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मिडिल ईस्ट की जंग में कितने भारतीयों की हुई मौत? पहली बार विदेश मंत्रालय का चौंकाने वाला खुलासा

Middle East War: इजरायल-अमेरिका और ईरान की जंग में भारतीयों ने भी जान गंवाई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने एक सवाल का जवाब देते हुए बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि जंग में भारतीयों को कितना नुकसान हुआ और उनकी स्थिति क्या है?

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Edited By : Khushbu Goyal Updated: Mar 12, 2026 08:31
Randhir Jaiswal
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मिडिल ईस्ट वार पर प्रेस को ब्रीफ करते हुए।

US-Israel Iran War Update: मिडिल ईस्ट की जंग में कितने भारतीयों ने जान गंवाई है? इस सवाल का जवाब पहली बार विदेश मंत्रालय ने दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि ईरान युद्ध में 2 भारतीयों की मौत हुई है और एक भारतीय लापता है, जिसकी तलाश में सर्च ऑपरेशन जारी है। वहीं भारत सरकार की प्राथमिकता खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा है, जिसके लिए खाड़ी देशों के राष्ट्राध्यक्षों से बात की गई है।

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अरब देशों में एक करोड़ भारतीय रहते

विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने बताया कि खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं। उनकी सुरक्षा भारत सरकार की प्राथमिकता है। लेकिन कार्गाे शिप पर हुए हमले में 2 भारतीयों की मौत हुई है। हमले में कुछ भारतीय घायल भी हुए हैं और दुबई में भी एक भारतीय के घायल होने की खबर है। 2 लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है और उनकी पहचान भी कर ली गई है। विदेश मंत्रालय दोनों के परिजनों के संपर्क में है।

PM मोदी कर रहे हालातों की निगरानी

विदेश मंत्रालय भारतीय दूतावास के साथ बातचीत करके घायल भारतीयों की स्थिति का जायजा ले रहा है। मृतकों के पार्थिव शरीर भारत लाने के प्रयास भी जारी हैं। मिडिल ईस्ट के हालातों को देखते हुए विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में 24 घंटे काम करने वाला कंट्रोल रूम भी खोला है। प्रधानमंत्री मोदी पश्चिम एशिया की स्थिति की खुद निगरानी कर रहे हैं। वे खुद और विदेश मंत्री जयशंकर UAE, कतर, सऊदी अरब, ओमान, बहरीन, जॉर्डन, कुवैत और इजरायल के नेताओं के संपर्क में हैं।

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28 फरवरी से मिडिल ईस्ट की जंग जारी

बता दें कि 28 फरवरी से अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग चल रही है। हमले में सबसे पहले ईरान के 86 वर्षीय सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हुई थी। इसके बाद ईरान ने पलटवार करते हुए अरब देशों में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर हमला किया। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट कई समुद्री मार्गों को बाधित किया। इससे वैश्विक ऊर्जा बाजारों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय व्यापार भी असर पड़ा है। ईरान, इजरायल, अमेरिका, अरब देशों के साथ-साथ कई देशों के आर्थिक संकट गहरा गया है।

First published on: Mar 12, 2026 06:18 AM

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