Battery Saver Tips: आजकल स्मार्टफोन सिर्फ कॉल करने या मैसेज भेजने का जरिया नहीं रह गया है. बैंकिंग से लेकर शॉपिंग, ऑफिस वर्क से लेकर एंटरटेनमेंट तक, हर काम फोन पर ही हो रहा है. ऐसे में सबसे बड़ी चिंता यही रहती है कि बैटरी कितनी देर चलेगी. कई लोग कहते हैं कि नया फोन लेने के कुछ ही महीनों बाद बैटरी पहले जैसा बैकअप नहीं देती. लेकिन हर बार गलती बैटरी की नहीं होती, कई बार वजह हमारी अनदेखी की गई सेटिंग्स होती हैं. अगर इन्हें सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो बैटरी लाइफ में साफ सुधार देखा जा सकता है.
बैटरी जल्दी खत्म होने की असली वजह
अक्सर हमें लगता है कि बैटरी खराब हो रही है, जबकि असल में फोन की कुछ सेटिंग्स लगातार पावर खींचती रहती हैं. बैकग्राउंड में चल रही ऐप्स, ऑटो अपडेट, लगातार सिंक होती ईमेल और हाई ब्राइटनेस — ये सब मिलकर बैटरी तेजी से कम करते हैं. हम रोजमर्रा की भागदौड़ में इन पर ध्यान नहीं देते, लेकिन यही छोटी चीजें बड़ा असर डालती हैं.
ऐसे काम करता है Battery Saver या Low Power Mode
हर स्मार्टफोन में Battery Saver या Low Power Mode नाम का एक इनबिल्ट फीचर होता है. जैसे ही आप इसे ऑन करते हैं, फोन खुद ही गैर-जरूरी एक्टिविटीज कम कर देता है. बैकग्राउंड ऐप्स की गतिविधि सीमित हो जाती है, स्क्रीन की ब्राइटनेस कंट्रोल हो जाती है, ऑटो अपडेट रुक जाते हैं और कई फालतू एनिमेशन बंद हो जाते हैं.
इसी वजह से बैटरी की खपत अचानक कम हो जाती है. टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस फीचर का सही इस्तेमाल किया जाए तो कई मामलों में फोन का स्टैंडबाय टाइम लगभग दोगुना तक बढ़ सकता है.
Android और iPhone में कैसे ऑन करें यह फीचर
Android स्मार्टफोन में यह विकल्प Settings में जाकर Battery या Battery & Device Care सेक्शन में मिलता है. वहां से आप Battery Saver को ऑन कर सकते हैं.
अगर आप iPhone इस्तेमाल करते हैं, तो Settings में जाकर Battery ऑप्शन खोलें और Low Power Mode सक्रिय कर दें. अच्छी बात यह है कि नए स्मार्टफोन में यह फीचर परफॉर्मेंस को पूरी तरह धीमा नहीं करता, इसलिए जरूरत पड़ने पर इसे दिनभर भी ऑन रखा जा सकता है.
Adaptive Battery और AI का कमाल
नए स्मार्टफोन्स में Adaptive Battery या AI आधारित बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम भी दिया जा रहा है. यह तकनीक आपके इस्तेमाल के पैटर्न को समझती है. जिन ऐप्स का आप कम उपयोग करते हैं, उन्हें यह बैकग्राउंड में सीमित कर देती है. इससे बैटरी ड्रेन काफी हद तक कम हो जाता है. यानी फोन खुद समझने लगता है कि आपको किस ऐप की ज्यादा जरूरत है और किसकी कम.
डार्क मोड से भी मिल सकता है फायदा
अगर आपके फोन में AMOLED या OLED डिस्प्ले है, तो Dark Mode का इस्तेमाल जरूर करें. इन डिस्प्ले में काले पिक्सल बहुत कम पावर लेते हैं. इसका मतलब यह है कि डार्क मोड ऑन रखने से स्क्रीन कम एनर्जी खर्च करती है. खासकर जब आप लंबे समय तक सोशल मीडिया या वीडियो देखते हैं, तब यह सेटिंग बैटरी बचाने में मददगार साबित हो सकती है.
इन छोटी सेटिंग्स पर भी रखें नजर
लोकेशन, ब्लूटूथ, WiFi स्कैनिंग और बैकग्राउंड ऐप रिफ्रेश जैसी सुविधाएं लगातार बैटरी खर्च करती रहती हैं. अगर आप लोकेशन एक्सेस को ‘Always’ की जगह ‘While Using App’ पर सेट कर दें, तो बैटरी लाइफ में साफ फर्क महसूस होगा.
छोटी-छोटी सावधानियां और सही सेटिंग्स का इस्तेमाल करके आप अपने फोन की बैटरी को लंबे समय तक बेहतर रख सकते हैं. कई बार समाधान हमारे फोन में ही मौजूद होता है, बस हमें उसे सही समय पर पहचानना होता है.
ये भी पढ़ें- Instagram का बड़ा कदम! अब टीनएजर ने सुसाइड शब्द सर्च किया तो तुरंत पैरेंट्स को मिलेगा अलर्ट
Battery Saver Tips: आजकल स्मार्टफोन सिर्फ कॉल करने या मैसेज भेजने का जरिया नहीं रह गया है. बैंकिंग से लेकर शॉपिंग, ऑफिस वर्क से लेकर एंटरटेनमेंट तक, हर काम फोन पर ही हो रहा है. ऐसे में सबसे बड़ी चिंता यही रहती है कि बैटरी कितनी देर चलेगी. कई लोग कहते हैं कि नया फोन लेने के कुछ ही महीनों बाद बैटरी पहले जैसा बैकअप नहीं देती. लेकिन हर बार गलती बैटरी की नहीं होती, कई बार वजह हमारी अनदेखी की गई सेटिंग्स होती हैं. अगर इन्हें सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो बैटरी लाइफ में साफ सुधार देखा जा सकता है.
बैटरी जल्दी खत्म होने की असली वजह
अक्सर हमें लगता है कि बैटरी खराब हो रही है, जबकि असल में फोन की कुछ सेटिंग्स लगातार पावर खींचती रहती हैं. बैकग्राउंड में चल रही ऐप्स, ऑटो अपडेट, लगातार सिंक होती ईमेल और हाई ब्राइटनेस — ये सब मिलकर बैटरी तेजी से कम करते हैं. हम रोजमर्रा की भागदौड़ में इन पर ध्यान नहीं देते, लेकिन यही छोटी चीजें बड़ा असर डालती हैं.
ऐसे काम करता है Battery Saver या Low Power Mode
हर स्मार्टफोन में Battery Saver या Low Power Mode नाम का एक इनबिल्ट फीचर होता है. जैसे ही आप इसे ऑन करते हैं, फोन खुद ही गैर-जरूरी एक्टिविटीज कम कर देता है. बैकग्राउंड ऐप्स की गतिविधि सीमित हो जाती है, स्क्रीन की ब्राइटनेस कंट्रोल हो जाती है, ऑटो अपडेट रुक जाते हैं और कई फालतू एनिमेशन बंद हो जाते हैं.
इसी वजह से बैटरी की खपत अचानक कम हो जाती है. टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस फीचर का सही इस्तेमाल किया जाए तो कई मामलों में फोन का स्टैंडबाय टाइम लगभग दोगुना तक बढ़ सकता है.
Android और iPhone में कैसे ऑन करें यह फीचर
Android स्मार्टफोन में यह विकल्प Settings में जाकर Battery या Battery & Device Care सेक्शन में मिलता है. वहां से आप Battery Saver को ऑन कर सकते हैं.
अगर आप iPhone इस्तेमाल करते हैं, तो Settings में जाकर Battery ऑप्शन खोलें और Low Power Mode सक्रिय कर दें. अच्छी बात यह है कि नए स्मार्टफोन में यह फीचर परफॉर्मेंस को पूरी तरह धीमा नहीं करता, इसलिए जरूरत पड़ने पर इसे दिनभर भी ऑन रखा जा सकता है.
Adaptive Battery और AI का कमाल
नए स्मार्टफोन्स में Adaptive Battery या AI आधारित बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम भी दिया जा रहा है. यह तकनीक आपके इस्तेमाल के पैटर्न को समझती है. जिन ऐप्स का आप कम उपयोग करते हैं, उन्हें यह बैकग्राउंड में सीमित कर देती है. इससे बैटरी ड्रेन काफी हद तक कम हो जाता है. यानी फोन खुद समझने लगता है कि आपको किस ऐप की ज्यादा जरूरत है और किसकी कम.
डार्क मोड से भी मिल सकता है फायदा
अगर आपके फोन में AMOLED या OLED डिस्प्ले है, तो Dark Mode का इस्तेमाल जरूर करें. इन डिस्प्ले में काले पिक्सल बहुत कम पावर लेते हैं. इसका मतलब यह है कि डार्क मोड ऑन रखने से स्क्रीन कम एनर्जी खर्च करती है. खासकर जब आप लंबे समय तक सोशल मीडिया या वीडियो देखते हैं, तब यह सेटिंग बैटरी बचाने में मददगार साबित हो सकती है.
इन छोटी सेटिंग्स पर भी रखें नजर
लोकेशन, ब्लूटूथ, WiFi स्कैनिंग और बैकग्राउंड ऐप रिफ्रेश जैसी सुविधाएं लगातार बैटरी खर्च करती रहती हैं. अगर आप लोकेशन एक्सेस को ‘Always’ की जगह ‘While Using App’ पर सेट कर दें, तो बैटरी लाइफ में साफ फर्क महसूस होगा.
छोटी-छोटी सावधानियां और सही सेटिंग्स का इस्तेमाल करके आप अपने फोन की बैटरी को लंबे समय तक बेहतर रख सकते हैं. कई बार समाधान हमारे फोन में ही मौजूद होता है, बस हमें उसे सही समय पर पहचानना होता है.
ये भी पढ़ें- Instagram का बड़ा कदम! अब टीनएजर ने सुसाइड शब्द सर्च किया तो तुरंत पैरेंट्स को मिलेगा अलर्ट