Abhijeet Dipke disappear: NEET पेपर लीक विवाद के बीच देश के केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. इस बड़े घटनाक्रम के तुरंत बाद, जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन का मुख्य चेहरा बने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके का बयान सामने आया है. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर आते ही अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक छोटा लेकिन चर्चा में आने वाला संदेश लिखा. दीपके ने अपनी पोस्ट में कहा— "सोने जा रहा हूं. कुछ देर में आप लोगों से मिलता हूं." गौरतलब है कि पिछले दो दिन से अभिजीत को टाइफाइड की शिकायत थी, उस वजह से उनका चेहरा भी उतरा हुआ था.
इस्तीफे के बाद सामूहिक जीत पर दिया जोर
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद मीडिया से बातचीत में दीपके ने कहा कि यह किसी एक व्यक्ति की जीत नहीं है, बल्कि कलेक्टिव एक्शन (सामूहिक प्रयास) का नतीजा है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस जीत को किसी एक चेहरे तक सीमित न रखें. दीपके ने यह भी कहा कि वे छात्रों के हक और व्यवस्था के सुधार के लिए आगे भी अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे.
सरकार और CJP के बीच बनी सहमति
केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों और सीजेपी के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई अहम बातचीत में संगठन की प्रमुख मांगों पर सहमति बन गई है. सीजेपी की ओर से बताया गया कि नीट (NEET) प्रश्नपत्र लीक मामले के बाद कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा. इसके अलावा, 20 जुलाई को निकाले गए 'संसद चलो' मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज की गई सभी एफआईआर (FIR) वापस ली जाएंगी.
'पर्सनैलिटी पॉलिटिक्स नहीं, कलेक्टिव एक्शन पर ध्यान दें'
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए अभिजीत दीपके ने अपने समर्थकों और आम जनता से अपील की कि इस जीत को किसी एक व्यक्ति के इर्द-गिर्द सीमित न करें. उन्होंने सामूहिक प्रयास पर जोर देते हुए कहा कि यह देश के युवाओं की सामूहिक जीत है. दीपके ने यह भी स्पष्ट किया कि वे छात्रों के अधिकारों और व्यवस्था में सुधार के लिए आगे भी आवाज उठाते रहेंगे.
Abhijeet Dipke disappear: NEET पेपर लीक विवाद के बीच देश के केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. इस बड़े घटनाक्रम के तुरंत बाद, जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन का मुख्य चेहरा बने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके का बयान सामने आया है. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर आते ही अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक छोटा लेकिन चर्चा में आने वाला संदेश लिखा. दीपके ने अपनी पोस्ट में कहा— “सोने जा रहा हूं. कुछ देर में आप लोगों से मिलता हूं.” गौरतलब है कि पिछले दो दिन से अभिजीत को टाइफाइड की शिकायत थी, उस वजह से उनका चेहरा भी उतरा हुआ था.
इस्तीफे के बाद सामूहिक जीत पर दिया जोर
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद मीडिया से बातचीत में दीपके ने कहा कि यह किसी एक व्यक्ति की जीत नहीं है, बल्कि कलेक्टिव एक्शन (सामूहिक प्रयास) का नतीजा है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस जीत को किसी एक चेहरे तक सीमित न रखें. दीपके ने यह भी कहा कि वे छात्रों के हक और व्यवस्था के सुधार के लिए आगे भी अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे.
सरकार और CJP के बीच बनी सहमति
केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों और सीजेपी के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई अहम बातचीत में संगठन की प्रमुख मांगों पर सहमति बन गई है. सीजेपी की ओर से बताया गया कि नीट (NEET) प्रश्नपत्र लीक मामले के बाद कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा. इसके अलावा, 20 जुलाई को निकाले गए ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज की गई सभी एफआईआर (FIR) वापस ली जाएंगी.
‘पर्सनैलिटी पॉलिटिक्स नहीं, कलेक्टिव एक्शन पर ध्यान दें’
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए अभिजीत दीपके ने अपने समर्थकों और आम जनता से अपील की कि इस जीत को किसी एक व्यक्ति के इर्द-गिर्द सीमित न करें. उन्होंने सामूहिक प्रयास पर जोर देते हुए कहा कि यह देश के युवाओं की सामूहिक जीत है. दीपके ने यह भी स्पष्ट किया कि वे छात्रों के अधिकारों और व्यवस्था में सुधार के लिए आगे भी आवाज उठाते रहेंगे.