मणिपुर के उखरुल जिले में उग्रवादियों के साथ गोलीबारी में बीएसएफ की 170 बटालियन के कांस्टेबल मिथुन मंडल ने सर्वोच्च बलिदान दिया हैं. वे पेट्रोलिंग ड्यूटी के दौरान मोंगकोट चेपू क्षेत्र में घायल हुए और अस्पताल में दम तोड़ दिया. पश्चिम बंगाल के निवासी मंडल की बहादुरी को देश हमेशा याद रखेगा. बीएसएफ सूत्रों ने बताया कि पेट्रोलिंग के दौरान अज्ञात दिशा से चलाई गई गोली लगने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए और इंफाल के अस्पताल में दम तोड़ दिया.
मणिपुर के मुख्यमंत्री ने इस घटना की कड़ी निंदा की और उन्हें पश्चिम बंगाल का वीर सपूत बताया. बीएसएफ और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनके सर्वोच्च बलिदान को सलाम किया है. इलाके में सुरक्षाबल द सर्च ऑपरेशन चला रहे है.
बता दें, शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए इंफाल हवाई अड्डे पर पूर्ण सेना सम्मान के साथ पुष्पांजलि समारोह आयोजित किया गया था. समारोह का आयोजन सेक्टर मुख्यालय बीएसएफ मणिपुर द्वारा किया गया था और इसमें लगभग 200 बल कर्मियों, वरिष्ठ अधिकारियों और जवानों ने भाग लिया था. इस दौरान मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह, सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह, डीजीपी मणिपुर राजीव सिंह, और दूसरे सीनियर अधिकारी मौजूद थे.
बीएसएफ ने बयान जारी करते हुए कहा है कि बहादुर के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक घर भेज दिया गया. बीएसएफ दुख की इस घड़ी में शोक संतप्त परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है और क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए अपनी अटूट प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है. दिवंगत सीटी/जीडी मिथुन मंडल के बलिदान को हमेशा सम्मान, गर्व और गहरी कृतज्ञता के साथ याद किया जाएगा.










