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पेशाब कम आ रहा है तो क्या करें? यहां जानिए पेशाब से जुड़ी यह दिक्कत किस बीमारी की वजह हो सकती है

Less Urine Causes: अगर आपको भी ठीक तरह से पेशाब करन में दिक्कत होती है या पेशाब रुक-रुककर आता है या कम आता है तो यह किस स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत की तरफ इशारा हो सकता है, जानिए यहां.

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Peshab Kam Kyu Aata Hai: एक वयस्क व्यक्ति रोजाना दिनभर में तकरीबन 500 मिलीलीटर पेशाब करता है. यह पेशाब (Urine) की सामान्य मात्रा होती है. अगर रोजाना 500 मिलीलीटर से कम पेशाब आए तो इस स्थिति को कम पेशाब आने की दिक्कत कहा जाएगा. मेडिकल टर्म में इसे ओलिगुरिया (Oliguria) कहा जाता है. आमतौर पर पेशाब कम आने का सीधा संबंध पानी पीने से जोड़ा जाता है, यानी कम पानी पीने की वजह से पेशाब कम आता है. लेकिन, अगर दिनभर में जरूरत से ज्यादा पानी पिया जाए और फिर भी अगर पेशाब कम आए तो? अगर आपकी भी यही दिक्कत है तो यहां जानिए पेशाब कम आने के और कौन-कौन से कारण हो सकते हैं और पेशाब कम आना किस स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत के चलते हो सकता है.

पेशाब कम क्यों आता है | Peshab Kam Kyu Aata Hai

ओलिगुरिया – व्यक्ति को अगर ओलिगुरिया हो गया है तो उसे पेशाब कम आता है. ओलिगुरिया शराब के सेवन, निर्जलीकरण, गुर्दे की चोट या बीमारियों से हो सकता है. मूत्र मार्ग में किसी तरह की रुकावट होने पर भी व्यक्ति को ओलिगुरिया हो सकता है.

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प्रोस्टेट का बढ़ा होना – पुरुषों में एनलार्ज्ड प्रोस्टेट यानी बड़े प्रोस्टेट के कारण यूरिनरी ट्रैक्ट में ब्लॉकेज हो सकती है जिससे पेशाब कम आ सकता है या रुक-रुककर आ सकता है.

किडनी डैमेज – दवाइयों या टॉक्सिंस के कारण किडनी डैमेज (Kidney Damage) होने पर पेशाब में कमी आ सकती है. इसके अलावा किडनी डिसोर्डर्स भी पेशाब कम आने की वजह बनते हैं.

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इंफेक्शन – किसी तरह का इंफेक्शन जिसमें व्यक्ति शॉक हो सकता है, उसमें भी पेशाब कम आने की दिक्कत हो सकती है.

ओलिगूरिया होने के लक्षण

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पेशाब कम आने की बीमारी यानी ओलिगुरिया होने पर शरीर में कुछ लक्षण नजर आने लगते हैं –

  • पेट में दर्द रहने लगता है
  • हाथ और पैर ठंडे होने लगते हैं
  • हार्ट रेट नॉर्मल से ज्यादा तेज होता है
  • शरीर के एसिड लेवल्स बढ़ जाते हैं
  • पौटेशियम लेवल्स बढ़ जाते हैं
  • ब्लड में वेस्ट पदार्थ बढ़ जाते हैं
  • पेट में सूजन नजर आ सकती है.

अगर सही मात्रा में पेशाब ना आए तो क्या होगा

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  • अगर व्यक्ति खुलकर पेशाब नहीं करेगा तो शरीर में इलेक्ट्रोलाइट इंबैलेंस हो सकता है.
  • व्यक्ति को न्यूरोलॉजिकल डिसोर्डर्स हो सकते हैं, दौरा पड़ सकता है या व्यक्ति कोमा में जा सकता है.
  • डाइजेस्टिव सिस्टम खराब हो सकता है, गेस्ट्रोइंटेस्टिनल ब्लीडिंग हो सकती है, पेट की लाइनिंग में इंफ्लेमेशन हो सकती है.
  • दिल की दिक्कतें हो सकती हैं. हाई ब्लड प्रेशर की दिक्कत भी हो सकती है.
  • फेफड़ों से जुड़ी दिक्कतों की संभावना बढ़ती है.

डॉक्टर की सलाह कब लें

अगर सामान्य से कम पेशाब आ रहा है, पेशाब गाढ़ा दिख रहा है, पेशाब कम आने के साथ ही उल्टी या दस्त की दिक्कत हो गई है, चक्कर आते हैं और कमजोरी महसूस होती है तुरंत डॉक्टर की सलाह लें.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

First published on: Nov 12, 2025 11:05 AM

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About the Author

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा को अपनी परफॉर्मेंस और सबसे ज्यादा नंबर जनरेटिंग स्टोरी के लिए वेल डन कार्ड्स मिल चुके हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. अपनी फिक्शन स्टोरी के लिए सीमा को 2 बार बेस्ट स्टोरी इन फिक्शन का अवॉर्ड मिला है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. इसी चलते सीमा को NDTV से रिवॉर्ड एंड रेकेग्निशन (एम्पलॉई ऑफ द मंथ) मिला है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. अपने कॉलेज के दिनों में सीमा कई सोसाइटीज से जुड़ी रही हैं और लिटररी सोसाइटी में प्रेसिडेंट की भूमिका निभा चुकी हैं. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं. सीमा वर्क और पर्सनल लाइफ बैलेंस पर विश्वास करती हैं. जब वे काम नहीं कर रही होती हैं तो किताबें पढ़ना पसंद करती हैं या गाने सुन रही होती हैं. अपने बुकशेल्फ को फ्लॉन्ट करना और अपनी प्लेलिस्ट के लिए तारीफ सुनना सीमा को अच्छा लगता है. सीमा ट्रेवलिंग, फैमिली मूवी टाइम, अच्छी किताबें पढ़ना, कथक करना (जोकि वे सीख रही हैं) और अपने दोस्तों से घंटों लंबी बातें करना टॉप टियर एक्सपीरियंस मानती हैं. अनुभव - 7 साल शिक्षा - जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा पिछला अनुभव - NDTV, दिल्ली प्रेस, डायमंड पब्लिशिंग हाउस

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