सेंट्रल बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (CBSE) की 12वीं क्लास के एग्जाम पेपर्स की आंसर शीट का विवाद गहराता जा रहा है। आंसर शीट और ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम में गड़बड़ी के आरोप छात्र लगा रहे हैं। पहले वेदांत नामक छात्र ने अपनी आंसर शीट और मार्क्स को लेकर सवाल उठाए थे। वेदांत के मामले में CBSE ने गलती मानी तो संजना नामक लड़की सामने आ गई और उसने अपने केमिस्ट्री पेपर की स्कैन आंसर शीट पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।
पहले पेज को छोड़ बाकी कॉपी संजना की नहीं
संजना का कहना है कि बोर्ड ने री-इवेल्यूशन प्रोसेस में आंसर शीट की जो स्कैन कॉपी अपलोड की, वह उनकी नहीं है। सिर्फ पहला पेज उनका है, बाकी कॉपी उनकी नहीं है। कॉपी की हैंडराइटिंग उनकी हैंडराइटिंग से नहीं मिलती। आंसर शीट में लिखे गए आंसर भी उसके आंसर से मैच नहीं करते। संजना ने रेफरेंस के लिए अपनी इंग्लिश पेपर की आंसर शीट अटैच की है, जिसमें उसकी हैंडराइटिंग साफ दिख रही है। पेपर बहुत अच्छा हुआ था तो 70 में से 11 अंक कैसे मिल सकते है?
हैंडराइटिंग और आंसर भी संजना के नहीं निकले
संजना ने कहा कि पहले लगा कि शायद कॉपी स्कैन है, इसलिए धुंधली है। लेकिन जब नंबर कम आने की वजह तलाशने के लिए आंसर चेक किए तो वे भी मेरे नहीं थी। हर पेज की हैंडराइटिंग उसकी हैंडराइटिंग से अलग लगी। बेस्ट फ्रेंड, क्लास टीचर समेत कई लोगों को दिखाया, लेकिन उन्हें भी वह राइटिंग मेरी नहीं लगी। किसी सवाल का क्या आंसर लिखा और कैसे लिखा? सब कुछ याद है, इसलिए मुझे शक है कि मेरी कॉपी किसी और की कॉपी से बदल गई है।
हेल्पलाइन पर बोर्ड अधिकारयों ने संपर्क नहीं हुआ
संजना ने आरोप लगाया कि उसने बात करने के लिए बोर्ड की हेल्पलाइन पर कॉल किया, लेकिन वहां अधिकारियों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। उसने ईमेल भी कर दिया है, लेकिन अभी तक जवाब नहीं आया है। दिल्ली के शहादरा निवासी वेदांत का मामला पढ़ा और पता चला कि बोर्ड ने उसके मामले में गलती की थी तो मैंने भी अपनी आंसर शीट को लेकर सवाल उठाया। मुझे जो आंसर शीट मिली है, वह मेरी नहीं है। उसके आंसर मेरे नहीं और हैंडराइटिंग भी मेरी नहीं है।
आंसरशीट और पेपर चेकिंग को लेकर उठे सवाल
विद्यार्थियों की आंसरशीट एक्सचेंज कैसे हो गई? इतनी धुंधली स्कैन कॉपी कैसे चेक की गईं? ब्लर कॉपियों की मार्किंग कैसे की गई? मल्टीपल क्वेश्चन के जवाब सही होने पर भी नंबर क्यों काटे? स्कैन कॉपी की फीस बढ़ा चढ़ाकर क्यों दिखा रहा ऑफिशियल पोर्टल? विवाद गहराने पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि IIT मद्रास और IIT कानपुर के टेक्निकल एक्सपर्ट बोर्ड की पेपर चेकिंग के मामले में आई तकनीकी समस्याओं की जांच करेंगे और गलतियों से रहित पेपर चेकिंग में मदद करेंगे।
सेंट्रल बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (CBSE) की 12वीं क्लास के एग्जाम पेपर्स की आंसर शीट का विवाद गहराता जा रहा है। आंसर शीट और ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम में गड़बड़ी के आरोप छात्र लगा रहे हैं। पहले वेदांत नामक छात्र ने अपनी आंसर शीट और मार्क्स को लेकर सवाल उठाए थे। वेदांत के मामले में CBSE ने गलती मानी तो संजना नामक लड़की सामने आ गई और उसने अपने केमिस्ट्री पेपर की स्कैन आंसर शीट पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।
पहले पेज को छोड़ बाकी कॉपी संजना की नहीं
संजना का कहना है कि बोर्ड ने री-इवेल्यूशन प्रोसेस में आंसर शीट की जो स्कैन कॉपी अपलोड की, वह उनकी नहीं है। सिर्फ पहला पेज उनका है, बाकी कॉपी उनकी नहीं है। कॉपी की हैंडराइटिंग उनकी हैंडराइटिंग से नहीं मिलती। आंसर शीट में लिखे गए आंसर भी उसके आंसर से मैच नहीं करते। संजना ने रेफरेंस के लिए अपनी इंग्लिश पेपर की आंसर शीट अटैच की है, जिसमें उसकी हैंडराइटिंग साफ दिख रही है। पेपर बहुत अच्छा हुआ था तो 70 में से 11 अंक कैसे मिल सकते है?
हैंडराइटिंग और आंसर भी संजना के नहीं निकले
संजना ने कहा कि पहले लगा कि शायद कॉपी स्कैन है, इसलिए धुंधली है। लेकिन जब नंबर कम आने की वजह तलाशने के लिए आंसर चेक किए तो वे भी मेरे नहीं थी। हर पेज की हैंडराइटिंग उसकी हैंडराइटिंग से अलग लगी। बेस्ट फ्रेंड, क्लास टीचर समेत कई लोगों को दिखाया, लेकिन उन्हें भी वह राइटिंग मेरी नहीं लगी। किसी सवाल का क्या आंसर लिखा और कैसे लिखा? सब कुछ याद है, इसलिए मुझे शक है कि मेरी कॉपी किसी और की कॉपी से बदल गई है।
हेल्पलाइन पर बोर्ड अधिकारयों ने संपर्क नहीं हुआ
संजना ने आरोप लगाया कि उसने बात करने के लिए बोर्ड की हेल्पलाइन पर कॉल किया, लेकिन वहां अधिकारियों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। उसने ईमेल भी कर दिया है, लेकिन अभी तक जवाब नहीं आया है। दिल्ली के शहादरा निवासी वेदांत का मामला पढ़ा और पता चला कि बोर्ड ने उसके मामले में गलती की थी तो मैंने भी अपनी आंसर शीट को लेकर सवाल उठाया। मुझे जो आंसर शीट मिली है, वह मेरी नहीं है। उसके आंसर मेरे नहीं और हैंडराइटिंग भी मेरी नहीं है।
आंसरशीट और पेपर चेकिंग को लेकर उठे सवाल
विद्यार्थियों की आंसरशीट एक्सचेंज कैसे हो गई? इतनी धुंधली स्कैन कॉपी कैसे चेक की गईं? ब्लर कॉपियों की मार्किंग कैसे की गई? मल्टीपल क्वेश्चन के जवाब सही होने पर भी नंबर क्यों काटे? स्कैन कॉपी की फीस बढ़ा चढ़ाकर क्यों दिखा रहा ऑफिशियल पोर्टल? विवाद गहराने पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि IIT मद्रास और IIT कानपुर के टेक्निकल एक्सपर्ट बोर्ड की पेपर चेकिंग के मामले में आई तकनीकी समस्याओं की जांच करेंगे और गलतियों से रहित पेपर चेकिंग में मदद करेंगे।