हिंदी न्यूज़/हेल्थ/शरीर का कंट्रोल सेंटर है आपका पेट, ये आयुर्वेदिक नुस्खे हैं रोगमुक्त जिंदगी का राज, जानिए कैसे ठीक होगी गट हेल्थ
हेल्थ
शरीर का कंट्रोल सेंटर है आपका पेट, ये आयुर्वेदिक नुस्खे हैं रोगमुक्त जिंदगी का राज, जानिए कैसे ठीक होगी गट हेल्थ
Gut Health Tips: अक्सर लोगों को खराब गट हेल्थ की समस्या रहती है, जिस कारण उन्हें कई तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ता है. आपको शायद मालूम न हो, लेकिन गट हेल्थ को शरीर का दूसरा दिमाग भी कहा जाता है, इसमें गड़बड़ी पूरी सेहत बिगाड़ सकती है और आपको जल्दी मौत के करीब भी ले जा सकती है. इस स्टोरी में हम आपको इसे सुधारने के कुछ आसान अयुर्वेदिक उचार बताएंगे, जिसकी मदद से आप परफेक्ट लाइफ जी सकेंगे.
Written By:
Azhar Naim
Updated: Mar 31, 2026 14:32
Edited By :
Azhar Naim
Updated: Mar 31, 2026 14:32
गट हेल्थ कैसे सुधारे? (Image: AI)
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हाइलाइट्स
News24 AI द्वारा निर्मित • संपादकीय टीम द्वारा जांचा गया
गट हेल्थ और उसके प्रभाव
गट हेल्थ का अर्थ है पाचन तंत्र का कार्य और आंतों में अच्छे-बुरे बैक्टीरिया का संतुलन, जो पाचन, इम्यूनिटी और मानसिक स्वास्थ्य को नियंत्रित करता है.
खराब गट हेल्थ से पुरानी सूजन, कम इम्यूनिटी, मोटापा और डिप्रेशन जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ता है, जिससे जीवन की गुणवत्ता और अवधि कम हो सकती है.
खराब गट हेल्थ के लक्षणों में पेट में गैस, पेट फूलना, कब्ज, दस्त, अपच, एसिडिटी और पेट दर्द शामिल हैं.
आयुर्वेदिक समाधान: पंचकर्म
पंचकर्म आयुर्वेद की एक प्राचीन चिकित्सा पद्धति है जिसमें शरीर से विषैले तत्व निकालने के लिए वमन, विरेचन, बस्ती, अभ्यंग और स्वेदाना जैसी पांच प्रमुख क्रियाएं शामिल हैं.
Gut Health Kaise Improve Kare: आज के वक्त में अच्छी सेहत किसी बड़े वरदान से कम नहीं है, क्योंकि वर्तमान में हालात इतने ज्यादा खराब हो गए हैं कि लोग तरह-तरह की बीमारियों का शिकार हैं. इन्हीं में से एक है गट यानी पेट की समस्या, जो पहले बड़े उम्र के लोगों में आम हुआ करती थी, लेकिन अब खानपान, खराब लाइफस्टाइल और कम फिजिकल एक्टिविटी के कारण कम उम्र के युवा भी इसका शिकार हो रहे हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि छोटी सी दिखने वाली पेट की समस्या आपके पूरे शरीर का कंट्रोल सेंटर है, जिसका बिगड़ना आपकी मेंटल हेल्थ से लेकर पूरे शरीर की स्थिति पर बुरा असर डाल सकती है.
इस समस्या से बचने के लिए लोग तरह-तरह की रंगीन एलोपैथी दवाओं का सेवन करने लगते हैं, जिससे कई बार ज्यादा पावर वाली दवाई खाने के कारण स्थिति पहले और ज्यादा खराब हो जाती है. ऐसे में आयुर्वेदिक तरीका ही सबसे ज्यादा कारगर और सुरक्षित बनता है. लोगों को सुविधा देने और केमिकल दवाओं से मुक्ति दिलाने में आयुर्वेद के रास्ते में पतंजलि लंबे वक्त से लोगों के बीच काम कर रहा है और उनकी बेहतर जिंदगी की ओर ले जा रहा है. आइए जानते हैं पतंजलि की वह योग प्रक्रिया जो आपके गेट हेल्थ की समस्या को ठीक कर आपको लंबा जीवन दे सकती है.
क्या है गट हेल्थ और कैसे खराब गट हेल्थ कम कर सकती है जिंदगी?
गट हेल्थ का मतलब है कि आपका पाचन तंत्र कितनी अच्छी तरह काम कर रहा है. इसमें हमारे पेट की छोटी और बड़ी आंत, और खासतौर पर आंतों में मौजूद बैक्टीरिया शामिल होते हैं. गट हेल्थ (Gut Health) हमारे पाचन तंत्र (पेट और आंतों) में अच्छे और बुरे बैक्टीरिया का संतुलन बनाए रखा, पाचन ठिक रखना, इम्यूनिटी और मानसिक स्वास्थ्य आदि को नियंत्रित करता है. खराब गट हेल्थ (कब्ज, सूजन, थकान) से पुरानी सूजन, इम्युनिटी में कमी, मोटापा, और डिप्रेशन जैसी बीमारियों के खतरे को बढ़ा देती हैं, जो जीवन की गुणवत्ता और अवधि (Long-term health) को कम कर सकती हैं. इसलिए समय रहते इसको ठीक करना जरूरी हो जाता है, वरना जीवन भर आप ऐसी बीमारियों का शिकार हो जाएंगे, जो आपको हर रोज दर्द देती रहेगी और आपका शरीर पूरी तरह से खोखला हो जाएगा.
खराब गट हेल्थ के कारण दिखते हैं ऐसे पाचन से जुड़े लक्षण
पेट में गैस बनना.
पेट फूलना.
कब्ज या दस्त.
अपच.
एसिडिटी.
पेट दर्द.
मल त्याग में परेशानी.
खाना ठीक से न पचना.
लंबी जिंदगी पर कैसे असर डाल सकती है पटे की समस्या?
पुरानी बीमारियां: खराब आंतों का स्वास्थ्य शरीर में सूजन (inflammation) बढ़ाता है, जो कैंसर, डायबिटीज और दिल से जुड़ी बीमारियों का प्रमुख कारण बन सकता है.
इम्यूनिटी का केंद्र: शरीर की 70-80% रोग प्रतिरोधक क्षमता आंतों में होती है. कमजोर गट से आप बार-बार बीमार पड़ सकते हैं और गंभीर संक्रमण का शिकार जल्दी शिकार हो सकते हैं.
मानसिक स्वास्थ्य (Gut-Brain Axis): आंतें दिमाग से जुड़ी होती हैं, इसलिए खराब गट बैक्टीरिया तनाव, एंग्जायटी और डिप्रेशन को बढ़ा सकते हैं, जिसे जिंदगी लंबी जिंदगी प्रभावित हो सकती है.
पोषण अवशोषण: यदि गट हेल्दी नहीं है, तो शरीर जरूरी पोषक तत्व नहीं सोख पाएगा, जिससे कमजोरी और थकान बनी रहेगी.
आयुर्वेद से जानिए कैसे सुधरेगी होगी गट हेल्थ की समस्या?
केमिकल वाली एलोपैथी दवाओं से बेहतर आयुर्वेद इसलिए बेहतर है, क्योंकि यह समस्या की जड़ से इलाज करता है और स्थिति को ठीक करता है. ऐसे में पतंजलि लोगों को आसान और नेचुरल तरीके से ऐसी स्थिति को ठीक करने के लिए कई आयुर्वेदिक उपाय बताएं हैं, जिसे आप उनके पतंजलि वेलनेस सेंटर Patanjali Wellness Center पर जाकर भी करवा सकते हैं. गट हेल्थ को बेहतर बनाने के लिए पंचकर्म एक सबसे बेहतर और मददगार उपाय हो सकता है. पंचकर्म शरीर को शुद्ध और पोषित करने में मदद करता है, जिससे गट हेल्थ से जुड़ी कई समस्या ठीक हो सकती हैं.
क्या है पंचकर्म जानिए इस उपचार के बारे में
पंचकर्म आयुर्वेद की एक प्राचीन और प्रभावी चिकित्सा पद्धति है, जिसका मुख्य उद्देश्य शरीर से विषैले तत्व (टॉक्सिन्स) निकालकर उसे अंदर से शुद्ध करना होता है. 'पंचकर्म' का अर्थ है पांच प्रमुख क्रियाएं, जो शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करने में मदद करती हैं. यह उपचार न केवल बीमारियों को दूर करता है बल्कि शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है.
पंचकर्म के 5 प्रमुख उपचार:
वमन (Vamana)
यह एक नियंत्रित प्रक्रिया है जिसमें औषधियों की मदद से उल्टी करवाई जाती है. इसका उद्देश्य शरीर में जमा कफ दोष को बाहर निकालना होता है, यह खासतौर पर अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और त्वचा रोगों में लाभकारी माना जाता है.
विरेचन (Virechana)
इस प्रक्रिया में औषधियों के माध्यम से शरीर को शुद्ध करने के लिए मल त्याग कराया जाता है. यह पित्त दोष को संतुलित करता है और लीवर, त्वचा तथा पाचन से जुड़ी समस्याओं में काफी फायदेमंद होता है.
बस्ती (Basti)
इसे आयुर्वेद का सबसे महत्वपूर्ण उपचार माना जाता है, इसमें औषधीय तेल या काढ़े को एनिमा के रूप में दिया जाता है, जिससे वात दोष कंट्रोल होता है. यह जोड़ों के दर्द, कब्ज और न्यूरोलॉजिकल समस्याओं में सहायक है.
अभ्यंग (Abhyanga)
इस उपचार में हर्बल तेल से शरीर की मालिश की जाती है, जो वात को शांत करती है और रक्त संचार में सहायता करती है.
स्वेदाना (Swedana)
इस प्रक्रिया में शरीर को हर्बल स्टीम दिया जाता है, यह ऊतकों को नरम करता है और पाचन क्रिया को बेहतर बनाने के लिए नलिकाओं को साफ करता है.
आप इन आयुर्वेदिक उपचारों से अपनी गट हेल्थ की समस्या ठीक कर सकते हैं.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
Gut Health Kaise Improve Kare: आज के वक्त में अच्छी सेहत किसी बड़े वरदान से कम नहीं है, क्योंकि वर्तमान में हालात इतने ज्यादा खराब हो गए हैं कि लोग तरह-तरह की बीमारियों का शिकार हैं. इन्हीं में से एक है गट यानी पेट की समस्या, जो पहले बड़े उम्र के लोगों में आम हुआ करती थी, लेकिन अब खानपान, खराब लाइफस्टाइल और कम फिजिकल एक्टिविटी के कारण कम उम्र के युवा भी इसका शिकार हो रहे हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि छोटी सी दिखने वाली पेट की समस्या आपके पूरे शरीर का कंट्रोल सेंटर है, जिसका बिगड़ना आपकी मेंटल हेल्थ से लेकर पूरे शरीर की स्थिति पर बुरा असर डाल सकती है.
इस समस्या से बचने के लिए लोग तरह-तरह की रंगीन एलोपैथी दवाओं का सेवन करने लगते हैं, जिससे कई बार ज्यादा पावर वाली दवाई खाने के कारण स्थिति पहले और ज्यादा खराब हो जाती है. ऐसे में आयुर्वेदिक तरीका ही सबसे ज्यादा कारगर और सुरक्षित बनता है. लोगों को सुविधा देने और केमिकल दवाओं से मुक्ति दिलाने में आयुर्वेद के रास्ते में पतंजलि लंबे वक्त से लोगों के बीच काम कर रहा है और उनकी बेहतर जिंदगी की ओर ले जा रहा है. आइए जानते हैं पतंजलि की वह योग प्रक्रिया जो आपके गेट हेल्थ की समस्या को ठीक कर आपको लंबा जीवन दे सकती है.
क्या है गट हेल्थ और कैसे खराब गट हेल्थ कम कर सकती है जिंदगी?
गट हेल्थ का मतलब है कि आपका पाचन तंत्र कितनी अच्छी तरह काम कर रहा है. इसमें हमारे पेट की छोटी और बड़ी आंत, और खासतौर पर आंतों में मौजूद बैक्टीरिया शामिल होते हैं. गट हेल्थ (Gut Health) हमारे पाचन तंत्र (पेट और आंतों) में अच्छे और बुरे बैक्टीरिया का संतुलन बनाए रखा, पाचन ठिक रखना, इम्यूनिटी और मानसिक स्वास्थ्य आदि को नियंत्रित करता है. खराब गट हेल्थ (कब्ज, सूजन, थकान) से पुरानी सूजन, इम्युनिटी में कमी, मोटापा, और डिप्रेशन जैसी बीमारियों के खतरे को बढ़ा देती हैं, जो जीवन की गुणवत्ता और अवधि (Long-term health) को कम कर सकती हैं. इसलिए समय रहते इसको ठीक करना जरूरी हो जाता है, वरना जीवन भर आप ऐसी बीमारियों का शिकार हो जाएंगे, जो आपको हर रोज दर्द देती रहेगी और आपका शरीर पूरी तरह से खोखला हो जाएगा.
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खराब गट हेल्थ के कारण दिखते हैं ऐसे पाचन से जुड़े लक्षण
पेट में गैस बनना.
पेट फूलना.
कब्ज या दस्त.
अपच.
एसिडिटी.
पेट दर्द.
मल त्याग में परेशानी.
खाना ठीक से न पचना.
लंबी जिंदगी पर कैसे असर डाल सकती है पटे की समस्या?
पुरानी बीमारियां: खराब आंतों का स्वास्थ्य शरीर में सूजन (inflammation) बढ़ाता है, जो कैंसर, डायबिटीज और दिल से जुड़ी बीमारियों का प्रमुख कारण बन सकता है.
इम्यूनिटी का केंद्र: शरीर की 70-80% रोग प्रतिरोधक क्षमता आंतों में होती है. कमजोर गट से आप बार-बार बीमार पड़ सकते हैं और गंभीर संक्रमण का शिकार जल्दी शिकार हो सकते हैं.
मानसिक स्वास्थ्य (Gut-Brain Axis): आंतें दिमाग से जुड़ी होती हैं, इसलिए खराब गट बैक्टीरिया तनाव, एंग्जायटी और डिप्रेशन को बढ़ा सकते हैं, जिसे जिंदगी लंबी जिंदगी प्रभावित हो सकती है.
पोषण अवशोषण: यदि गट हेल्दी नहीं है, तो शरीर जरूरी पोषक तत्व नहीं सोख पाएगा, जिससे कमजोरी और थकान बनी रहेगी.
आयुर्वेद से जानिए कैसे सुधरेगी होगी गट हेल्थ की समस्या?
केमिकल वाली एलोपैथी दवाओं से बेहतर आयुर्वेद इसलिए बेहतर है, क्योंकि यह समस्या की जड़ से इलाज करता है और स्थिति को ठीक करता है. ऐसे में पतंजलि लोगों को आसान और नेचुरल तरीके से ऐसी स्थिति को ठीक करने के लिए कई आयुर्वेदिक उपाय बताएं हैं, जिसे आप उनके पतंजलि वेलनेस सेंटर Patanjali Wellness Center पर जाकर भी करवा सकते हैं. गट हेल्थ को बेहतर बनाने के लिए पंचकर्म एक सबसे बेहतर और मददगार उपाय हो सकता है. पंचकर्म शरीर को शुद्ध और पोषित करने में मदद करता है, जिससे गट हेल्थ से जुड़ी कई समस्या ठीक हो सकती हैं.
क्या है पंचकर्म जानिए इस उपचार के बारे में
पंचकर्म आयुर्वेद की एक प्राचीन और प्रभावी चिकित्सा पद्धति है, जिसका मुख्य उद्देश्य शरीर से विषैले तत्व (टॉक्सिन्स) निकालकर उसे अंदर से शुद्ध करना होता है. ‘पंचकर्म’ का अर्थ है पांच प्रमुख क्रियाएं, जो शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करने में मदद करती हैं. यह उपचार न केवल बीमारियों को दूर करता है बल्कि शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है.
पंचकर्म के 5 प्रमुख उपचार:
वमन (Vamana)
यह एक नियंत्रित प्रक्रिया है जिसमें औषधियों की मदद से उल्टी करवाई जाती है. इसका उद्देश्य शरीर में जमा कफ दोष को बाहर निकालना होता है, यह खासतौर पर अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और त्वचा रोगों में लाभकारी माना जाता है.
विरेचन (Virechana)
इस प्रक्रिया में औषधियों के माध्यम से शरीर को शुद्ध करने के लिए मल त्याग कराया जाता है. यह पित्त दोष को संतुलित करता है और लीवर, त्वचा तथा पाचन से जुड़ी समस्याओं में काफी फायदेमंद होता है.
बस्ती (Basti)
इसे आयुर्वेद का सबसे महत्वपूर्ण उपचार माना जाता है, इसमें औषधीय तेल या काढ़े को एनिमा के रूप में दिया जाता है, जिससे वात दोष कंट्रोल होता है. यह जोड़ों के दर्द, कब्ज और न्यूरोलॉजिकल समस्याओं में सहायक है.
अभ्यंग (Abhyanga)
इस उपचार में हर्बल तेल से शरीर की मालिश की जाती है, जो वात को शांत करती है और रक्त संचार में सहायता करती है.
स्वेदाना (Swedana)
इस प्रक्रिया में शरीर को हर्बल स्टीम दिया जाता है, यह ऊतकों को नरम करता है और पाचन क्रिया को बेहतर बनाने के लिए नलिकाओं को साफ करता है.
आप इन आयुर्वेदिक उपचारों से अपनी गट हेल्थ की समस्या ठीक कर सकते हैं.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.