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हाथ में झनझनाहट किसकी कमी से होती है? इस विटामिन और खनिज की कमी हो सकती है वजह

Vitamin Deficiency: यहां एक ऐसा विटामिन की कमी का जिक्र किया जा रहा है जिसकी कमी से हाथ-पैरों में झुनझुनाहट की दिक्कत हो सकती है. यहां जानिए कौन सा है यह विटामिन.

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Hath Me Jhanjhanahat: क्या आपको कभी ऐसा महसूस हुआ है कि आपके हाथ-पैरों पर अचानक से चींटयां चढ़ने लगी हैं. तेजी से हाथ में झनझनाहट महसूस होती है और कुछ ही देर में हाथ सुन्न पड़ जाता है. यह दिक्कत एक विटामिन की कमी से हो सकता है. जिस विटामिन का यहां जिक्र किया जा रहा है वह शरीर के लिए सबसे महत्वपूर्ण विटामिन में से एक है और इस विटामिन की कमी (Vitamin Deficiency) से कहा जाता है कि शरीर खोखला होने लगता है. ऐसे में यहां जानिए कौन सा है वो विटामिन जिसकी कमी से हाथ में झुनझुनाहट (Tingling Sensation) होती है. साथ ही, जानिए किस तरह इस कमी को पूरा किया जा सकता है.

किस विटामिन की कमी से हाथों में झनझनाहट होती है

विटामिन बी12 की कमी (Vitamin B12 Deficiency) हाथों की झुनझुनाहट की वजह बन सकती है. इस विटामिन की कमी में ऐसा महसूस होता है जैसे हाथों पर कोई सूईं चुभो रहा हो. ऐसा विटामिन बी12 की कमी से नर्व डैमेज होने से भी हो सकता है. विटामिन बी12 को कोबालमिन भी कहते हैं. यह एक वॉटर सोल्यूबल विटामिन है जिसकी कमी हेल्दी नर्व सेल्स और रेड ब्लड सेल्स के फॉर्मेशन के लिए जरूरी होती है. साथ ही इस विटामिन से DNA सिंथेसिस होता है.

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यह भी हो सकती है वजह

विटामिन बी12 की कमी के अलावा कैल्शियम की कमी से भी हाथ-पैरों में झनझनाहट हो सकती है. कैल्शियम की कमी हड्डियों और मसल्स को प्रभावित करती है. इससे हाथों में कमजोरी हो सकती है.

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किन चीजों को खाने पर मिलता है विटामिन बी12

खानपान की ऐसी कुछ चीजें हैं जिन्हें खाने पर शरीर को कुछ हद तक विटामिन बी12 मिल जाता है. एनिमल बेस्ड प्रोडक्ट्स में लिवर, फिश, अंडे, चिकन और दूध आदि आते हैं, विटामिन बी12 फोर्टिफाइड फूड्स लिए जा सकते हैं, सीरियल्स और जूस के साथ ही विटामिन बी12 के सप्लीमेंट्स लेने पर शरीर को पर्याप्त मात्रा में विटामिन बी12 मिल सकता है.

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विटामिन बी12 की कमी के लक्षण

विटामिन बी12 की शरीर पर कमी हो जाए तो ये लक्षण नजर आने लगते हैं

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  • हाथ-पैरों में झनझनाहट होने लगती है
  • हाथ-पैर सुन्न पड़ जाते हैं
  • हर समय कमजोर महसूस होता है
  • शरीर में थकान होने लगती है
  • बिना वजह वजन कम हो सकता है
  • मुंह के अंदर छाले निकलने लगते हैं
  • डायरिया हो सकता है
  • दिक्कत ज्यादा बढ़ जाए तो देखने में दिक्कत हो सकती है
  • कंफ्यूजन होने लगती है
  • डिप्रेस्ड फील होता है
  • इरिटेटिंग फील होता है

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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First published on: Dec 09, 2025 08:54 AM

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About the Author

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा को अपनी परफॉर्मेंस और सबसे ज्यादा नंबर जनरेटिंग स्टोरी के लिए वेल डन कार्ड्स मिल चुके हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. अपनी फिक्शन स्टोरी के लिए सीमा को 2 बार बेस्ट स्टोरी इन फिक्शन का अवॉर्ड मिला है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. इसी चलते सीमा को NDTV से रिवॉर्ड एंड रेकेग्निशन (एम्पलॉई ऑफ द मंथ) मिला है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. अपने कॉलेज के दिनों में सीमा कई सोसाइटीज से जुड़ी रही हैं और लिटररी सोसाइटी में प्रेसिडेंट की भूमिका निभा चुकी हैं. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं. सीमा वर्क और पर्सनल लाइफ बैलेंस पर विश्वास करती हैं. जब वे काम नहीं कर रही होती हैं तो किताबें पढ़ना पसंद करती हैं या गाने सुन रही होती हैं. अपने बुकशेल्फ को फ्लॉन्ट करना और अपनी प्लेलिस्ट के लिए तारीफ सुनना सीमा को अच्छा लगता है. सीमा ट्रेवलिंग, फैमिली मूवी टाइम, अच्छी किताबें पढ़ना, कथक करना (जोकि वे सीख रही हैं) और अपने दोस्तों से घंटों लंबी बातें करना टॉप टियर एक्सपीरियंस मानती हैं. अनुभव - 7 साल शिक्षा - जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा पिछला अनुभव - NDTV, दिल्ली प्रेस, डायमंड पब्लिशिंग हाउस

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