यूपी के शो विंडो कहे जाना वाले नोएडा में श्रमिकों ने सोमवार को बड़ा प्रदर्शन किया। वैसे तो सैलरी और इंक्रीमेंट को लेकर श्रमिक पिछले करीब 3 दिनों से नोएडा में धरना दे रहे थे लेकिन अभी तक ये धरना शांतिपूर्वक चल रहा था। सोमवार सुबह अचानक लोगों की भीड़ में भारी बढ़ोतरी हुई। नारेबाजी शुरू हुई, लोग उग्र होना शुरू हो गए, पुलिस से झड़प होने लगी, देखते ही देखते लोगों ने तोड़फोड़ शुरू कर दी। यहां तक लोगों ने कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा।
मामले में सूत्रों ने बताया कि नोएडा में श्रमिकों के प्रदर्शन में अचानक घुसे कई नए चेहरों ने पुलिस की गाड़ियां जलाईं हैं। ये हिंसा आम श्रमिकों ने बल्कि प्रदर्शन में शामिल कुछ अन्य लोगों ने प्रदर्शन को हिंसक बनाया। पिछले 3 दिन से नोएडा में श्रमिकों का प्रदर्शन चल रहा है। इसका संज्ञान लेते हुए बीते दिन सीएम योगी ने हस्तक्षेप किया था। सीएम के हस्तक्षेप के बाद डीएम ने उद्यमियों के साथ बैठक भी की थी। श्रमिकों के लिए कई नियम बनाने पर चर्चा हुई थी। मामले ठंडा होते देख अगले ही दिन यानी सोमवार को प्रदर्शन हिंसक हो गया। ऐसे में चर्चा है कि अचानक यह प्रदर्शन हिंसक कैसे हो गया।
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क्या है पाकिस्तान कनेक्शन?
सूत्रों का कहना है कि नई उम्र के लड़के अचानक श्रमिकों की भीड़ में आए और गाड़ियों को जलाना शुरू कर दिया। यूपी ATS ने जिन 4 संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। उनसे पूछताछ में इन्हीं तरीकों का खुलासा हुआ था। बताया कि पाक हैंडलर के इशारों पर गाड़ियों को जलाकर दंगा, हिंसा करवाने की प्लानिंग थी।
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