AC Side Effects: गर्मियों में जितना मुश्किल व्यक्ति के लिए दिन काटना होता है उतनी ही मुश्किलों से रात कटती है. ऐसे में व्यक्ति दिनभर तो किसी तरह काम निपटा लेता है लेकिन जब रात में सोने की बारी आती है तो ठंडी हवा की दरकार होती ही है. गर्मियों के मौसम में तापमान इतना ज्यादा बढ़ जाता है कि एयर कंडीशनर (Air Conditioner) की हवा ही किसी तरह इस गर्माहट के सामने टिक पाती है. AC की ठंडी-ठंडी हवा में जो नींद आती है उसका कोई जवाब ही नहीं है. लेकिन, सभी के लिए यह हवा अच्छी हो ऐसा जरूरी नहीं है. ऐसे कुछ लोग हैं जिन्हें AC के सामने सोने से मना किया जाता है या परहेज की सलाह दी जाती है क्योंकि इन लोगों के लिए AC की हवा नुकसानदायक हो सकती है. यहां जानिए कौन से हैं ये लोग जिन्हें एसी में नहीं सोना चाहिए.
किसे AC की हवा में नहीं सोना चाहिए
अस्थमा के मरीजों को
AC की हवा शुष्क होती है. यह हवा नाक और फेफड़ों के अंदर की नमी सोख लेती है जिससे बलगम सख्त हो सकता है. इससे अस्थमा के मरीजों को सांस लेने में दिक्कत हो सकती है और सुबह उठते ही साइनस का सिरदर्द परेशान कर सकता है.
जिन लोगों को आर्थराइटिस या गठिया और जोड़ों का दर्द रहता है उन्हें AC के सामने सोने से बचना चाहिए. एसी की ठंडी हवा मांसपेशियों में खिंचाव को बढ़ाती है. इससे जोड़ों में अकड़न होने लगती है और दर्द बढ़ जाता है. ठंडक की वजह से ब्लड फ्लो भी धीमा होने लगता है जिससे घुटनों में सूजन बढ़ जाती है.
ड्राई आई सिंड्रोम के मरीजों को
जिन लोगों को ड्राई आई सिंड्रोम है या जिनकी आंखें सूखती हैं उन्हें AC में सोने से बचना चाहिए क्योंकि एयर कंडीशनर की हवा आंखों में सूखेपन और जलन को बढ़ा सकती है.
नवजात बच्चे का शरीर अपने आप ही तापमान को नियंत्रित नहीं कर पाता है. ऐसे में AC में बच्चे को सुलाया जाए तो उसे हाइपोथर्मिया का खतरा हो सकता है.
जिन लोगों को त्वचा के रोग हैं, खुजली या रैशेज होते हैं उन्हें AC में नहीं सोना चाहिए. AC की हवा त्वचा की नमी को सोखकर दिक्कत को बढ़ा सकती है.
AC में सोते हैं तो रखें इन बातों का ध्यान
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.