---विज्ञापन---

पीरियड्स साइकल बदलना क्यों हो सकता है रिस्की? एक्सपर्ट ने बताया क्या हैं महिलाओं में दिखने वाले 5 वार्निंग साइन

Periods Cycle Ka Badalna: पीरियड्स साइकल को बदलना कभी-कभार जरूरी हो सकता है, लेकिन इसे आदत बनाना खतरनाक साबित हो सकता है. इसलिए शरीर के संकेतों को समझना और समय पर ध्यान देना बेहद जरूरी है. 

---विज्ञापन---

Why Women Periods Cycle Is Change: आजकल कई महिलाएं अपने पीरियड्स साइकल को जानबूझकर बदलने की कोशिश करती हैं. यह एक नया ट्रेंड चल गया है और महिलाएं कभी ट्रैवल की वजह से, कभी शादी या किसी खास मौके की वजह से ऐसा करती हैं. ऐसा करना हेल्थ के लिए बहुत ही नुकसानदायक हो सकता है, लेकिन बार-बार ऐसा होने पर आपको डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए. कई बार यह शरीर के अंदरूनी कमी या खामियों का संकेत होता है. आयुर्वेदिक डॉक्टर आचार्य मनीष जी का कहना है कि मासिक धर्म शरीर की प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसे छोड़ने से हार्मोनल संतुलन बिगड़ सकता है. आइए जानते हैं क्यों पीरियड्स साइकल बदलना रिस्की हो सकता है और इसके 5 चेतावनी संकेत क्या हैं. 

इसे भी पढ़ें- टॉन्सिल कैंसर का पहला संकेत क्या है? जानिए कैसे दिखते हैं इस कैंसर के लक्षण

---विज्ञापन---

क्यों रिस्की है पीरियड्स साइकल बदलना?

आयुर्वेद में पीरियड्स को आर्टव चक्र कहा जाता है, जो शरीर के तीन दोष जैसे वात, पित्त और कफ आदि के संतुलन पर निर्भर करता है. जब आप दवाओं या घरेलू उपायों से इस चक्र को बदलते हैं तो यह संतुलन बिगड़ सकता है. इसके एक नहीं बल्कि कई कारण हो सकते हैं, जैसे-

  • हार्मोनल असंतुलन
  • अनियमित पीरियड्स
  • प्रजनन क्षमता पर असर
  • मानसिक तनाव और थकान

5 वार्निंग साइन क्या हैं? 

  • पीरियड्स का बार-बार बदलना- अगर आप साइकल बदलने के बाद नोटिस करें कि पीरियड्स कभी जल्दी तो कभी देर से आ रहे हैं तो यह संकेत है कि शरीर का नैचुरल रिदम बिगड़ चुका है. यह लंबे समय में हार्मोनल समस्या का कारण बन सकता है.
  • बहुत ज्यादा या बहुत कम ब्लीडिंग- नॉर्मल पीरियड्स में ब्लीडिंग संतुलित होती है, लेकिन साइकल छोड़ने के बाद बहुत ज्यादा ब्लीडिंग या बहुत कम ब्लीडिंग आदि दोनों ही संकेत हैं कि शरीर सही तरीके से काम नहीं कर रहा है. 
  • पेट और कमर में तेज दर्द- अगर पीरियड्स के दौरान दर्द पहले से ज्यादा बढ़ गया है तो इसे नजरअंदाज ना करें. आयुर्वेद के अनुसार, यह वात दोष के बढ़ने का संकेत हो सकता है. 
  • मूड स्विंग और चिड़चिड़ापन- साइकिल बदलने से हार्मोन प्रभावित होते हैं, जिससे अचानक गुस्सा आना, चिंता या कम नींद आने लगती है. 
  • बार-बार थकान और कमजोरी- अगर आप बिना ज्यादा काम किए ही थका हुआ महसूस कर रही हैं तो यह भी एक चेतावनी है. यह शरीर में ऊर्जा की कमी और हार्मोनल गड़बड़ी का संकेत हो सकता है. 

आयुर्वेद क्या कहता है?

आयुर्वेद में पीरियड्स को प्राकृतिक रूप से होने देना ही सही माना गया है. एक्सपर्ट्स के अनुसार बार-बार साइकल बदलने से बचें और अगर खुद ही बदल रहा है तो डॉक्टर से बात करें.

---विज्ञापन---

इसे भी पढ़ें- Pregnancy First Week Symptoms: गर्भावस्था के पहले हफ्ते में शरीर देता है ये संकेत, जानिए प्रेग्नेंसी के शुरुआती लक्षण

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

---विज्ञापन---

First published on: Mar 31, 2026 09:07 AM

End of Article

About the Author

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर (Senior Sub Editor) हैं. दिल्ली की रहने वाली शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर डिग्री हासिल की है. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. शादमा मुस्कान का कुल अनुभव  कुल अनुभव - 5 साल डिग्री- शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से बीजेएमसी (BJMC) और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय हिसार से एमजेएमसी (MJMC) की पढ़ाई भी की है. पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की। इसके बाद हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया के हरजिंदगी में अपनी पत्रकारिता की समझ और अनुभव को और मजबूत किया. तहजीब टीवी में भी उन्होंने काम किया. इस दौरान उन्होंने ब्रेकिंग न्यूज, सोशल मीडिया से लेकर न्यूज रूम की बेसिक समझ हासिल की. अब ज्यादा फोकस हेल्थ और लाइफस्टाइल की बीट पर है. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर गाइड के विषय में भी विशेषज्ञों से बातचीत के साथ विस्तृत लेखन में महारत हासिल है.

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola