Diabetes Cure: डायबिटीज आज भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है. लाखों लोग इस बीमारी से जूझ रहे हैं, लेकिन लोगों का सबसे बड़ा सवाल यही रहता है कि क्या डायबिटीज को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है? अक्सर लोग इसे सिर्फ थोड़ी शुगर बढ़ना समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो आगे चलकर गंभीर रूप ले सकता है.
विशेषज्ञों का मानना है कि डायबिटीज एक दिन में नहीं होती, बल्कि यह शरीर में धीरे-धीरे विकसित होती है. हालांकि, अगर सही समय पर इसके संकेत समझ लिए जाएं, तो इस बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है और कुछ मामलों में पूरी तरह रिवर्स भी किया जा सकता है. आइए जानते हैं कब आप डायबिटीज को रोक सकते हैं.
यह भी पढ़ें: 100 बीमारियों को ठीक करने का सिर्फ 1 चमत्कारी उपाय, बाबा रामदेव ने बताया रोज 1 गिलास पीने से होगा जबरदस्त फायदा
डायबिटीज के स्टेज जानें
इससे पहले यह समझना जरूरी है कि डायबिटीज के स्टेज कितने होते हैं. इन्हीं स्टेज पर निर्भर करता है कि आप अपनी इस समस्या को रोक पाएंगे, यह इसे कंट्रोल ही करना होगा?
- स्टेज 1: इंसुलिन रेजिस्टेंस - इस अवस्था में ब्लड शुगर सामान्य रहती है, लेकिन मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है. खाने के बाद सुस्ती, भारीपन और दिमाग में धुंधलापन महसूस होता है.
- स्टेज 2: प्री-डायबिटीज- फास्टिंग शुगर 100 से ऊपर और HbA1c 5.7 से 6.4 के बीच पहुंच जाती है. इसमें पेट के आसपास चर्बी बढ़ना इसका बड़ा संकेत माना जाता है. स्टेज 1 और स्टेज 2 दोनों में ही अच्छी और स्वास्थ्य लाइफस्टाइल से इस समस्या को खत्म किया जा सकता है.
- स्टेज 3: अर्ली डायबिटीज- इस स्टेज में फास्टिंग शुगर 126 से ज्यादा होता है और HbA1c 6.5 के पार हो जाती है. इसमें मरीज को बार-बार भूख लगना और पेशाब जैसी समस्या देखने को मिलती है. इस स्टेज में डायबिटीज को काफी हद तक रिवर्स किया जा सकता है, लेकिन वह भी अच्छी रूटीन और सख्त डाइट के साथ ही.
- स्टेज 4: अनकंट्रोल डायबिटीज- यह वह स्टेज है जब मरीज पर दवाओं का असर कम होने लगता है. इसके लक्षणों में पैरों में झनझनाहट या सुन्नपन महसूस होना शामिल है. इस स्टेज में डायबिटीज को ठीक कर पाना लगभग असंभव है.
- स्टेज 5: कॉम्प्लिकेटेड डायबिटीज- इस स्टेज में सालों से डायबिटीज होने के कारण शरीर के महत्वपूर्ण अंग प्रभावित होने लगते इसमें, किडनी, आंखें, दिल और नसें शामिल हैं. इस स्टेज में डायबिटीज को पूरी तरह ठीक करना लगभग नामुमकिन है.
समय पर पहचान ही है सबसे बड़ा बचाव
एक्सपर्ट्स बताते हैं कि डायबिटीज के छोटे-छोटे संकेतों को नजरअंदाज करना भविष्य में भारी पड़ सकता है. इसलिए रेगुलर ब्लड टेस्ट कराना, डॉक्टर की सलाह मानना और स्वस्थ लाइफस्टाइल अपनाना ही इस साइलेंट बीमारी से बचने का सबसे अच्छा इलाज है. याद रखें, सही समय पर उठाया गया सही कदम आपको गंभीर मुश्किलों से बचा सकता है और एक स्वस्थ जीवन की ओर ले जा सकता है.
यह भी पढ़ें: महिलाओं के बीच तेजी से फैल रही PCOS बीमारी! यह आम लक्षण देते हैं समस्या का बड़ा संकेत
Diabetes Cure: डायबिटीज आज भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है. लाखों लोग इस बीमारी से जूझ रहे हैं, लेकिन लोगों का सबसे बड़ा सवाल यही रहता है कि क्या डायबिटीज को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है? अक्सर लोग इसे सिर्फ थोड़ी शुगर बढ़ना समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो आगे चलकर गंभीर रूप ले सकता है.
विशेषज्ञों का मानना है कि डायबिटीज एक दिन में नहीं होती, बल्कि यह शरीर में धीरे-धीरे विकसित होती है. हालांकि, अगर सही समय पर इसके संकेत समझ लिए जाएं, तो इस बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है और कुछ मामलों में पूरी तरह रिवर्स भी किया जा सकता है. आइए जानते हैं कब आप डायबिटीज को रोक सकते हैं.
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डायबिटीज के स्टेज जानें
इससे पहले यह समझना जरूरी है कि डायबिटीज के स्टेज कितने होते हैं. इन्हीं स्टेज पर निर्भर करता है कि आप अपनी इस समस्या को रोक पाएंगे, यह इसे कंट्रोल ही करना होगा?
- स्टेज 1: इंसुलिन रेजिस्टेंस – इस अवस्था में ब्लड शुगर सामान्य रहती है, लेकिन मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है. खाने के बाद सुस्ती, भारीपन और दिमाग में धुंधलापन महसूस होता है.
- स्टेज 2: प्री-डायबिटीज– फास्टिंग शुगर 100 से ऊपर और HbA1c 5.7 से 6.4 के बीच पहुंच जाती है. इसमें पेट के आसपास चर्बी बढ़ना इसका बड़ा संकेत माना जाता है. स्टेज 1 और स्टेज 2 दोनों में ही अच्छी और स्वास्थ्य लाइफस्टाइल से इस समस्या को खत्म किया जा सकता है.
- स्टेज 3: अर्ली डायबिटीज– इस स्टेज में फास्टिंग शुगर 126 से ज्यादा होता है और HbA1c 6.5 के पार हो जाती है. इसमें मरीज को बार-बार भूख लगना और पेशाब जैसी समस्या देखने को मिलती है. इस स्टेज में डायबिटीज को काफी हद तक रिवर्स किया जा सकता है, लेकिन वह भी अच्छी रूटीन और सख्त डाइट के साथ ही.
- स्टेज 4: अनकंट्रोल डायबिटीज– यह वह स्टेज है जब मरीज पर दवाओं का असर कम होने लगता है. इसके लक्षणों में पैरों में झनझनाहट या सुन्नपन महसूस होना शामिल है. इस स्टेज में डायबिटीज को ठीक कर पाना लगभग असंभव है.
- स्टेज 5: कॉम्प्लिकेटेड डायबिटीज– इस स्टेज में सालों से डायबिटीज होने के कारण शरीर के महत्वपूर्ण अंग प्रभावित होने लगते इसमें, किडनी, आंखें, दिल और नसें शामिल हैं. इस स्टेज में डायबिटीज को पूरी तरह ठीक करना लगभग नामुमकिन है.
समय पर पहचान ही है सबसे बड़ा बचाव
एक्सपर्ट्स बताते हैं कि डायबिटीज के छोटे-छोटे संकेतों को नजरअंदाज करना भविष्य में भारी पड़ सकता है. इसलिए रेगुलर ब्लड टेस्ट कराना, डॉक्टर की सलाह मानना और स्वस्थ लाइफस्टाइल अपनाना ही इस साइलेंट बीमारी से बचने का सबसे अच्छा इलाज है. याद रखें, सही समय पर उठाया गया सही कदम आपको गंभीर मुश्किलों से बचा सकता है और एक स्वस्थ जीवन की ओर ले जा सकता है.
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