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क्या है विल्सन डिजीज? पहली स्टेज के बाद बन सकती है जानलेवा, कभी भूलकर भी न करें नजरअंदाज

Wilson Disease: क्या आप जानते हैं दुनिया की सबसे दुर्लभ बीमारियों में से एक विल्सन डिजीज के बारे में, जिसके कैस लाखों में एक होते हैं. आइए जानते हैं शरीर में कैसे पनपने लगती है ये बीमारी और क्या इसका इलाज संभव है या नहीं?

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Wilson Disease Treatment: आपने कई खतरनाक जानलेवा बीमारियों के बारे में जाना और सुना होगा, लेकिन हम आपको एक ऐसी दुर्लभ बीमारी विल्सन डिजीज के बारे में बताएंगे, जो लाखों में से एक को होती है और जिसे होती है उसे पूरी जिंदगी दवाइयों के सहारे जीना पड़ता है. इतना ही नहीं, विल्सन डिजीज के पहले स्टेज के बाद स्थिति कई बार इतनी खतरनाक हो जाती है कि कई लोगों की जिंदगी खतरे में आ जाती है. इस स्टोरी में हम आपको इसी बीमारी के बारे में बताएंगे कि यह कैसे फैलती है, क्या है विल्सन डिजीज और कितनी खतरनाक है?

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क्या है विल्सन डिजीज और कैसे लोग हो जाते हैं इसका शिकार? Wilson Disease Causes

जानकारी के अनुसार, विल्सन डिजीज एक दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी है, जिसमें शरीर तांबे (Copper) को सही तरह बाहर नहीं निकाल पाता. धीरे-धीरे यह तांबा लीवर, दिमाग, आंखों और अन्य अंगों में जमा होने लगता है, जिससे गंभीर समस्या पैदा हो सकती है. अगर समय पर इलाज न मिले, तो यह बीमारी जानलेवा भी बन सकती है. अब सवाल उठता है कि लोग इसका शिकार कैसे हो जाते हैं. बता दें कि यह बीमारी वंशानुगत (Genetic) होती है, यानी माता-पिता से बच्चों में जाती है. अगर दोनों माता-पिता में खराब जीन हो, तो बच्चे को Wilson Disease होने का खतरा बढ़ जाता है. यह किसी संक्रमण, छूने या खानपान से नहीं फैलती.

इस जीन की कमी से शरीर में पैदा हो जाती है ये बीमारी Rare Genetic Disease Wilson

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ATP7B जीन शरीर में तांबे (copper) के स्तर को नियंत्रित करने वाले प्रोटीन को कोड करता है, जो स्वास्थ्य के लिए जरूरी है. हालांकि, इस जीन में म्यूटेशन (mutation) या गड़बड़ी या किसी तरह की कमी से शरीर में आने वाले एक्स्ट्रा कॉपर का मेटाबॉलिज्म पूरा नहीं होता और यह बचा हुआ कॉपर शरीर के अलग-अलग अंगों में इकट्ठा होने लगता है और मरीज को भारी नुकसान जैसे विल्सन रोग (Wilson disease) का शिकार बना देता है.

क्या है विल्सन डिजीज के लक्षण? Wilson Disease Ke Lakshan

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इस बीमारी के लक्षणों को लोग कई बार आम समझ लेते हैं, लेकिन उन्हें नजरअंदाज करना मरीज के लिए जानलेवा बन सकता है. इसके लिवर से जुड़े लक्षणों में मरीज में थकान, भूख न लगना, उल्टी, पीलिया, पेट और पैरों में सूजन की समस्या होती है. दिमाग प्रभावित होने पर हाथ पैरों में कंपकंपी, शरीर में अकड़न, बोलने या निगलने में परेशानी, संतुलन बिगड़ना, अनियंत्रित हरकतें व्यवहार में बदलाव दिखने लगते हैं. आंखों की पुतली के चारों ओर ब्राउन या तांबे के रंग का रिंग भी इस बीमारी का संकेत हो सकता है. अगर आपको ऐसा कोई लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से इसकी सलाह लें.

क्या इस गंभीर बीमारी का इलाज संभव है? Wilson Disease Ka Treatment Possible Hai Kya

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इसका जवाब हां है! विल्सन डिजीज (Wilson’s disease) का प्रभावी इलाज उपलब्ध है, लेकिन यह आनुवंशिक बीमारी होने के कारण जीवन भर चलती है. शुरुआती निदान के साथ, दवाओं द्वारा शरीर से अतिरिक्त तांबा (copper) निकालकर और अंगों को क्षति से बचाकर ज्यादातर लोग एक सामान्य और स्वस्थ जीवन जी सकते हैं. हालांकि, केस बिगड़ जाए या इसे समय पर डिटेक्ट ना किया जा सके तब इसमें लिवर ट्रांसप्लांट करना ही पड़ता है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

First published on: Apr 18, 2026 02:14 PM

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About the Author

Azhar Naim

अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं और उन्हें न्यूज़ और ऑनलाइन कंटेंट लिखने का अच्छा अनुभव है. वर्तमान में वह News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं, जहां वह मुख्य रूप से न्यूज, ट्रेंडिंग, हाइपर-लोकल, वायरल, ऑटो, लाइफस्टाइल और हेल्थ बीट से जुड़ी खबरों पर स्टोरीज तैयार करते हैं. इससे पहले वह India.com में ट्रेनी के रूप में जुड़े थे, जहां उन्होंने ट्रेंडिंग, वायरल, जनरल नॉलेज, टेक्नोलॉजी, इंटरनेशनल और लाइफस्टाइल जैसे विभिन्न विषयों पर डिजिटल कंटेंट लिखा. अज़हर ने 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान और उसके बाद उन्हें India News और Khabar Fast जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अनुभव मिला, जिससे उन्हें न्यूज रिपोर्टिंग, डिजिटल स्टोरीटेलिंग और पाठकों को ध्यान में रखकर कंटेंट बनाने की अच्छी समझ हासिल की. 1 साल से ज्यादा के अनुभव में अज़हर का मुख्य काम है डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स को समझना, SEO-फ्रेंडली कंटेंट लिखना और पाठकों से जुड़ी स्टोरीज तैयार करना.

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अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं और उन्हें न्यूज़ और ऑनलाइन कंटेंट लिखने का अच्छा अनुभव है. वर्तमान में वह News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं, जहां वह मुख्य रूप से न्यूज, ट्रेंडिंग, हाइपर-लोकल, वायरल, ऑटो, लाइफस्टाइल और हेल्थ बीट से जुड़ी खबरों पर स्टोरीज तैयार करते हैं. इससे पहले वह India.com में ट्रेनी के रूप में जुड़े थे, जहां उन्होंने ट्रेंडिंग, वायरल, जनरल नॉलेज, टेक्नोलॉजी, इंटरनेशनल और लाइफस्टाइल जैसे विभिन्न विषयों पर डिजिटल कंटेंट लिखा. अज़हर ने 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान और उसके बाद उन्हें India News और Khabar Fast जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अनुभव मिला, जिससे उन्हें न्यूज रिपोर्टिंग, डिजिटल स्टोरीटेलिंग और पाठकों को ध्यान में रखकर कंटेंट बनाने की अच्छी समझ हासिल की. 1 साल से ज्यादा के अनुभव में अज़हर का मुख्य काम है डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स को समझना, SEO-फ्रेंडली कंटेंट लिखना और पाठकों से जुड़ी स्टोरीज तैयार करना.

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