जम्मू और कश्मीर में लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) और पाकिस्तान के साथ इंटरनेशनल बॉर्डर पर तनाव बढ़ गया है, क्योंकि भारतीय सेना ने सैनिकों को हाई अलर्ट पर रखा है. यह एहतियाती कदम पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हुई जबरदस्त झड़पों के बाद उठाया गया है, जिसमें काबुल और कंधार जैसे अफगान शहरों पर पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक शामिल हैं, जिसके बाद तालिबान ने डूरंड लाइन पर जवाबी कार्रवाई की.
पाकिस्तान ने तालिबान के कथित बॉर्डर उल्लंघन के बाद अफ़गान मिलिट्री पोस्ट को निशाना बनाते हुए ऑपरेशन ग़ज़ब लिल हक शुरू किया, जिसमें दोनों पक्षों ने दर्जनों लोगों के मारे जाने और बेस नष्ट होने का दावा किया. अफगान सेना ने बताया कि उसने पक्तिका और खोस्त जैसे प्रांतों में दो पाकिस्तानी बेस और 19 पोस्ट नष्ट कर दिए, जबकि पाकिस्तान ने दावा किया कि 130 से ज्यादा तालिबान लड़ाके मारे गए. भारतीय सुरक्षा अधिकारियों को डर है कि इस अस्थिरता से बॉर्डर पार के खतरे बढ़ सकते हैं, जिससे पुंछ, राजौरी, कुपवाड़ा, बारामूला और बांदीपोरा जैसे J&K सेक्टरों में सतर्कता बढ़ा दी गई है.
यह भी पढ़ें;जम्मू-कश्मीर में आतंकी हिंसा में मरने वालों के आंकड़े चौंकाएंगे, पहलगाम हमले के बाद भी तगड़ी
जम्मू-कश्मीर में LoC पर सैनिकों ने पेट्रोलिंग, ड्रोन सर्विलांस और क्विक-रिएक्शन डिप्लॉयमेंट बढ़ा दिए हैं. हाल की घटनाओं में, जैसे पुंछ में गुलपुर के पास संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन एक्टिविटी, भारतीय सेना ने घुसपैठ को रोकने के लिए फायरिंग की. BSF ने इंटरनेशनल बॉर्डर पर मैनपावर दोगुनी कर दी है, जिसमें घुसपैठ और दूसरी आतंकवादी गतिविधियों के डर के बीच चौबीसों घंटे ऑपरेशन के लिए स्पेशल यूनिट्स शामिल हैं.
यह भी पढ़ें;जम्मू-कश्मीर में बच्चे को NIA ऑफिस के पास कूड़े के ढेर में मिला ‘खिलौना’, निकला चीनी राइफल
जम्मू और कश्मीर में लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) और पाकिस्तान के साथ इंटरनेशनल बॉर्डर पर तनाव बढ़ गया है, क्योंकि भारतीय सेना ने सैनिकों को हाई अलर्ट पर रखा है. यह एहतियाती कदम पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हुई जबरदस्त झड़पों के बाद उठाया गया है, जिसमें काबुल और कंधार जैसे अफगान शहरों पर पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक शामिल हैं, जिसके बाद तालिबान ने डूरंड लाइन पर जवाबी कार्रवाई की.
पाकिस्तान ने तालिबान के कथित बॉर्डर उल्लंघन के बाद अफ़गान मिलिट्री पोस्ट को निशाना बनाते हुए ऑपरेशन ग़ज़ब लिल हक शुरू किया, जिसमें दोनों पक्षों ने दर्जनों लोगों के मारे जाने और बेस नष्ट होने का दावा किया. अफगान सेना ने बताया कि उसने पक्तिका और खोस्त जैसे प्रांतों में दो पाकिस्तानी बेस और 19 पोस्ट नष्ट कर दिए, जबकि पाकिस्तान ने दावा किया कि 130 से ज्यादा तालिबान लड़ाके मारे गए. भारतीय सुरक्षा अधिकारियों को डर है कि इस अस्थिरता से बॉर्डर पार के खतरे बढ़ सकते हैं, जिससे पुंछ, राजौरी, कुपवाड़ा, बारामूला और बांदीपोरा जैसे J&K सेक्टरों में सतर्कता बढ़ा दी गई है.
यह भी पढ़ें;जम्मू-कश्मीर में आतंकी हिंसा में मरने वालों के आंकड़े चौंकाएंगे, पहलगाम हमले के बाद भी तगड़ी
जम्मू-कश्मीर में LoC पर सैनिकों ने पेट्रोलिंग, ड्रोन सर्विलांस और क्विक-रिएक्शन डिप्लॉयमेंट बढ़ा दिए हैं. हाल की घटनाओं में, जैसे पुंछ में गुलपुर के पास संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन एक्टिविटी, भारतीय सेना ने घुसपैठ को रोकने के लिए फायरिंग की. BSF ने इंटरनेशनल बॉर्डर पर मैनपावर दोगुनी कर दी है, जिसमें घुसपैठ और दूसरी आतंकवादी गतिविधियों के डर के बीच चौबीसों घंटे ऑपरेशन के लिए स्पेशल यूनिट्स शामिल हैं.
यह भी पढ़ें;जम्मू-कश्मीर में बच्चे को NIA ऑफिस के पास कूड़े के ढेर में मिला ‘खिलौना’, निकला चीनी राइफल