Delhi Services Bill: दिल्ली सर्विस बिल लोकसभा के बाद सोमवार को राज्यसभा से भी पास हो गया। दिल्ली के अफसरों के ट्रांसफर-पोस्टिंग के अधिकार को लेकर ये बिल लाया गया था। इस बिल के पास होने के बाद पांच सांसदों ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित चयन समिति में सहमति के बिना उनका नाम शामिल किया गया। बीजेपी सांसद एस फांगनोन कोन्याक, नरहरि अमीन और डॉ सुधांशु त्रिवेदी, एआईएडीएमके सांसद एम थंबीदुरई और बीजेडी सांसद डॉ सस्मित पात्रा ने आरोप लगाया है कि विधेयक पर प्रस्तावित चयन समिति में उनकी सहमति के बिना उनका नाम शामिल किया गया।
यह उनके जाली हस्ताक्षर के बराबर: वी मुरलीधरन
इस मामले पर केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन ने कहा कि "यह बहुत गंभीर मुद्दा है। जिस आप नेता ने चयन समिति का नोटिस सौंपा था, उसमें सत्तारूढ़ दल भाजपा और बीजेडी के साथ-साथ अन्नाद्रमुक के सदस्यों के नाम भी शामिल थे, जिन्होंने अपनी सहमति नहीं दी थी। यह उनके जाली हस्ताक्षर के बराबर है। संबंधित सदस्यों ने राज्यसभा के सभापति को पत्र सौंपा है।
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https://twitter.com/ANI/status/1688609216335110144
मैंने कभी ऐसा कुछ होते नहीं देखा: हरदीप पुरी
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने उन पांच सांसदों के आरोप पर बोलते हुए दावा किया कि दिल्ली एनसीआर संशोधन विधेयक को उनकी सहमति के बिना चयन समिति को भेजने के प्रस्ताव पर उनके नामों का उल्लेख किया गया था। यह प्रस्ताव आप सांसद राघव चड्ढा ने पेश किया था। उन्होंने कहा- ''एक मंत्री के रूप में अपने छह वर्षों में या 30-40 वर्षों में जब मैं संसद को देख रहा हूं। साथ ही एक सिविल सेवक के रूप में इसे कवर कर रहा हूं, मैंने कभी ऐसा कुछ होते नहीं देखा। इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए।''
https://twitter.com/ANI/status/1688609382811185153
उन्होंने मुझसे बात नहीं की: नरहरि अमीन
बीजेपी सांसद नरहरि अमीन ने आरोप लगाया कि दिल्ली सेवा विधेयक पर प्रस्तावित चयन समिति में उनका नाम शामिल है। उन्होंने कहा- "राघव चड्ढा ने मेरा नाम सेलेक्ट कमेटी में शामिल किया। उन्होंने मुझसे बात नहीं की, मैंने इसके लिए सहमति नहीं दी। उन्होंने गलत किया है। मैंने अपने हस्ताक्षर नहीं दिए हैं।" गृहमंत्री अमित शाह ने इसे मामले में जांच की मांग की है। जबकि उप सभापति ने जांच का आश्वासन दिया है।
https://twitter.com/ANI/status/1688597109682159616
'मुझे जब नोटिस आएगा, मैं उसका खुलकर जवाब दूंगा'
वहीं पूरे मामले पर राघव चड्ढा ने बयान देते हुए कहा- उन्हें मुझे नोटिस देने दीजिए। मैं उसका जवाब दे दूंगा। किसी तरह के सिग्नेचर की जरूरत नहीं थी। मुझे जब नोटिस आएगा, मैं उसका खुलकर जवाब दूंगा। मैं इस बात से बिल्कुल भी परेशान नहीं हूं।
https://www.youtube.com/watch?v=S96Wj-0lOiQ
Delhi Services Bill: दिल्ली सर्विस बिल लोकसभा के बाद सोमवार को राज्यसभा से भी पास हो गया। दिल्ली के अफसरों के ट्रांसफर-पोस्टिंग के अधिकार को लेकर ये बिल लाया गया था। इस बिल के पास होने के बाद पांच सांसदों ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित चयन समिति में सहमति के बिना उनका नाम शामिल किया गया। बीजेपी सांसद एस फांगनोन कोन्याक, नरहरि अमीन और डॉ सुधांशु त्रिवेदी, एआईएडीएमके सांसद एम थंबीदुरई और बीजेडी सांसद डॉ सस्मित पात्रा ने आरोप लगाया है कि विधेयक पर प्रस्तावित चयन समिति में उनकी सहमति के बिना उनका नाम शामिल किया गया।
यह उनके जाली हस्ताक्षर के बराबर: वी मुरलीधरन
इस मामले पर केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन ने कहा कि “यह बहुत गंभीर मुद्दा है। जिस आप नेता ने चयन समिति का नोटिस सौंपा था, उसमें सत्तारूढ़ दल भाजपा और बीजेडी के साथ-साथ अन्नाद्रमुक के सदस्यों के नाम भी शामिल थे, जिन्होंने अपनी सहमति नहीं दी थी। यह उनके जाली हस्ताक्षर के बराबर है। संबंधित सदस्यों ने राज्यसभा के सभापति को पत्र सौंपा है।
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मैंने कभी ऐसा कुछ होते नहीं देखा: हरदीप पुरी
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने उन पांच सांसदों के आरोप पर बोलते हुए दावा किया कि दिल्ली एनसीआर संशोधन विधेयक को उनकी सहमति के बिना चयन समिति को भेजने के प्रस्ताव पर उनके नामों का उल्लेख किया गया था। यह प्रस्ताव आप सांसद राघव चड्ढा ने पेश किया था। उन्होंने कहा- ”एक मंत्री के रूप में अपने छह वर्षों में या 30-40 वर्षों में जब मैं संसद को देख रहा हूं। साथ ही एक सिविल सेवक के रूप में इसे कवर कर रहा हूं, मैंने कभी ऐसा कुछ होते नहीं देखा। इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए।”
उन्होंने मुझसे बात नहीं की: नरहरि अमीन
बीजेपी सांसद नरहरि अमीन ने आरोप लगाया कि दिल्ली सेवा विधेयक पर प्रस्तावित चयन समिति में उनका नाम शामिल है। उन्होंने कहा- “राघव चड्ढा ने मेरा नाम सेलेक्ट कमेटी में शामिल किया। उन्होंने मुझसे बात नहीं की, मैंने इसके लिए सहमति नहीं दी। उन्होंने गलत किया है। मैंने अपने हस्ताक्षर नहीं दिए हैं।” गृहमंत्री अमित शाह ने इसे मामले में जांच की मांग की है। जबकि उप सभापति ने जांच का आश्वासन दिया है।
‘मुझे जब नोटिस आएगा, मैं उसका खुलकर जवाब दूंगा’
वहीं पूरे मामले पर राघव चड्ढा ने बयान देते हुए कहा- उन्हें मुझे नोटिस देने दीजिए। मैं उसका जवाब दे दूंगा। किसी तरह के सिग्नेचर की जरूरत नहीं थी। मुझे जब नोटिस आएगा, मैं उसका खुलकर जवाब दूंगा। मैं इस बात से बिल्कुल भी परेशान नहीं हूं।