Explained : सुलगता बलूचिस्तान कैसे US और चीन के लिए 'खतरे की घंटी'? जानें कैसे दांव पर लगे हैं अरबों डॉलर

BLA ने इस हमले को ‘हेरोफ 2’ नाम दिया है. इस हमले में करीब 800 से 1,000 लड़ाके शामिल थे. विद्रोहियों ने मस्तुंग जेल से 30 कैदियों को छुड़ा लिया, ग्वादर में 11 प्रवासी मजदूरों की हत्या की और नुश्की के डिप्टी कमिश्नर को अगवा कर लिया.

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पाकिस्तान में बलूच विद्रोहियों ने शनिवार भीषण हमला किया. बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने पूरे प्रांत में एक साथ दर्जनभर जगहों पर हमला कर प्रशासनिक, पुलिस और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. यह हमला न केवल पाकिस्तान, बल्कि अमेरिका और चीन के लिए भी एक बड़ी चेतावनी है. कम विकसित होने के बावजूद, बलूचिस्तान में नैचुरल गैस और दुर्लभ मिनरल्स का बड़ा भंडार है. चीन और अमेरिका दोनों ही देशों की नजर बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों पर है. बलूच विद्रोही स्थानीय संसाधनों के बाहरी इस्तेमाल का भी विरोध करते हैं.

BLA ने इस हमले को ‘हेरोफ 2’ नाम दिया है. इस हमले में करीब 800 से 1,000 लड़ाके शामिल थे. विद्रोहियों ने मस्तुंग जेल से 30 कैदियों को छुड़ा लिया, ग्वादर में 11 प्रवासी मजदूरों की हत्या की और नुश्की के डिप्टी कमिश्नर को अगवा कर लिया. विद्रोहियों ने एक साथ क्वेटा, नोश्की, मस्तुंग, दलबंदिन, कलात, खारान, पंजगुर, ग्वादर, पसनी, तुर्बत, टंप, बुलेदा, मंगोचर, लसबेला, केच और अवारन में बंदूक और बमबारी से हमला किया. मीडिया रिपोर्ट्स, पाकिस्तानी सेना के हवाले से लिख रही है कि मरने वालों का आंकड़ा 200 तक पहुंच गया है. हालांकि, बीएलए का कहना है कि पाकिस्तानी सुरक्षाबलों के 84 जवान मार गिराए हैं, जबकि 18 को जिंदा पकड़ लिया है.

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पाकिस्तान के लिए क्यों अहम?

बलूचिस्तान एरिया के हिसाब से पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है. लोकेशन की वजह से इसकी रणनीतिक अहमियत है, क्योंकि इसकी सीमा ईरान और अफगानिस्तान की सीमा से लगती है, जिसके जरिए अरब सागर तक पहुंच बनती है. बलूचिस्तान पूरे इलाके में व्यापार का सबसे बड़ा दरवाजा है. ग्वादर पोर्ट बहुत खास है. इसे चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) के तहत बनाया गया है. यह बंदरगाह चीन, मध्य एशिया और मिडिल ईस्ट को आपस में जोड़ता है. इससे पाकिस्तान की अहमियत दुनिया के व्यापार और तेल-गैस के रास्तों में बहुत बढ़ जाती है.

खजाने से भरपूर

यह इलाका प्राकृतिक संसाधनों से भरा हुआ है. यहां भारी मात्रा में नेचुरल गैस, कोयला, तांबा, सोना और रेयर अर्थ मिनरल्स मौजूद हैं. यहां का ‘सुई गैस फील्ड’ पूरे पाकिस्तान की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में बड़ी भूमिका निभाता है.

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US की नजर सोने और तांबे पर

पिछले साल 10 दिसंबर को अमेरिका ने बलूचिस्तान के दूरदराज इलाके ‘चागी’ में स्थित रेको डिक खदानों के लिए करीब 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश का ऐलान किया था. अमेरिका यहां से सोना और तांबा निकालना चाहता है. इसके अलावा, अमेरिका की एक कंपनी ने भी दुर्लभ धातुओं को निकालने और साफ करने के लिए $500 मिलियन का समझौता किया है.

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चीन के लिए कैसे है ‘लाइफलाइन’?

चीन का इस इलाके में बहुत कुछ दांव पर लगा है. बलूचिस्तान उसका सबसे बड़ा प्रोजेक्ट CPEC का मुख्य हिस्सा है. चीन इस रास्ते का इस्तेमाल मिडिल ईस्ट से आने वाले तेल और गैस को अपने देश तक पहुंचाने के लिए करना चाहता है.

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अभी चीन को सामान लाने के लिए ‘मलक्का जलडमरूमध्य’ के लंबे रास्ते से जाना पड़ता है. बलूचिस्तान के जरिए चीन का यह रास्ता काफी छोटा और सुरक्षित हो जाएगा. यह रास्ता सीधे अरब सागर के ग्वादर पोर्ट से शुरू होकर बलूचिस्तान के जरिए चीन के शिनजियांग प्रांत तक जाता है.

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लेखक के बारे में

Arif Khan

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आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.
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