'हमारा समय बर्बाद मत करो...', CJP मार्च में पुलिस एक्शन के खिलाफ याचिका पर SC की बड़ी टिप्पणी; दखल देने से इनकार

याचिका पर सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कहा, ‘हमारा समय बर्बाद न करें’. जिन वकीलों ने पुलिस की ज्यादती दिखाने वाले वीडियो होने की बात कही थी, उनसे CJI ने कहा, ‘हमें वीडियो में कोई दिलचस्पी नहीं है.’

SUPREME COURT.jpg (1)

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मानसून सत्र जारी है, सोमवार से शुरू हुए सेशन के बाद से ही दिल्ली में बवाल मचा हुआ है. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च के दौरान छात्रों पर पुलिस की बर्बरता से अब विरोध प्रदर्शन और उग्र हो गया है. इस बीच सुप्रीम कोर्ट में छात्रों पर मार्च के दौरान पुलिस एक्शन के खिलाफ याचिका दायर की गई थी, जिसपर सुनवाई करते हुए उच्चतम न्यायालय ने मामले में दखल देने से इनकार कर दिया है. छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ याचिका पर सीजेआई सूर्यकांत ने कुछ ऐसा कह दिया, जिससे छात्रों की नाराजगी बढ़ सकती है.

विज्ञापन

‘हमारा समय बर्बाद न करें’- CJI


याचिका पर सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कहा, ‘हमारा समय बर्बाद न करें’. जिन वकीलों ने पुलिस की ज्यादती दिखाने वाले वीडियो होने की बात कही थी, उनसे CJI ने कहा, ‘हमें वीडियो में कोई दिलचस्पी नहीं है, हमारे पास उन्हें देखने का समय नहीं है.’ सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर पर पुलिस बर्बरता मामले में दखल देने से इनकार कर दिया है. दरअसल, याचिका में वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट से एक वीडियो देखने की अपील की, जिसमें कथित तौर पर पुलिस द्वारा छात्रों पर बर्बरता को दिखाया गया है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने वीडियो देखने से ही इनकार कर दिया.

विज्ञापन

दिल्ली HC में भी होनी है एक याचिका पर सुनवाई

दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर सोनम वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से जबरन हटाने के आरोपों की जांच की मांग की गई है. याचिका में सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से जबरन हटाने के आरोपों की कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग की गई है. प्रदर्शनकारियों के साथ जबरदस्ती, गैरकानूनी तरीके से रोकने, हिरासत में रखने, धमकाने और मारपीट के आरोपों की जांच की भी मांग कई गई है.

विज्ञापन

कोर्ट से अपील कि जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे लोगों को पुलिस परेशान या जबरन न हटाए, कानून के मुताबिक ही कार्रवाई हो. याचिका में कहा गया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की जाए. याचिका में मांग की गई कि बिना जरूरी वजह पुलिस शांतिपूर्ण प्रदर्शन में दखल न दे, केवल कानून के दायरे में ही कार्रवाई हो. हालांकि अब देखना ये है कि दिल्ली हाई कोर्ट इन याचिका पर किस तरह से प्रतिक्रिया देता है.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ