भले ही रूस से तेल नहीं खरीदने का फैसला भारत सरकार ने किया है, लेकिन रक्षा मामले में किसी भी स्तर पर नजर अंदाज नहीं करने का फैसला लिया गया है और यही वजह है कि भारतीय सेना को और ज्यादा मजबूती देने के लिए रक्षा मंत्रालय ने रूस के साथ एक बड़ा रक्षा सौदे पर हामी भरी है.
डिफेंस सचिव राजेश कुमार ने रूस के साथ एक बड़े डील की घोषणा कर दी है. न्यूज 24 को मिली जानकारी के मुताबिक रक्षा मंत्रालय ने तुंगुस्का वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली की खरीद और P8I लंबी दूरी के समुद्री टोही विमान के निरीक्षण के लिए कुल 858 करोड़ रुपये के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं.
तुंगुस्का वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली
भारतीय सेना के लिए 445 करोड़ रुपये की तुंगुस्का एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम की खरीद के लिए रूस के साथ हस्ताक्षर किए गए. ये अत्याधुनिक मिसाइलें विमान ड्रोन और क्रूज मिसाइलों सहित हवाई खतरों के खिलाफ भारत की एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूती देगा.
100% स्वदेशी सामानों के साथ भारतीय नौसेना श्रेणी के तहत भारतीय नौसेना के लिए पी8आई लंबी दूरी के समुद्री टोही विमान के निरीक्षण भारतीय सहायक कंपनी बोइंग इंडिया डिफेंस प्राइवेट लिमिटेड के साथ 413 करोड़ रुपये के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए.
यह अनुबंध देश में एमआरओ (रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल) सुविधा में पी8आई बेड़े के डिपो स्तर के रखरखाव को सुनिश्चित करेगा, जो भारत सरकार की आत्मनिर्भर भारत और मेक-इन-इंडिया को आगे लेकर जाएगा.










