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बच्चे को कब्ज हो जाए तो खिलाएं ये 3 फल, डॉक्टर ने कहा आराम से होगा पेट साफ, नहीं करनी पड़ेगी मशक्कत

Bache Me Kabj Kaise Dur Kare: कब्ज होने पर मलत्याग करने में दिक्कत होने लगती है और देर तक टॉयलेट में बैठे रहने पर भी मल नहीं आता है. अक्सर ही बच्चों को भी यह दिक्कत हो जाती है. ऐसे में चलिए डॉक्टर से जानते हैं क्या खिलाने पर बच्चे को कब्ज से राहत मिल सकती है.

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Constipation In Children: पाचन में गड़बड़ी होने पर कब्ज हो सकती है. कब्ज होने पर मल कड़ा हो जाता है और मलत्याग करने में दिक्कत होने लगती है. बड़े ही नहीं बल्कि बच्चे भी अक्सर ही कब्ज (Kabj) से परेशान हो जाते हैं. जब जरूरत हो तब मलत्याग ना करने पर, खानपान में फाइबर की कमी से, पानी कम पीने से या टॉयलेट ट्रेनिंग सही तरह से ना करवाने पर बच्चों को कब्ज हो सकती है. ऐसे में बच्चों के डॉक्टर यानी पीडियाट्रिशियन डॉ. संदीप गुप्ता ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से एक वीडियो शेयर किया है और बताया है कि बच्चे को कब्ज हो जाए तो उसे कौन से फल खिलाने पर कब्ज से राहत मिल सकती है.

बच्चे की कब्ज के लिए फल

डॉक्टर ने बताया कि बच्चे को कब्ज हो जाए तो उसे ये 3 फल जरूर खिलाने चाहिए –

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सूखा आलूबुखारा – बच्चे को सूखा हुआ आलूबुखारा खिलाने पर एक ही दिन में मल सॉफ्ट हो जाएगा और कब्ज दूर हो जाएगी. सूखा आलूबुखारा मीठा होता है और इसीलिए बच्चा इसे आसानी से खा लेता है. इसे आप बच्चे को प्यूरी बनाकर दे सकते हैं या ओट्स में मिलाकर भी यह दिया जा सकता है. बच्चा अगर बड़ा है तो वह सीधा ये आलूबुखारा काट-काटकर भी खा सकता है.

पपीता – पका हुआ पपीता (Papaya) कब्ज का दुश्मन है. पके पपीते में बहुत से एंजाइम्स होते हैं जो पाचन में मदद करते हैं और मल को सॉफ्ट बनाते हैं. ऐसे में बच्चे को पपीता खिलाया जाए तो उसे कब्ज से छुटकारा मिल जाता है.

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कीवी – बच्चा अगर कब्ज से परेशान है तो उसे कीवी खिलाएं. कीवी मल को सॉफ्ट (Soft Stool) करता है और बच्चे को मलत्याग करने में आसानी होती है.

इन बातों का रखें ध्यान

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  • बच्चे को दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाएं जिससे कि कब्ज की शिकायत ना हो.
  • बच्चे को फाइबर से भरपूर फल, सब्जियां और पूर्ण अनाज खिलाएं.
  • बच्चे को फिजिकल एक्टिविटी करने के लिए कहें. उसे हल्की-फुल्की एक्सरसाइज या खेलकूद करते रहने के लिए कहें जिससे कब्ज की शिकायत ना हो.
  • टॉयलेट का प्रोपर रूटीन बनाएं. इसके अलावा, अगर इंग्लिश टॉयलेट है तो बच्चे को पैरों के नीचे स्टूल रखने के लिए कहें.
  • इससे पॉश्चर ठीक होता है और मलत्याग करने में आसानी होती है.
  • बच्चे को समझाएं कि उसे मल को रोकना नहीं है, जब भी मलत्याग करने की इच्छा हो या टॉयलेट जाना हो वह उसी समय जाए.

यह भी पढ़ें- टॉन्सिल कैंसर का पहला संकेत क्या है? जानिए कैसे दिखते हैं इस कैंसर के लक्षण

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

First published on: Mar 30, 2026 10:56 AM

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About the Author

Seema Thakur

सीमा ठाकुर ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.ए. और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है. दिल्ली प्रेस और डायमंड पब्लिशिंग हाउस के लिए मैग्जीन में काम करने के बाद NDTV में साढ़े तीन साल कार्यरत रहीं. लाइफस्टाइल और सेहत बीट में गहन रुचि और लगभग छह साल का अनुभव लेकर न्यूज 24 में बतौर चीफ सब एडिटर लिख रही हैं.

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Seema Thakur

सीमा ठाकुर ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.ए. और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है. दिल्ली प्रेस और डायमंड पब्लिशिंग हाउस के लिए मैग्जीन में काम करने के बाद NDTV में साढ़े तीन साल कार्यरत रहीं. लाइफस्टाइल और सेहत बीट में गहन रुचि और लगभग छह साल का अनुभव लेकर न्यूज 24 में बतौर चीफ सब एडिटर लिख रही हैं.

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