---विज्ञापन---

देश angle-right

‘देशभक्त सोनम वांगचुक को गिरफ्तार करना तानाशाही का प्रतीक’, बोले आप सांसद संजय सिंह

संजय सिंह ने कहा कि सरकार ने सोनम वांगचुक को गिरफ्तार करके हिटलरशाही और तानाशाही का उदाहरण दिया है। बेशक लोगों का सब्र का बांध टूट गया था, लंबे समय से वे आंदोलन करते रहे थे और फिर आंदोलन हिंसा के रास्ते पर चला गया। लेकिन सोनम वांगचुक ने हिंसा को बढ़ावा नहीं दिया, बल्कि वही सबसे पहले बाहर निकले और हाथ जोड़कर लोगों से शांति की अपील की।

---विज्ञापन---

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने लद्दाख को पूर्ण राज्य की मांग कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार देशद्रोही है और वांगचुक देशभक्त हैं। एनएसए लगाकर वांगचुक को गिरफ़्तार करना तानाशाही और हिटलरशाही का प्रतीक है।सोनम वांगचुक गांधीवादी तरीके से लद्दाख-कारगिल को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के साथ ही वहां के लोगों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की मांग कर रहे थे। मोदी सरकार मानसिक दिवालियेपन का शिकार हो गई है। सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पीएम मोदी की बड़ी गलती है। लद्दाख की जनता को आंदोलन करने से रोकना बड़े जन विद्रोह का कारण बनेगा।

संजय सिंह ने कहा कि शुक्रवार को सोनम वांगचुक को गिरफ्तार कर लिया गया। वे फेल होने वाले बच्चों को शिक्षा देने का काम करते हैं, जिन्हें हमारी व्यवस्था ताकत नहीं देती। सोनम वांगचुक ने लंबे समय से अपना पूरा जीवन ऐसे बच्चों को समर्पित कर दिया। वे वही व्यक्ति हैं, जिन्होंने पिछले पांच साल से सरकार से छठी अनुसूची के अनुसार लद्दाख के लोगों को उनका हक देने की लगातार मांग की। उनकी मांगों में शिक्षा, रोजगार, जमीन, स्वास्थ्य, लद्दाख-कारगिल को पूर्ण राज्य का दर्जा सहित अन्य दूसरी मांगें हैं। ऐसे सच्चे देशभक्त, गांधीवादी नेता सोनम वांगचुक को आज गिरफ्तार कर उनके ऊपर देशद्रोह की धारा एनएसए लगा दी गई है।

---विज्ञापन---

संजय सिंह ने कहा कि सोनम वांगचुक का यह अपराध है कि वे 15-20 दिनों से अनशन कर रहे थे। उन्होंने लद्दाख से दिल्ली तक पदयात्रा की और मोदी जी से बार-बार हाथ जोड़कर अनुरोध किया। क्या यह उनका अपराध था कि वे लद्दाख के लोगों के लिए पूर्ण राज्य की मांग कर रहे थे?

संजय सिंह ने कहा कि मोदी सरकार ने आज सोनम वांगचुक को गिरफ्तार करके हिटलरशाही और तानाशाही का उदाहरण दिया है। बेशक लोगों का सब्र का बांध टूट गया था, लंबे समय से वे आंदोलन करते रहे थे और फिर आंदोलन हिंसा के रास्ते पर चला गया। लेकिन सोनम वांगचुक ने हिंसा को बढ़ावा नहीं दिया, बल्कि वही सबसे पहले बाहर निकले और हाथ जोड़कर लोगों से शांति की अपील की। वांगचुक ने लोगों से अपील करते हुए कहा था कि हिंसा हमारा रास्ता नहीं है और अपना अनशन तोड़ दिया। साथ ही, लोगों से यह भी अपील की कि हमें शांति के रास्ते से अपना अधिकार पाना है और मोदी सरकार ऐसे व्यक्ति को देशद्रोही कह रही है।

---विज्ञापन---

संजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को यह गलती नहीं करनी चाहिए। लद्दाख चीन की सीमा से लगा हुआ क्षेत्र है और वहां के लोग सच्चे देशभक्त हैं। वे देश के साथ खड़े हैं। लेह-लद्दाख-कारगिल के लोगों ने हमेशा चीन की घुसपैठ का विरोध किया और वे चीन के खिलाफ खुलकर बोले। हमेशा भारतीय सेना और भारत सरकार के साथ खड़े रहे। सोनम वांगचुक को देशद्रोही कहना और उनके ऊपर एनएसए लगाना बहुत ही अफसोस की बात है। आम आदमी पार्टी सोनम वांगचुक, लद्दाख के लोगों और उनकी मांगों के साथ हैं।

First published on: Sep 27, 2025 11:19 AM

End of Article
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola