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एयर मार्शल तेजपाल सिंह बने IAF के नए उप प्रमुख, वाइस एडमिरल ए एन प्रमोद ने नौसेना के उप प्रमुख बने

एयर मार्शल तेजपाल सिंह ने एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती एसवाईएसएम एवीएसएम वीएम की जगह वायु सेना के उप प्रमुख का पदभार संभाला है.

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एयर मार्शल तेजपाल सिंह एवीएसएम वीएम को वायु सेना का उप प्रमुख बनाया गया है. पद भार संभालने से पहले मार्शल तेजपाल सिंह ने नेशनल वॉर मेमोरियल में जाकर शहीद सैनिकों पर पुष्पांजलि अर्पित की. मार्शल तेजपाल सिंह 16 जून 1990 में बतौर लड़ाकू पायलट कमीशन हुए थे. इनके पास 3500 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव है. एयर मार्शल ने भारतीय वायु सेना में प्रमुख परिचालन, कमांड और स्टाफ नियुक्तियों पर काम किया है. इन्हें साल 2011 में वायु सेना पदक और जनवरी 2021 में अति विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया जा चुका है.

एयर मार्शल तेजपाल सिंह ने एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती एसवाईएसएम एवीएसएम वीएम की जगह वायु सेना के उप प्रमुख का पदभार संभाला है. अवधेश कुमार भारती देश के लिए 39 सालों की गौरवशाली और विशिष्ट सेवा के बाद 31 जुलाई 26 को सेवानिवृत्त हुए हैं.

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वहीं, दूसरी तरफ भारतीय नौसेना के उप प्रमुख के तौर पर वाइस एडमिरल ए एन प्रमोद ने पदभार ग्रहण किया है. उन्होंने वाइस एडमिरल तरुण सोबती के स्थान पर पद संभाला है.

भारतीय नौसेना के मुताबिक, नौसेना अकादमी गोवा के 38वें इंटीग्रेटेड कैडेट कोर्स के छात्र रहे वाइस एडमिरल एएन प्रमोद को 1 जुलाई 1990 को भारतीय नौसेना में नियुक्त किया गया था. फ्लैग ऑफिसर एक कैट ‘ए’ सी किंग एयर ऑपरेशंस ऑफिसर और एक कम्युनिकेशन एंड इलेक्ट्रॉनिक्स युद्ध विशेषज्ञ हैं. उन्होंने डी.एस.एस.सी. वेलिंगटन (नीलगिरी) से स्टाफ कोर्स और एन.डब्ल्यू.सी., गोवा से नेवल हायर कमांड कोर्स किया है.

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36 वर्षों से ज्यादा के करियर में उन्होंने ने समुद्र और तट दोनों पर कमांड, परिचालन, अनुदेशात्मक और स्टाफ नियुक्तियों की एक विस्तृत श्रृंखला संभाली है. उनकी महत्वपूर्ण जलपोत नियुक्तियों में आईएनएस राजपूत के कार्यकारी अधिकारी, एक गाइडेड मिसाइल विध्वंसक, और आईएनएस अभय, एक पनडुब्बी रोधी युद्ध गश्ती जहाज, आईएनएस शार्दुल, एक लैंडिंग शिप टैंक (बड़ा) और आईएनएस सतपुड़ा, एक गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट की कमान शामिल है.

उन्होंने गलवान घटना के बाद ऑपरेशन स्नो लेपर्ड के दौरान पश्चिमी बेड़े के बेड़े संचालन अधिकारी के रूप में भी काम किया. फ्लैग ऑफिसर ने 1999 में ऑपरेशन विजय और 2001 में ऑपरेशन पराक्रम में भाग लिया था. 2006 से 2009 तक टैक्टिकल ऑडिट ग्रुप और 2016 से 2019 तक भारतीय नौसेना रणनीतिक और परिचालन परिषद के सदस्य रह चुके है.

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रियर एडमिरल के पद पर पदोन्नति पर, उन्होंने डिप्टी कमांडेंट, भारतीय नौसेना अकादमी, सहायक नौसेना स्टाफ प्रमुख (वायु) और फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग महाराष्ट्र नौसेना क्षेत्र की नियुक्तियां हासिल की हैं.

उन्होंने वाइस एडमिरल तरुण सोबती, यूवाईएसएम, एवीएसएम, वीएसएम का स्थान लिया है. जो 38 वर्षों से अधिक की विशिष्ट सेवा के बाद 31 जुलाई 2026 को सेवा से सेवानिवृत्त हो गए है.

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First published on: Aug 01, 2026 07:29 PM

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