तो उसे सरकार के वेयरहाउस में रखा जाता है. इसके अलावा, रकम को रिजर्व बैंक या SBI में सरकार के खाते में ट्रांसफर करा दिया जाता है. इसके पीछे एक वजह ये भी है कि बाहर रखी हुई रकम को नुकसान पहुंच सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब्त की हुई रकम या संपत्तियों को 180 दिन तक ही ED अपने पास रख सकता है. इस बीच जब्त की गई पैसों और चीजों से जुड़ा केस चलता है, जब इस पर कोई फैसला न आ जाए.

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रकम का क्या होगा कैसे तय होता है?

ED जो संपत्ति या रकम जब्त करता है, उसको अपने पास रखने का भी एक समय होता है. उस समय के दौरान ही कोर्ट में वो आरोप साबित करना होता है, जिसके लिए जब्ती की गई है. अगर आरोप सही साबित होते हैं तो रकम सरकार को दे दी जाती है. अगर आरोप सही नहीं होते हैं तो उस शख्स को उसके पैसे वापस कर दिए जाते हैं.

वहीं, कई मामले ऐसे भी होते हैं, जिनमें केवल जुर्माना लगाकर जब्त की गई रकम को वापस कर दिया जाता है. बता दें कि मामला केंद्र से जुड़ा होता है तो केंद्र को और राज्य से जुड़ा होता है तो राज्य सरकार के पास पैसे जमा करने होते हैं.

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First published on: Nov 20, 2025 01:39 PM

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About the Author

Shabnaz

शबनाज़ खानम एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो वर्तमान में न्यूज़24 में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने इंडिया डेली लाइव, ज़ी न्यूज़ सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों में विभिन्न पदों पर ज़िम्मेदारियां निभाई हैं। शबनाज़ ने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। उन्हें डिजिटल और टीवी दोनों में काम करने का 5 साल का अनुभव प्राप्त है और वे अपने संपादन कौशल, बारीक नज़र और विस्तृत कहानी को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने के लिए जानी जाती हैं। काम के अलावा, उन्हें सिनेमा और लाइफस्टाइल पर बातचीत करना बेहद पसंद है, जो उनकी कहानी कहने की गहरी रुचि को दर्शाता है।

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शबनाज़ खानम एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो वर्तमान में न्यूज़24 में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने इंडिया डेली लाइव, ज़ी न्यूज़ सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों में विभिन्न पदों पर ज़िम्मेदारियां निभाई हैं। शबनाज़ ने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। उन्हें डिजिटल और टीवी दोनों में काम करने का 5 साल का अनुभव प्राप्त है और वे अपने संपादन कौशल, बारीक नज़र और विस्तृत कहानी को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने के लिए जानी जाती हैं। काम के अलावा, उन्हें सिनेमा और लाइफस्टाइल पर बातचीत करना बेहद पसंद है, जो उनकी कहानी कहने की गहरी रुचि को दर्शाता है।

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