Whatsapp के खिलाफ FIR क्यों हुई दर्ज? हरियाणा की गुरुग्राम पुलिस ने तलब किए डायरेक्टर्स-नोडल अधिकारी

Whatsapp Controversy: 300 करोड़ यूजर्स वाली सोशल नेटवर्किंग साइट व्हाट्सऐप के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हुई है। पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई है। एक पुलिस अधिकारी ने लिखित शिकायत देकर कार्रवाई कराई है। आखिर क्या मामला है, आइए जानते हैं…

Whatsapp

कंपनी के रवैये पर पुलिस विभाग ने कड़ी आपत्ति जताई है।

FIR Against Whatsapp in Gurugram: हरियाणा के गुरुग्राम जिले की पुलिस ने व्हाट्सऐप के खिलाफ FIR दर्ज की है। व्हाट्सऐप के डायरेक्टर्स और नोडल अधिकारी को तलब करके सफाई देने को कहा गया है। मामला मांगी गई जानकारी नहीं देने से जुड़ा है। वहीं पुलिस ने व्हाट्सऐप पर लोकसेवक के आदेश का पालन नहीं करने का आरोप व्हाट्सऐप पर लगाया है। अपराधी को सजा से बचाने के लिए उसे छिपाने, सबूतों के तौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले डॉक्यूमेंट और ऑनलाइन रिकॉर्ड को नष्ट करने से जुड़ी धाराओं के तहत भी केस दर्ज किया गया है। मांगी गई 3 व्हाट्सऐप अकाउंट से जुड़ी जानकारी देने से इनकार करके व्हाट्सऐप ने कानूनी प्रक्रिया में बाधा डालने का काम किया है।

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नोटिस का जवाब देते हुए साफ इनकार किया गया

NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, एक इंस्पेक्टर ने मामले की लिखित शिकायत साइबर पुलिस को दी थी, जिसमें 27 मई को दर्ज हुए एक केस का जिक्र किया गया है। यह केस धोखाधड़ी करने और आपराधिक साजिश रचने से जुड़ा है। मामले की जांच करते हुए गुरुग्राम पुलिस ने व्हाट्सऐप से उन 4 नंबरों की जानकारी मांगी, जो आरोपियों ने इस्तेमाल किए थे। इसके लिए 17 जुलाई को व्हाट्सऐप को एक नोटिस ईमेल किया गया। 19 जुलाई को जवाब आया, जिसमें मांगी गई जानकारी पर आपत्ति जताई गई थी। 25 जुलाई को पुलिस की ओर से जताई गई आपत्ति का जवाब दिया गया, जिस पर फिर से व्हाट्सऐप की ओर से आपत्ति जताई गई। 23 अगस्त को इन आपत्तियों का पुलिस ने फिर जवाब दिया, लेकिन व्हाट्सऐप ने 28 अगस्त को जवाब देते हुए मांगी गई जानकारी देने से इनकार कर दिया। यह इनकार कानूनी नियमों की अवहेलना है।

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पुलिस ने इनकार को कानून का उल्लंघन बताया

रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस विभाग ने व्हाट्सऐप को एक ईमेल भेजकर नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई। साथ ही प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कानूनी तरीके से जारी किए गए आदेशों का पालन करने से इनकार करना, कानूनों के तहत ऐसा करने के लिए कानूनी रूप से अनिवार्य होने के बावजूद मांगी गई जानकारी देने से इनकार करना, कानूनी निर्देशों की जानबूझकर और अवज्ञाकारी अवज्ञा है। मांगी गई जानकारी पुलिस को न देकर व्हाट्सऐप ने जानबूझकर आरोपी की मदद की है। यह आचरण वैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। FIR में कृष्णा चौधरी और अन्य को नामजद किया गया है।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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