Gallbladder Stone Symptoms: पित्त यानी गालब्लैडर शरीर का वो अंगर है जो लिवर के नीचे होता है और नाशपाती के आकार का नजर आता है. लिवर में बनने वाला बाइल गालब्लैडर में जाकर जमा होता है. जब आप कुछ खाते हैं तो गालब्लैडर से यह बाइल खाने में मिल जाता है और छोटी आंत में चला जाता है. पित्त में यही डाइजेस्टिव फ्लुइड्स जम जाने पर पथरी हो जाती है. पित्त की पथरी को गालस्टोन (Gallstone) कहते हैं. पथरी आकार में छोटी या बड़ी हो सकती है. कुछ लोगों को पित्त में एक पथरी होती है तो किसी को एकसाथ कई पथरी होने की दिक्कत हो जाती है. पथरी होने पर शरीर में कुछ लक्षण नजर आने लगते हैं. ऐसे में यहां जानिए पित्त की पथरी में शरीर पर कौन-कौन से लक्षण (Pathri Ke Lakshan) दिखते हैं जिन्हें समय रहते पहचानना बेहद जरूरी है.
पित्त की थैली में पथरी के लक्षण | Pitt Ki Thaili Me Pathri Ke Lakshan
तेज दर्द होना - पित्त की थैली में पथरी हो जाए तो पेट की दाईं तरफ दर्द होने लगता है. कई बार दर्द पेट के ऊपरी हिस्से में भी महसूस होता है. यह दर्द इतना तेज होता है कि व्यक्ति के लिए ठीक तरह से उठना-बैठना तक मुश्किल हो जाता है.
कंधों के बीच दर्द - पित्त की पथरी में कंधों में दर्द महसूस हो सकता है. ज्यादातर दाएं कंधे में और दोनों कंधों के बीच में दर्द होता है.
जी मितलाना - गालस्टोन होने पर जी मितलाने लगता है और उल्टी आती है.
यह भी पढ़ें - डायबिटीज में नसों को डैमेज करती हैं आपकी ये 5 गलतियां, डॉक्टर ने बताया शुगर में क्या नहीं करना चाहिए
क्यों होती है पित्त की पथरी
पित्त की पथरी या पित्ताशय में पथरी होने के मुख्यरूप से 3 कारण हो सकते हैं -
- बाइल में कॉलेस्ट्रोल की मात्रा ज्यादा होने पर पथरी हो सकती है. अगर कॉलेस्ट्रोल बहुत ज्यादा होगा और बाइल इसे घोल नहीं पाएगा तो एक्सेस कॉलेस्ट्रोल क्रिस्टल्स की तरह पित्त में जमने लगता है और पथरी बन जाता है.
- बाइल में बिलिरुबिन के ज्यादा होने पर भी पथरी हो सकती है. बिलिरुबिन ऐसा केमिकल है जो रेड ब्लड सेल्स के ब्रेक होने पर बनता है. कई कंडीशंस में लिवर जरूरत से ज्यादा बिलिरुबिन बनाने लगता है. ऐसे में बिलिरुबिन पथरी बनाने में अपना योगदान देता है.
- अगर गालब्लैडर यानी पित्ताशय पूरी तरह से खाली नहीं होता है तो बाइल कंसेंट्रेटेड होकर जमने लगता है जिससे गालस्टोन बनते हैं.
किन लोगों को हो सकती है पित्त की पथरी
- महिलाओं को पित्त की पथरी होने का खतरा ज्यादा रहता है
- 40 की उम्र के बाद पित्त की पथरी हो सकती है
- मोटापा पित्त की पथरी के रिस्क फैक्टर्स में शामिल है
- एक्टिव लाइफस्टाइल ना होने पर पित्त की पथरी हो सकती है
- गर्भावस्था में पित्त की पथरी का खतरा बढ़ता है
- हाई फैट, हाई कॉलेस्ट्रोल और लो फाइबर वाली डाइट लेने पर पथरी हो सकती है
- किसी को परिवार में गालस्टोन रहे हों तो व्यक्ति को पथरी होने की संभावना बढ़ जाती है
- डायबिटीज के मरीजों को पथरी होने की संभावना होती है
- ब्लड डिसोर्डर्स जैसे अनीमिया या ल्यूकीमिया में पथरी हो सकती है
- तेजी से वजन घटाने वाले लोगों को पथरी का खतरा रहता है
- एस्ट्रोजन वाली दवाइयां जैसे कोंट्रासेप्टिव या हार्मोन थेरैपी ड्रग्स के कारण पथरी हो सकती है
- लिवर की बीमारी में पथरी होने की संभावना बढ़ जाती है.
पित्त की पथरी से कैसे बचें
पित्त की पथरी से बचने के लिए अपना खाना स्किप ना करें. खाना ना खाने से गालस्टोन हो सकते हैं. तेजी से वजन घटाने के बजाय धीरे-धीरे वजन कम करने पर फोकस करें. फाइबर से भरपूर फूड्स खाएं यानी खानपान में फल, सब्जियां और पूर्ण अनाज को शामिल करें. इसके साथ ही, हेल्दी वेट मैनेज करें.
यह भी पढ़ें – क्या पायरिया घर पर ठीक हो सकता है? बाबा रामदेव ने बताया ऐसे बनाएं दंत मंजन, साफ हो जाएंगे दांत
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
Gallbladder Stone Symptoms: पित्त यानी गालब्लैडर शरीर का वो अंगर है जो लिवर के नीचे होता है और नाशपाती के आकार का नजर आता है. लिवर में बनने वाला बाइल गालब्लैडर में जाकर जमा होता है. जब आप कुछ खाते हैं तो गालब्लैडर से यह बाइल खाने में मिल जाता है और छोटी आंत में चला जाता है. पित्त में यही डाइजेस्टिव फ्लुइड्स जम जाने पर पथरी हो जाती है. पित्त की पथरी को गालस्टोन (Gallstone) कहते हैं. पथरी आकार में छोटी या बड़ी हो सकती है. कुछ लोगों को पित्त में एक पथरी होती है तो किसी को एकसाथ कई पथरी होने की दिक्कत हो जाती है. पथरी होने पर शरीर में कुछ लक्षण नजर आने लगते हैं. ऐसे में यहां जानिए पित्त की पथरी में शरीर पर कौन-कौन से लक्षण (Pathri Ke Lakshan) दिखते हैं जिन्हें समय रहते पहचानना बेहद जरूरी है.
पित्त की थैली में पथरी के लक्षण | Pitt Ki Thaili Me Pathri Ke Lakshan
तेज दर्द होना – पित्त की थैली में पथरी हो जाए तो पेट की दाईं तरफ दर्द होने लगता है. कई बार दर्द पेट के ऊपरी हिस्से में भी महसूस होता है. यह दर्द इतना तेज होता है कि व्यक्ति के लिए ठीक तरह से उठना-बैठना तक मुश्किल हो जाता है.
कंधों के बीच दर्द – पित्त की पथरी में कंधों में दर्द महसूस हो सकता है. ज्यादातर दाएं कंधे में और दोनों कंधों के बीच में दर्द होता है.
जी मितलाना – गालस्टोन होने पर जी मितलाने लगता है और उल्टी आती है.
यह भी पढ़ें – डायबिटीज में नसों को डैमेज करती हैं आपकी ये 5 गलतियां, डॉक्टर ने बताया शुगर में क्या नहीं करना चाहिए
क्यों होती है पित्त की पथरी
पित्त की पथरी या पित्ताशय में पथरी होने के मुख्यरूप से 3 कारण हो सकते हैं –
- बाइल में कॉलेस्ट्रोल की मात्रा ज्यादा होने पर पथरी हो सकती है. अगर कॉलेस्ट्रोल बहुत ज्यादा होगा और बाइल इसे घोल नहीं पाएगा तो एक्सेस कॉलेस्ट्रोल क्रिस्टल्स की तरह पित्त में जमने लगता है और पथरी बन जाता है.
- बाइल में बिलिरुबिन के ज्यादा होने पर भी पथरी हो सकती है. बिलिरुबिन ऐसा केमिकल है जो रेड ब्लड सेल्स के ब्रेक होने पर बनता है. कई कंडीशंस में लिवर जरूरत से ज्यादा बिलिरुबिन बनाने लगता है. ऐसे में बिलिरुबिन पथरी बनाने में अपना योगदान देता है.
- अगर गालब्लैडर यानी पित्ताशय पूरी तरह से खाली नहीं होता है तो बाइल कंसेंट्रेटेड होकर जमने लगता है जिससे गालस्टोन बनते हैं.
किन लोगों को हो सकती है पित्त की पथरी
- महिलाओं को पित्त की पथरी होने का खतरा ज्यादा रहता है
- 40 की उम्र के बाद पित्त की पथरी हो सकती है
- मोटापा पित्त की पथरी के रिस्क फैक्टर्स में शामिल है
- एक्टिव लाइफस्टाइल ना होने पर पित्त की पथरी हो सकती है
- गर्भावस्था में पित्त की पथरी का खतरा बढ़ता है
- हाई फैट, हाई कॉलेस्ट्रोल और लो फाइबर वाली डाइट लेने पर पथरी हो सकती है
- किसी को परिवार में गालस्टोन रहे हों तो व्यक्ति को पथरी होने की संभावना बढ़ जाती है
- डायबिटीज के मरीजों को पथरी होने की संभावना होती है
- ब्लड डिसोर्डर्स जैसे अनीमिया या ल्यूकीमिया में पथरी हो सकती है
- तेजी से वजन घटाने वाले लोगों को पथरी का खतरा रहता है
- एस्ट्रोजन वाली दवाइयां जैसे कोंट्रासेप्टिव या हार्मोन थेरैपी ड्रग्स के कारण पथरी हो सकती है
- लिवर की बीमारी में पथरी होने की संभावना बढ़ जाती है.
पित्त की पथरी से कैसे बचें
पित्त की पथरी से बचने के लिए अपना खाना स्किप ना करें. खाना ना खाने से गालस्टोन हो सकते हैं. तेजी से वजन घटाने के बजाय धीरे-धीरे वजन कम करने पर फोकस करें. फाइबर से भरपूर फूड्स खाएं यानी खानपान में फल, सब्जियां और पूर्ण अनाज को शामिल करें. इसके साथ ही, हेल्दी वेट मैनेज करें.
यह भी पढ़ें – क्या पायरिया घर पर ठीक हो सकता है? बाबा रामदेव ने बताया ऐसे बनाएं दंत मंजन, साफ हो जाएंगे दांत
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.