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दस्त को तुरंत कैसे ठीक करें? बाबा रामदेव से जानिए लूज मोशन में क्या खाना चाहिए
Loose Motions Home Remedies: दस्त की दिक्कत होने पर व्यक्ति के लिए ठीक तरह से उठना-बैठना भी मुश्किल हो जाता है. वहीं, शरीर में कमजोरी आ जाती है सो अलग. ऐसे में योगगुरु बाबा रामदेव से जानिए किन घरेलू नुस्खों को आजमाने पर दस्त से छुटकारा मिल सकता है.
Dast Ke Gharelu Nuskhe: दस्त को डायरिया या लूज मोशन भी कहा जाता है. दस्त ऐसी दिक्कत है जिसमें मल पतला हो जाता है और पानी की तरह शरीर से बाहर निकलता है. यह बच्चों या बड़ों किसी को भी हो सकता है. दस्त (Loose Motions) हो जाने पर व्यक्ति को बार-बार वॉशरूम भागना पड़ता है. दस्त में पेट में दर्द भी होता है, पेट फूल जाता है, एकदम से मलत्याग करने की जरूरत महसूस होती है और खराब पेट के कारण मितली आने लगती है सो अलग. ऐसे में अगर आप भी दस्त से परेशान हैं या आयदिन दस्त से दोचार होते हैं तो बाबा रामदेव (Baba Ramdev) के बताए आयुर्वेदिक नुस्खे आपके काम आ सकते हैं. योगगुरु बाबा रामदेव ने बताया है कि किस तरह रसोई की ही कुछ चीजें दस्त से छुटकारा दिला सकती हैं. बाबा रामदेव की बताई चीजें खाने पर दस्त से तुरंत आराम मिल सकता है.
बाबा रामदेव ने बताए दस्त के आयुर्वेदिक उपाय
बाबा रामदेव ने बताया कि कभी भी डायरिया (Diarrhea) हो सकता है. यह यात्रा के दौरान हो सकता है, कभी कहीं का पानी अनुकूल ना हो या खाना सही ना हो तो हो सकता है. जिन लोगों की आंतें और लिवर कमजोर होता है उन्हें भी ये दिक्कत बार-बार हो जाती है. ऐसे में रोजाना कपालभाति प्राणायाम किया जाए तो दस्त की दिक्कत होगी ही नहीं. इससे आंतें और लिवर मजबूत रहेंगे. बाबा रामदेव की सलाह है कि दस्त हो जाए तो खिचड़ी (Khichdi) और दही को साथ खाएं जिससे दस्त ठीक हो जाए. अनार का दाना लेने पर भी दस्त दूर होता है. यह पेट के लिए बेहद फायदेमंद होता है और इससे खांसी की दिक्कत, कोलाइटिस और दिल के रोगों से भी छुटकारा मिलता है. बाबा रामदेव का कहना है कि अनारदाना दस्त को तुरंत ठीक करता है.
छोटे बच्चे को अगर दस्त हो जाए तो उसे भी खिचड़ी और दही खिलाया जा सकता है. बाबा रामदेव की सलाह है कि बच्चे को दस्त लगने पर उसे छाछ में नमक और जीरा डालकर पिलाया जा सकता है. बच्चे को अनारदाना दिया जा सकता है या बेल का जूस और बेल का पाउडर पानी में मिलाकर पिलाने पर दस्त की दिक्कत से राहत मिलती है.
दस्त होने के क्या कारण हैं
आमतौर पर दस्त वायरस के गट में जाने से होता है. इसे स्टमक फ्लु या स्टमक बग भी कहते हैं. इसके साथ ही ऐसे कुछ कारण हैं जो दस्त की वजह बन सकते हैं.
इंफेक्शंस - वायरस, बैक्टीरिया और परजीवी के कारण होने वाले इंफेक्शंस दस्त की वजह बनते हैं. ज्यादातर नोरोवायरस और रोटावायरस के कारण दस्त लगते हैं.
फूड पॉइजनिंग - खानपान में गंदे टॉक्सिंस, बैक्टीरिया और वायरस के आ जाने पर शरीर में ये टॉक्सिंस और कीटाणु जा सकते हैं. बाहर का सड़ा-गला खाने पर दस्त की दिक्कत ज्यादा होती है. दवाओं के कारण - ऐसी कुछ दवाएं हैं जिनके सेवन से दस्त की दिक्कत हो सकती है. दवा हार्मफुल बैक्टीरिया को तो मारती ही हैं, साथ ही शरीर के अच्छे बैक्टीरिया को भी खत्म कर सकती हैं. खाने की कुछ चीजें - लैक्टोस इन्टोलरेंट लोगों को डेयरी प्रोडक्ट्स के कारण दस्त लग सकते हैं. वहीं, कुछ लोग शुगर को पचा नहीं पाते जिससे उन्हें दस्त हो सकता है.
कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है
अगर दस्त की दिक्कत एक दिन में ठीक ना हो तो डॉक्टर से परामर्श करना जरूरी होता है. इसके अलावा, बुखार में, दस्त के कारण पेट में बहुत ज्यादा दर्द होने पर, उल्टी होने से, स्टूल में खून आने पर, दस्त के साथ ही वजन कम होने पर, दस्त में सिर में दर्द होने पर, स्किन के ड्राई हो जाने पर, इरिटेटेड फील होने पर, कंफ्यूजन की स्थिति में, सिर घूमने पर, पेशाब के गहरे रंग का नजर आने पर या बहुत कम पेशाब आने पर डॉक्टर को दिखाना जरूरी होता है.
अस्वीकरण - इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
Dast Ke Gharelu Nuskhe: दस्त को डायरिया या लूज मोशन भी कहा जाता है. दस्त ऐसी दिक्कत है जिसमें मल पतला हो जाता है और पानी की तरह शरीर से बाहर निकलता है. यह बच्चों या बड़ों किसी को भी हो सकता है. दस्त (Loose Motions) हो जाने पर व्यक्ति को बार-बार वॉशरूम भागना पड़ता है. दस्त में पेट में दर्द भी होता है, पेट फूल जाता है, एकदम से मलत्याग करने की जरूरत महसूस होती है और खराब पेट के कारण मितली आने लगती है सो अलग. ऐसे में अगर आप भी दस्त से परेशान हैं या आयदिन दस्त से दोचार होते हैं तो बाबा रामदेव (Baba Ramdev) के बताए आयुर्वेदिक नुस्खे आपके काम आ सकते हैं. योगगुरु बाबा रामदेव ने बताया है कि किस तरह रसोई की ही कुछ चीजें दस्त से छुटकारा दिला सकती हैं. बाबा रामदेव की बताई चीजें खाने पर दस्त से तुरंत आराम मिल सकता है.
बाबा रामदेव ने बताए दस्त के आयुर्वेदिक उपाय
बाबा रामदेव ने बताया कि कभी भी डायरिया (Diarrhea) हो सकता है. यह यात्रा के दौरान हो सकता है, कभी कहीं का पानी अनुकूल ना हो या खाना सही ना हो तो हो सकता है. जिन लोगों की आंतें और लिवर कमजोर होता है उन्हें भी ये दिक्कत बार-बार हो जाती है. ऐसे में रोजाना कपालभाति प्राणायाम किया जाए तो दस्त की दिक्कत होगी ही नहीं. इससे आंतें और लिवर मजबूत रहेंगे. बाबा रामदेव की सलाह है कि दस्त हो जाए तो खिचड़ी (Khichdi) और दही को साथ खाएं जिससे दस्त ठीक हो जाए. अनार का दाना लेने पर भी दस्त दूर होता है. यह पेट के लिए बेहद फायदेमंद होता है और इससे खांसी की दिक्कत, कोलाइटिस और दिल के रोगों से भी छुटकारा मिलता है. बाबा रामदेव का कहना है कि अनारदाना दस्त को तुरंत ठीक करता है.
छोटे बच्चे को अगर दस्त हो जाए तो उसे भी खिचड़ी और दही खिलाया जा सकता है. बाबा रामदेव की सलाह है कि बच्चे को दस्त लगने पर उसे छाछ में नमक और जीरा डालकर पिलाया जा सकता है. बच्चे को अनारदाना दिया जा सकता है या बेल का जूस और बेल का पाउडर पानी में मिलाकर पिलाने पर दस्त की दिक्कत से राहत मिलती है.
दस्त होने के क्या कारण हैं
आमतौर पर दस्त वायरस के गट में जाने से होता है. इसे स्टमक फ्लु या स्टमक बग भी कहते हैं. इसके साथ ही ऐसे कुछ कारण हैं जो दस्त की वजह बन सकते हैं.
इंफेक्शंस – वायरस, बैक्टीरिया और परजीवी के कारण होने वाले इंफेक्शंस दस्त की वजह बनते हैं. ज्यादातर नोरोवायरस और रोटावायरस के कारण दस्त लगते हैं.
फूड पॉइजनिंग – खानपान में गंदे टॉक्सिंस, बैक्टीरिया और वायरस के आ जाने पर शरीर में ये टॉक्सिंस और कीटाणु जा सकते हैं. बाहर का सड़ा-गला खाने पर दस्त की दिक्कत ज्यादा होती है. दवाओं के कारण – ऐसी कुछ दवाएं हैं जिनके सेवन से दस्त की दिक्कत हो सकती है. दवा हार्मफुल बैक्टीरिया को तो मारती ही हैं, साथ ही शरीर के अच्छे बैक्टीरिया को भी खत्म कर सकती हैं. खाने की कुछ चीजें – लैक्टोस इन्टोलरेंट लोगों को डेयरी प्रोडक्ट्स के कारण दस्त लग सकते हैं. वहीं, कुछ लोग शुगर को पचा नहीं पाते जिससे उन्हें दस्त हो सकता है.
कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है
अगर दस्त की दिक्कत एक दिन में ठीक ना हो तो डॉक्टर से परामर्श करना जरूरी होता है. इसके अलावा, बुखार में, दस्त के कारण पेट में बहुत ज्यादा दर्द होने पर, उल्टी होने से, स्टूल में खून आने पर, दस्त के साथ ही वजन कम होने पर, दस्त में सिर में दर्द होने पर, स्किन के ड्राई हो जाने पर, इरिटेटेड फील होने पर, कंफ्यूजन की स्थिति में, सिर घूमने पर, पेशाब के गहरे रंग का नजर आने पर या बहुत कम पेशाब आने पर डॉक्टर को दिखाना जरूरी होता है.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.