हाथ में झनझनाहट और दर्द होता है तो कभी ना करें ये गलतियां, डॉक्टर ने बताया कैसे बढ़ता है यह सिंड्रोम

Hath Me Jhanjhanahat: हाथों में झनझनाहट अगर रोज-रोज होती है तो यह कार्पल टनल सिंड्रोम का लक्षण हो सकता है. यहां जानिए क्या है यह सिंड्रोम और किन गलतियों के कारण बढ़ती है झनझनाहट.

Sensation In Hands

किन गलतियों की वजह से बढ़ जाती है हाथों में झनझनाहट.

Tingling In Hands: हाथ में अक्सर ही झनझनाहट होती है या हाथ सुन्न पड़ जाते हैं. ऐसा कभी-कभार होना किसी आम दिक्कत के कारण हो सकता है जैसे विटामिन बी12 की कमी (Vitamin B12 Deficiency) हो जाना या फिर ब्लड फ्लो ठीक तरह से ना हो पाना. लेकिन, यह दिक्कत लगातार बनी रहे तो गंभीर समस्या की तरफ इशारा होती है. अपने इंस्टाग्राम हैंडल से वीडियो शेयर करके डॉ. अरुण एल नायक ने इस बारे में जानकारी दी है. न्यूरोसर्जन डॉ. अरुण एल नायक बताते हैं कि हाथों में झनझनाहट, सुन्नपन और दर्द रहता है तो यह कार्पल टनल सिंड्राम (Carpal Tunnel Syndrome) का लक्षण हो सकता है. कार्पल टनल सिंड्रोम होने पर ये दिक्कतें होती हैं. लेकिन, रोजमर्रा की कुछ ऐसी गलतियां हैं या कहें आदतें हैं जो इस दिक्कत को और ज्यादा बढ़ा सकती हैं. यहां जानिए कौन सी हैं ये गलितयां और इन्हें करने से कैसे बचें.

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कार्पल टनल सिंड्रोम को बढ़ाती हैं ये गलतियां

कलाई को बहुत ज्यादा मोड़े रखना – कलाई को बहुत ज्यादा टेढ़ा करके टाइप करना या फिर फोन को हाथ ज्यादा घुमाकर या अजीब तरह से कान पर लगाए रखना नर्व्स पर दबाव डालता है.

ब्रेक्स ना लेना – लंबे समय तक काम करते रहना और बीच-बीच में हाथों को स्ट्रेच ना करना दर्द को बढ़ाता है.

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लगातार हाथों पर दबाव – बहुत भारी थैले उठाना, लंबे समय तक ड्राइव करना या फिर देर तक मैसेज करते रहना कलाई पर दबाव बनाता है.

हाथ पर सोना – बहुत से लोगों की आदत होती है कि वे तकिए के नीचे हाथ रखकर या सिर के नीचे हाथ रखकर सोते हैं. इससे हाथों की नर्व डैमेज (Nerve Damage) होने लगती हैं.

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अन्य हेल्थ समस्याएं – डायबिटीज, मोटापा और थायराइड डिजीज कार्पल टनल सिंड्रोम को बढ़ाने का काम कर सकते हैं.

डॉक्टर की सलाह है कि इन गलितयों को करने से बचें जिससे कि नर्व डैमेज से बचा जा सके और कार्पल टनल सिंड्रोम ज्यादा गंभीर रूप ना ले ले.

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किन लोगों को हो सकता है कार्पल टनल सिंड्रोम

ज्यादातर महिलाएं कार्पल टनल सिंड्रोम का शिकार होती हैं. कोई क्रोनिक बीमारी, डायबिटीज या हाइपोथाइराइडिज्म में यह हो सकता है. इसके अलावा, जिन लोगों का काम हाथों की कसरत वाला ज्यादा होता है, जो ज्यादा साफ-सफाई करता है और कंप्यूटर पर ज्यादा देर तक काम करता है उसके हाथों में ये दिक्कतें हो सकती हैं.

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हाथों में झनझाहट हो तो क्या करें

  • हाथों में अक्सर झनझनाहट (Hath Me Jhanjhanahat) होती है तो सोने और काम करने पर हाथों की जो पोजीशन होती है उसे बदलें.
  • हल्की मसाज करने पर और हाथों को हल्का स्ट्रेच करने पर आराम मिल सकता है.
  • डॉक्टर से सलाह लेकर हाथों की एक्सरसाइज करें. इससे दिक्कत से राहत मिलती है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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