Mehndi Leaves Benefits: मेहंदी के पत्तों का नाम सुनते ही दिमाग में आता है मेहंदी का सुर्ख रंग. ज्यादातर लोगों को यही लगता है कि मेहंदी का इस्तेमाल इसे हाथों पर रचाने और सिर पर लगाने तक ही सीमित है, लेकिन ऐसा नहीं है. मेहंदी के पत्तों के फायदे एक नहीं बल्कि अनेक हैं. आचार्य बालकृष्ण (Acharya Balkrishna) का भी यही कहना है. आयुर्वेदिक एक्सपर्ट आचार्य बालकृष्ण बता रहे हैं सिर से लेकर पांव तक मेहंदी के पत्तों (Mehndi Ke Patte) के क्या फायदे होते हैं. शरीर की अंदरूनी और बाहरी दिक्कतों को दूर कर सकते हैं मेहंदी के पत्ते. यहां जानिए इन पत्तों का किस तरह किया जा सकता है इस्तेमाल.
आंखों के लिए मेहंदी के पत्ते
आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि आंखें लाल रहती हैं, आंखों में जलन होती है, आंखों में संक्रमण हो या आंखों में दर्द रहता हो तो मेहंदी के पत्तों का इस्तेमाल किया जा सकता है. मेहंदी के पत्तों को पीसकर लुग्दी या टिकिया बना लें. इस टिकिया को रूई के ऊपर रखें और सूती के कपड़े में लपेटकर आंख पर बांध लें. इससे आंखों की सूजन और लालिमा समेत दर्द भी दूर हो जाएगा.
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पीलिया में मेहंदी का इस्तेमाल
जिन लोगों को पीलिया है वे मेहंदी के पत्तों का सेवन कर सकते हैं. आचार्य बालकृष्ण कहते हैं कि 3 से 5 ग्राम मेहंदी के पत्तों को कूटकर मिट्टी के बर्तन में 300 से 400 ग्राम पानी में रातभर भिगो कर रख दें. अगली सुबह इन पत्तियों को छानकर खाली पेट पी लें. मेहंदी के पत्तों का पानी पीने पर पीलिया की शिकायत दूर होती है और पाचन क्रिया भी ठीक हो जाती है.
मूत्र रोगों में मेहंदी है फायदेमंद
आचार्य बालकृष्ण बताते हैं कि मेहंदी के पत्तों के फायदे मूत्र रोगों (Urine Problems) से परेशान लोगों को भी मिलते हैं. जिन लोगों को धातु रोग है, पेट की पथरी है, पेशाब की समस्या है या प्रोस्टेट की परेशानी है उनके लिए मेहंदी की छाल का प्रयोग बहुत ही लाभकारी होता है. इस्तेमाल के लिए 2 से 3 ग्राम मेहंदी की छाल को 2 से 3 ग्राम ही मेहंदी की पत्तों के साथ आधा किलो पानी में पकाएं. जब यह पानी पककर आधा हो जाए तो इसे ठंडा करके छानकर नियमित रूप से पिएं. इससे आपकी पथरी निकल जाएगी और पेशाब से जुड़ी दिक्कतें भी दूर हो जाएंगी. अगर रुक रुककर पेशाब आता है या पेशाब करते हुए जलन होती है तो मेहंदी के पत्तों और मेहंदी की छाल का यह नुस्खा आपके काम आएगा.
घुटने के दर्द में असरदार हैं ये पत्ते
अगर आप घुटनों के दर्द (Knee Pain) से परेशान हैं तो एरंड के पत्ते और मेहंदी के पत्तों को मिलाकर सरसों के तेल में डालकर पका लें. इसे अरंडी के तेल में भी हल्का भूनकर इस्तेमाल किया जा सकता है. इस तैयार पेस्ट को घुटनों पर लगाएं और सूती का कपड़ा बांध लें. इस मिश्रण से घुटने का दर्द कम होने लगता है.
त्वचा के रोग दूर करते हैं मेहंदी के पत्ते
आचार्य बालकृष्ण का कहना है कि आपको स्किन संबंधी दिक्कतों में मेहंदी और नीम के पत्तों को पीसकर त्वचा की मालिश करने पर फायदा मिलता है. इससे सोराइसिस या एग्जिमा में भी फायदा मिलता है. मेंहदी के 3 से 4 ग्राम पत्तों को अगर पानी में उबालकर इस पानी को ठंडा करके अगर इनसे त्वचा को धोया जाए तो ये पत्ते स्किन प्रॉब्लम्स को भी दूर करते हैं.
कोई बेहोश हो जाए तो आजमाएं ये नुस्खा
बहुत ज्यादा गर्मी के कारण अगर व्यक्ति को मूर्छा आ गई है या वो चक्कर खाकर गिर गया है तो मेहंदी के पत्तों को पीसकर उसमें मिश्री और पानी डालकर शरबत बना लें. इस शरबत को पिलाने पर चेतना लौट आती है.
पैरों में अकड़न के लिए मेंहदी के पत्ते
पैरों में अकड़न या मरोड़ महसूस होती है तो मेहंदी के पत्तों में निर्गुणी के पत्तों को मिलाकर पानी में डालकर उबालें और इस पानी से सिकाई करें. इस सिकाई से दिक्कत दूर होने में मदद मिलती है.
उंगलियों के बीच में सड़न को दूर करेगा यह उपाय
पानी में बहुत ज्यादा काम करने से उंगलियों के बीच की त्वचा में सड़न या चिपचिपाहट होने लगती है. इस दिक्कत में मेहंदी की पत्तियों को पीसकर लगाएं. फायदा मिलता है और दिक्कत दूर हो जाती है.
फोड़े-फुंसी भी होंगे दूर
शरीर में कहीं भी फोड़े-फुंसी हो तो मेहंदी के पत्तों को पीसकर लगा सकते हैं. मेहंदी के पत्तों के साथ नीम के पत्ते मिलाकर लगाने पर ज्यादा अच्छा असर दिखता है.
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