Edited By : Versha Singh|Updated: Jul 31, 2026 12:39
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कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन और उसके बाद दर्ज की गई एफआईआर को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पहले छात्रों पर बल प्रयोग करती है और बाद में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर उन्हें डराने की कोशिश करती है. राहुल गांधी ने कहा कि लोकतंत्र में युवाओं की आवाज को दबाने का प्रयास किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता है.
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक बयान जारी किया. जिसमें उन्होंने कहा, ‘जिन युवाओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठाई, उन्हें पहले लाठीचार्ज का सामना करना पड़ा और अब उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है.’ उनका कहना था कि सरकार आलोचना सुनने के बजाय विरोध करने वालों को निशाना बना रही है. उन्होंने दावा किया कि इस तरह की कार्रवाई से छात्रों और युवाओं को चुप नहीं कराया जा सकता.
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PM Modi and Amit Shah – you cannot threaten Gen Z into silence.
First you broke their bones. Now you are filing FIRs and taking down their accounts.
You are India’s past. Be careful about how you treat India’s future.
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई. उन्होंने कहा कि 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ हुई कथित बल प्रयोग की घटना की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में गठित एक स्वतंत्र और उच्चस्तरीय समिति से कराई जानी चाहिए.
राहुल गांधी ने कहा, ‘छात्रों को न्याय मिलना चाहिए और पूरे मामले की पारदर्शी जांच आवश्यक है. हमारे छात्रों के साथ जो बर्बरता हुई है, उसकी सच्चाई सामने लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया जाना चाहिए.’
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वहीं, कांग्रेस नेता ने सोशल मीडिया पर छात्रों के प्रदर्शन से जुड़ा एक वीडियो भी शेयर किया. इस वीडियो में जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई की तस्वीरें दिखाई देती हैं. वीडियो में पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करते नजर आ रहे हैं. वहीं, एक अन्य तस्वीर में सादे कपड़ों में मौजूद एक व्यक्ति, जिसके हाथ में तिरंगा है, पुलिस कार्रवाई के दौरान एक छात्र प्रदर्शनकारी को सड़क पर पटकता हुआ दिखाई देता है.
Students deserve justice.
An independent SC monitored high powered committee must be constituted to probe brutalities against our students. pic.twitter.com/pZATUeAjwC
गुरुवार सुबह करीब 10:30 बजे विपक्षी INDIA गठबंधन के कई सांसद संसद परिसर के मकर द्वार पर एकत्र हुए. हाथों में तख्तियां लेकर उन्होंने 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार से सवाल किए. सांसदों का ये सवाल था कि जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग का आदेश किसने दिया था.
विरोध प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं ने छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के मुद्दे पर सरकार से जवाबदेही तय करने की भी मांग की. इसके साथ ही उन्होंने अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को मिले चढ़ावे में कथित वित्तीय अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया और इन दोनों मामलों को लेकर नारेबाजी करते हुए सरकार से जवाब देने की मांग की.