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भगोड़े मेहुल चोकसी को भारत लाने का रास्ता साफ, बेल्जियम की कोर्ट ने प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील की खारिज

बेल्जियम की सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवर को भगोड़े हीरा व्यापारी मेहुल चोकशी की प्रत्यर्पण के खिलाफ की गई अपील खारिज कर दी. सर्वोच्च न्यायलय के इस फैसले के बाद चोकसी के भारत प्रत्यर्पित किए जाने का रास्ता साफ हो गया है. चोकसी ने अक्टूबर में Antwerp की अपील कोर्ट द्वारा प्रत्यर्पण को सही ठहराते हुए फैसले खिलाफ सर्वोच्च न्यायलय का दरवाज़ा खटखटाया था.

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बेल्जियम की सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवर को भगोड़े हीरा व्यापारी मेहुल चोकशी की प्रत्यर्पण के खिलाफ की गई अपील खारिज कर दी. सर्वोच्च न्यायलय के इस फैसले के बाद चोकसी के भारत प्रत्यर्पित किए जाने का रास्ता साफ हो गया है. चोकसी ने अक्टूबर में Antwerp की अपील कोर्ट द्वारा प्रत्यर्पण को सही ठहराते हुए फैसले खिलाफ सर्वोच्च न्यायलय का दरवाज़ा खटखटाया था.

क्या है पूरा मामला?

बेल्जियम की सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को भगोड़े हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी को करारा झटका दिया है. दरअसल मेहुल ने अपने प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील की थी लेकिन कोर्ट ने इस अपील को खारिज कर दिया. ऐसे में ये उम्मीद जताई जा रही है कि मेहुल चोकसी को भारत लाने का रास्ता साफ हो गया है. गौरतलब है कि मेहुल चोकसी, पंजाब नेशनल बैंक में कथित 13000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में आरोपी है.

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वहीं, मेहुल की की प्रत्यर्पण के खिलाफ की गई अपील को लेकर कोर्ट ऑफ कैसेशन के प्रवक्ता, एडवोकेट जनरल हेनरी वेंडरलिंडन ने PTI को बताया है कि मेहुल की अपील खारिज कर दी गई है. उन्होंने कहा, ‘कोर्ट ऑफ कैसेशन ने अपील खारिज कर दी है. इसलिए, कोर्ट ऑफ अपील का फैसला बरकरार है,’

भारतीय जांचकर्ताओं ने चोकसी पर 2018 और 2022 के बीच छह बैंक फ्रॉड का आरोप लगाया है, जिसमें कुल मिलाकर लगभग 13,000 करोड़ रुपये की रकम शामिल है.

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भारत ने बेल्जियम को कब भेजा था प्रत्यर्पण अनुरोध?

मिली जानकारी के अनुसार, मेहुल चोकसी को जनवरी 2018 में बेल्जियम में देखा गया था. कथित तौर पर उसने यहां पर इलाज करवाया था. इसके बाद भारत ने मुंबई की विशेष अदालत द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट के आधार पर 27 अगस्त, 2024 को बेल्जियम को प्रत्यर्पण अनुरोध भेजा था.

ED-CBI दोनों कर रहे जांच

बता दें कि मेहुल चोकसी और उसका भांजा नीरव मोदी दोनों पंजाब नेशनल बैंक घोटाले में मुख्य आरोपी हैं. मामले की जांच सीबीआई और ईडी दोनों कर रहे हैं.  उन पर आरोप है कि उन्होंने मुंबई में बैंक की ब्रैडी हाउस ब्रांच के अधिकारियों को रिश्वत देकर LoUs और फॉरेन लेटर्स ऑफ क्रेडिट (FLCs) का इस्तेमाल करके PNB से 13,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा का सरकारी पैसा निकाला. मोदी अभी लंदन की एक जेल में बंद है और प्रत्यर्पण से बचने के लिए कानूनी मदद ले रहा है.

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First published on: Dec 09, 2025 11:23 PM

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